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Unnao News: लावारिस भर्ती मरीज बिना बताए निकला, अस्पताल के बाहर नाले में मिला शव
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फोटो-6- अस्पताल के पास नाले में शव मिलने पर जांच करती पुलिस। स्रोत: स्वास्थ्य कर्मी
उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है। रविवार की शाम लावारिस हालत में भर्ती कराया गया अधेड़ मरीज बिना बताए अस्पताल से चला गया। सोमवार की सुबह उसका शव अस्पताल के बाहर स्थित नाले में मिला। शव की पहचान न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली गेट के पास रविवार दोपहर करीब ढाई बजे 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति बीमार अवस्था में मिला था। 108 एंबुलेंस के ईएमटी हिमांशु ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को तेज बुखार और झटके आने की समस्या थी। उसका इलाज शुरू कर दिया गया। शाम करीब चार बजे तक मरीज को बेड पर देखा गया था। उसके बाद अचानक लापता हो गया। हैरानी की बात यह है कि मरीज के अस्पताल से चले जाने के बावजूद उसकी तलाश करने की जहमत नहीं उठाई गई। शाम 7:30 बजे उसकी फाइल बंद कर दी गई।
सुरक्षा पर उठते सवाल, जिम्मेदार का बयान
सोमवार सुबह अस्पताल के बाहर नाले में उसी अधेड़ का शव मिलने से हलचल मच गई। सूचना पर कोतवाल और अस्पताल चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे। शव को नाले से बाहर निकलवाकर पहचान का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस संबंध में सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि मरीज को झटके आ रहे थे और वह बार-बार भागने का प्रयास कर रहा था। ड्यूटी पर तैनात गार्ड माधव ने उसे तीन बार रोकने का प्रयास भी किया लेकिन वह कब निकल गया, इसका पता नहीं चल सका। उन्होंने कहा कि स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अज्ञात भर्ती मरीजों पर विशेष ध्यान दें।
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जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली गेट के पास रविवार दोपहर करीब ढाई बजे 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति बीमार अवस्था में मिला था। 108 एंबुलेंस के ईएमटी हिमांशु ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को तेज बुखार और झटके आने की समस्या थी। उसका इलाज शुरू कर दिया गया। शाम करीब चार बजे तक मरीज को बेड पर देखा गया था। उसके बाद अचानक लापता हो गया। हैरानी की बात यह है कि मरीज के अस्पताल से चले जाने के बावजूद उसकी तलाश करने की जहमत नहीं उठाई गई। शाम 7:30 बजे उसकी फाइल बंद कर दी गई।
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सुरक्षा पर उठते सवाल, जिम्मेदार का बयान
सोमवार सुबह अस्पताल के बाहर नाले में उसी अधेड़ का शव मिलने से हलचल मच गई। सूचना पर कोतवाल और अस्पताल चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे। शव को नाले से बाहर निकलवाकर पहचान का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस संबंध में सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि मरीज को झटके आ रहे थे और वह बार-बार भागने का प्रयास कर रहा था। ड्यूटी पर तैनात गार्ड माधव ने उसे तीन बार रोकने का प्रयास भी किया लेकिन वह कब निकल गया, इसका पता नहीं चल सका। उन्होंने कहा कि स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अज्ञात भर्ती मरीजों पर विशेष ध्यान दें।
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