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Unnao News: ‘शू टेक-2025’ में 500 करोड़ के व्यापारिक अनुबंध
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फोटो-21- प्रदर्शनी देखते उद्यमी। संवाद
अचलगंज। बंथर स्थित केएलसी कांप्लेक्स में आयाेजित दो दिवसीय ‘शू टेक कानपुर-2025’ का बृहस्पतिवार समापन हो गया। दूसरे दिन भी शू टेक में चर्म उद्योग से जुड़े उद्यमियों की भीड़ रही। आयोजकों के मुताबिक इस दौरान 500 रुपये से अधिक के व्यापारिक अनुबंध भी हुए।
शू टेक के दो दिवसीय आयोजन में दिल्ली, आगरा, चेन्नई, गुरुग्राम, बंगलूरू समेत विभिन्न राज्यों के 80 से अधिक फुटवियर कंपोनेंट और मशीनरी निर्माताओं और विक्रेताओं सहित लगभग दो हजार उद्यमियों ने हिस्सा लिया। आयोजक शरद कांत वर्मा ने बताया कि कानपुर में शूटेक का यह पंद्रहवां आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य चर्म उत्पाद में प्रयुक्त सामग्री के विक्रेताओं व निर्माताओं को एक ही छत के नीचे इकट्ठा करना है जिससे निर्माण में प्रयुक्त होने वाले मैटेरियल विक्रेताओं या उत्पादकों से व्यापारिक संबंध बन सकें और अपनी जरूरतों की चीजें का आदान-प्रदान कर सकें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी दो दिनों में मिला कर उद्यमियों के बीच लगभग पांच सौ पचास करोड़ रुपये के व्यापारिक अनुबंध हुए हैं, जो चर्म उद्योग के लिए अच्छे संकेत हैं ।
खूब पसंद किया रायबरेली का नक्काशीदार जूता
रायबरेली के डिजाइन डेवलपमेट इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार नक्काशीदार जूता लोगों की पहली पसंद बना। संस्थान के अधिकारी वरुण गुप्ता ने बताया कि जिस तरह लकड़ी पर बारीक नक्काशी करके कोई वस्तु तैयार की जाती है, उसी तरह प्रयोग हमारे यहां चमड़े पर किया गया। जूते के ऊपरी भाग में प्रयुक्त होने वाले चमड़े पर पहले मशीन द्वारा डिजाइन तैयार किया जाता है। जिसे कारीगर छोटे-छोटे औजारों के जरिए फिनिश देकर आकर्षक बना देते है। देश के अलावा विदेशों से भी इसकी खूब मांग है।
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शू टेक के दो दिवसीय आयोजन में दिल्ली, आगरा, चेन्नई, गुरुग्राम, बंगलूरू समेत विभिन्न राज्यों के 80 से अधिक फुटवियर कंपोनेंट और मशीनरी निर्माताओं और विक्रेताओं सहित लगभग दो हजार उद्यमियों ने हिस्सा लिया। आयोजक शरद कांत वर्मा ने बताया कि कानपुर में शूटेक का यह पंद्रहवां आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य चर्म उत्पाद में प्रयुक्त सामग्री के विक्रेताओं व निर्माताओं को एक ही छत के नीचे इकट्ठा करना है जिससे निर्माण में प्रयुक्त होने वाले मैटेरियल विक्रेताओं या उत्पादकों से व्यापारिक संबंध बन सकें और अपनी जरूरतों की चीजें का आदान-प्रदान कर सकें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी दो दिनों में मिला कर उद्यमियों के बीच लगभग पांच सौ पचास करोड़ रुपये के व्यापारिक अनुबंध हुए हैं, जो चर्म उद्योग के लिए अच्छे संकेत हैं ।
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खूब पसंद किया रायबरेली का नक्काशीदार जूता
रायबरेली के डिजाइन डेवलपमेट इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार नक्काशीदार जूता लोगों की पहली पसंद बना। संस्थान के अधिकारी वरुण गुप्ता ने बताया कि जिस तरह लकड़ी पर बारीक नक्काशी करके कोई वस्तु तैयार की जाती है, उसी तरह प्रयोग हमारे यहां चमड़े पर किया गया। जूते के ऊपरी भाग में प्रयुक्त होने वाले चमड़े पर पहले मशीन द्वारा डिजाइन तैयार किया जाता है। जिसे कारीगर छोटे-छोटे औजारों के जरिए फिनिश देकर आकर्षक बना देते है। देश के अलावा विदेशों से भी इसकी खूब मांग है।

फोटो-21- प्रदर्शनी देखते उद्यमी। संवाद

फोटो-21- प्रदर्शनी देखते उद्यमी। संवाद
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