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Unnao News: जमीन के विवाद में श्रमिक की कुल्हाड़ी से हत्या
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फोटो-28-श्रमिक की हत्या की घटना में जांच करते सीओ तेज बहादुर सिंह व एसओ कुंवर बहादुर सिंह। स्रो
उन्नाव। मौरावा थाना क्षेत्र के पारा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में पड़ोसी युवक और उसके पिता ने श्रमिक की कुल्हाड़ी से वारकर हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब इंद्रबहादुर गौतम (40) गांव की दुकान से सामान खरीदकर घर लौट रहे थे। भाई राकेशचंद्र की तहरीर पर हत्यारोपी पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, पारा गांव निवासी इंद्रबहादुर गौतम का पड़ोसी तेजबहादुर गौतम से घर के पास की एक बिस्वा जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना दावा कर रहे थे। हाल ही में तेजबहादुर ने उस जमीन पर पिलर भी बना दिए थे। भाई राकेशचंद्र ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर इंद्रबहादुर ने पिलर तोड़ दिए थे जिससे दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था।
शाम करीब छह बजे, इंद्रबहादुर गांव में लाला राजपूत की दुकान से बीड़ी और अन्य सामान खरीदकर घर जा रहे थे। रास्ते में तेजबहादुर और उसके पिता सोहनलाल ने उन्हें रोका और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान, तेजबहादुर ने इंद्रबहादुर के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद पिता-पुत्र मौके से भाग गए। परिजनों ने यूपी-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल इंद्रबहादुर को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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हत्या की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह और सीओ तेजबहादुर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों व परिजनों से घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि भाई राकेशचंद्र की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
यह भी सामने आया है कि पिलर तोड़ने की घटना के बाद आरोपी तेजबहादुर ने थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के लिए बाद में आने का आश्वासन दिया था लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसने अपने पिता के साथ मिलकर इंद्रबहादुर की हत्या कर दी।
इंद्र बहादुर की नहीं हुई थी शादी
इंद्रबहादुर गौतम की शादी नहीं हुई थी। चर्चा है कि कुछ समय पहले एक महिला को साथ लाया था लेकिन वह कुछ दिनों बाद छोड़कर चली गई थी। इंद्रबहादुर गौतम छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे। माता-पिता और दो भाइयों की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। छोटे भाई राकेशचंद्र ने बताया कि इंद्रबहादुर अक्सर गांव से बाहर रहकर मजदूरी करते थे।
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जानकारी के अनुसार, पारा गांव निवासी इंद्रबहादुर गौतम का पड़ोसी तेजबहादुर गौतम से घर के पास की एक बिस्वा जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना दावा कर रहे थे। हाल ही में तेजबहादुर ने उस जमीन पर पिलर भी बना दिए थे। भाई राकेशचंद्र ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर इंद्रबहादुर ने पिलर तोड़ दिए थे जिससे दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था।
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शाम करीब छह बजे, इंद्रबहादुर गांव में लाला राजपूत की दुकान से बीड़ी और अन्य सामान खरीदकर घर जा रहे थे। रास्ते में तेजबहादुर और उसके पिता सोहनलाल ने उन्हें रोका और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान, तेजबहादुर ने इंद्रबहादुर के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद पिता-पुत्र मौके से भाग गए। परिजनों ने यूपी-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल इंद्रबहादुर को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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हत्या की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह और सीओ तेजबहादुर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों व परिजनों से घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष ने बताया कि भाई राकेशचंद्र की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
यह भी सामने आया है कि पिलर तोड़ने की घटना के बाद आरोपी तेजबहादुर ने थाने पहुंचकर पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने जांच के लिए बाद में आने का आश्वासन दिया था लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसने अपने पिता के साथ मिलकर इंद्रबहादुर की हत्या कर दी।
इंद्र बहादुर की नहीं हुई थी शादी
इंद्रबहादुर गौतम की शादी नहीं हुई थी। चर्चा है कि कुछ समय पहले एक महिला को साथ लाया था लेकिन वह कुछ दिनों बाद छोड़कर चली गई थी। इंद्रबहादुर गौतम छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे। माता-पिता और दो भाइयों की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। छोटे भाई राकेशचंद्र ने बताया कि इंद्रबहादुर अक्सर गांव से बाहर रहकर मजदूरी करते थे।