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Unnao News: स्वाइन फ्लू...न जांच और न ही इलाज
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उन्नाव। मुख्यमंत्री के निशुल्क जांच निर्देशों के बावजूद जिले में स्वाइन फ्लू की जांच और इलाज के इंतजाम नहीं हैं। जांच न होने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। एक से दूसरे में फैलने वाले इस संक्रमण को पहचानने में लापरवाही भारी पड़ सकती है। जिले में अब तक छह मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इन मरीजों की जांच दूसरे जिलों के अस्पतालों में हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छह मरीजों में से दो दूसरे जनपद में रह रहे थे। अन्य चार मरीज नवाबगंज ब्लॉक, बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद और शहर के निवासी हैं। सभी मरीजों की जांच निजी अस्पतालों में हुई थी। निजी अस्पतालों ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी। हालांकि, जांच पुष्टि के बाद संपर्क अनुरेखण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई। छह मामले मिलने के बाद भी विभाग सरकारी अस्पतालों में जांच शुरू नहीं कर पाया है। अस्पतालों में अभी तक आरटीपीसीआर जांच किट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। निजी जांच केंद्रों में जांच कराने पर लोगों को 1500 से 4500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। संक्रामक रोग में समय पर जांच और उपचार आवश्यक होता है। जांच में देरी से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
हसनगंज के आदमपुर बरेठी गांव के एक युवक को लगातार सर्दी, जुकाम और बुखार था। उसे लखनऊ के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 31 अगस्त 2026 को जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। सुधार होने पर 2 सितंबर 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। सीएचसी अधीक्षक नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमित होने की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजी गई। टीम ने परिवार और आसपास के लोगों के नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ का दावा-आरटीपीसीआर जांच किट उपलब्ध
सीएमओ अजय कुमार शर्मा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच नहीं होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि जिले में आरटीपीसीआर जांच किट और दवाएं उपलब्ध हैं। सीएमओ ने नोडल अधिकारी और एसीएमओ से बात करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी समस्या होगी, उसे दूर कराया जाएगा। यह बयान जिले में जांच सुविधाओं की कमी की खबरों के विपरीत है।
सीएमओ और नोडल अफसर से मांगेंगे जवाब : पाठक
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार स्वाइन फ्लू और अन्य संक्रामक रोगों को लेकर गंभीर है। बारिश और बाढ़ के कारण संक्रमण फैलने के खतरे हैं। सभी जिलों के सीएमओ और प्रशासन को जांच-इलाज की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दवाओं और जांच सामग्री की कहीं कोई कमी नहीं है। उन्नाव में समस्या पर सीएमओ और नोडल अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन भी उपमुख्यमंत्री ने दिया।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छह मरीजों में से दो दूसरे जनपद में रह रहे थे। अन्य चार मरीज नवाबगंज ब्लॉक, बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद और शहर के निवासी हैं। सभी मरीजों की जांच निजी अस्पतालों में हुई थी। निजी अस्पतालों ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी। हालांकि, जांच पुष्टि के बाद संपर्क अनुरेखण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई। छह मामले मिलने के बाद भी विभाग सरकारी अस्पतालों में जांच शुरू नहीं कर पाया है। अस्पतालों में अभी तक आरटीपीसीआर जांच किट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। निजी जांच केंद्रों में जांच कराने पर लोगों को 1500 से 4500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। संक्रामक रोग में समय पर जांच और उपचार आवश्यक होता है। जांच में देरी से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
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गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
हसनगंज के आदमपुर बरेठी गांव के एक युवक को लगातार सर्दी, जुकाम और बुखार था। उसे लखनऊ के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 31 अगस्त 2026 को जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। सुधार होने पर 2 सितंबर 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। सीएचसी अधीक्षक नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमित होने की रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजी गई। टीम ने परिवार और आसपास के लोगों के नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ का दावा-आरटीपीसीआर जांच किट उपलब्ध
सीएमओ अजय कुमार शर्मा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच नहीं होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि जिले में आरटीपीसीआर जांच किट और दवाएं उपलब्ध हैं। सीएमओ ने नोडल अधिकारी और एसीएमओ से बात करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी समस्या होगी, उसे दूर कराया जाएगा। यह बयान जिले में जांच सुविधाओं की कमी की खबरों के विपरीत है।
सीएमओ और नोडल अफसर से मांगेंगे जवाब : पाठक
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार स्वाइन फ्लू और अन्य संक्रामक रोगों को लेकर गंभीर है। बारिश और बाढ़ के कारण संक्रमण फैलने के खतरे हैं। सभी जिलों के सीएमओ और प्रशासन को जांच-इलाज की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दवाओं और जांच सामग्री की कहीं कोई कमी नहीं है। उन्नाव में समस्या पर सीएमओ और नोडल अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन भी उपमुख्यमंत्री ने दिया।