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युवाओं को संवेदनशील बनाता है साहित्य : प्राचार्य
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ब्लॉक प्रमुख संध्या पटेल को सम्मानित करते प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत दुबे। स्रोत: शिक्षक
बेहटामुजावर। रसूलपुर रूरी स्थित श्री विश्वंभर दयालु त्रिपाठी राजकीय महाविद्यालय में हिंदी एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण विषय पर गोष्ठी और स्वरचित काव्यपाठ प्रतियोगिता हुई। प्राचार्य ने कहा कि साहित्य युवाओं में संवेदनशीलता विकसित करता है।
वक्ताओं ने बताया कि महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर देना सशक्त समाज के निर्माण की आधारशिला है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, साहित्य, खेल और सामाजिक सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। आवश्यकता उनकी प्रतिभा को अवसर देने की है।
गोष्ठी के बाद हुई काव्यपाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम, नारी संघर्ष, सामाजिक विसंगतियों, युवा चेतना, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं पर स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कीं। हर्ष श्रीवास्तव, जितेंद्र, गीतेश पटेल, कौशिक द्विवेदी, आदर्श, आंचल सिंह, प्रतीक श्रीवास्तव और गुड़िया ने रचनाएं सुनाईं। प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत दुबे ने बताया कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ उनकी प्रतिभा के प्रदर्शन का मंच देना भी है। साहित्य युवाओं में संवेदनशीलता विकसित करता है। ब्लॉक प्रमुख संध्या पटेल, सरोज शुक्ला, पं. गया प्रसाद शुक्ला ‘निर्भीक’, डॉ. नवनीत कौर, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अनुराग रावत, डॉ. कुलदीप कुमार शुक्ला, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. पंकज कुमार मिश्रा समेत अन्य मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने बताया कि महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर देना सशक्त समाज के निर्माण की आधारशिला है। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, साहित्य, खेल और सामाजिक सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। आवश्यकता उनकी प्रतिभा को अवसर देने की है।
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गोष्ठी के बाद हुई काव्यपाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम, नारी संघर्ष, सामाजिक विसंगतियों, युवा चेतना, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं पर स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कीं। हर्ष श्रीवास्तव, जितेंद्र, गीतेश पटेल, कौशिक द्विवेदी, आदर्श, आंचल सिंह, प्रतीक श्रीवास्तव और गुड़िया ने रचनाएं सुनाईं। प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत दुबे ने बताया कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ उनकी प्रतिभा के प्रदर्शन का मंच देना भी है। साहित्य युवाओं में संवेदनशीलता विकसित करता है। ब्लॉक प्रमुख संध्या पटेल, सरोज शुक्ला, पं. गया प्रसाद शुक्ला ‘निर्भीक’, डॉ. नवनीत कौर, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अनुराग रावत, डॉ. कुलदीप कुमार शुक्ला, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. पंकज कुमार मिश्रा समेत अन्य मौजूद रहे।
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