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उन्नाव: हत्या कर प्लास्टिक के ड्रम में भरकर फेंका युवक का शव, कानपुर से लापता हुए बैंक कर्मी का निकला
Fri, 10 Sep 2021 05:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 10 Sep 2021 05:24 PM IST
सार
बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल का फोन सात सितंबर की रात दस बजे बंद हुआ था। तब उसकी लोकेशन नानाराव पार्क की थी। इसके बाद आगे की लोकेशन नहीं मिल सकी। यानी उसके बाद उसका मोबाइल ऑन नहीं हुआ।
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प्लास्टिक की टंकी में फेंका युवक का शव
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उन्नाव के दही थाना क्षेत्र में सराय कटियान गांव से 1 किमी दूर शारदा नहर की पुरवा ब्रांच के किनारे प्लास्टिक की टंकी में मिला 25 वर्षीय युवक का शव कानपुर से लापता हुए बैंक कर्मी का निकला। चाबियों के गुच्छे से उसकी पहचान हुई।
बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल का फोन सात सितंबर की रात दस बजे बंद हुआ था। तब उसकी लोकेशन नानाराव पार्क की थी। इसके बाद आगे की लोकेशन नहीं मिल सकी। यानी उसके बाद उसका मोबाइल ऑन नहीं हुआ। मोबाइल बरामद भी अभी तक नहीं हुआ। आशंका है कि हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद उसका मोबाइल लूट लिया और फेंक दिया। जिससे वह ट्रेस न हो सके।
पुलिस के मुताबिक रात करीब आठ बजे विशाल डॉ राजीव कक्कड़ के क्लीनिक पर पहुंचे थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह पास के एक मेडिकल स्टोर पर वह गए। यहां का एक सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला। तब रात के 8:26 बजे थे। इसके बाद से उसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है कि वह कहां गया और किसके साथ गया। पुलिस ने बताया कि मृतक की जेब में एक स्कूटी की चाबी मिली। जिसके गुच्छे में विशाल के माता-पिता की फोटो थी। जब मृतक के बहनोई ने उसको देखा तो तत्काल पहचान कर ली।
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रात आठ बजे की थी आखिरी कॉल, दोस्तों से पूछताछ
पुलिस ने जब विशाल के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली तो पता चला कि आखिरी रात आठ बजे की है। सूत्रों ने बताया कि ये कॉल विशाल के एक दोस्त की है। पुलिस ने उस दोस्त समेत दो से पूछताछ की है। हालांकि उसमें कुछ खास सुराग नहीं लगा। हत्याकांड में पुलिस को मृतक के किसी परिचित व करीबी पर ही शक है। सर्विलांस व क्राइम ब्रांच को भी वारदात के खुलासे के लिए लगाए गए हैं।
आशनाई या रंजिश में हत्या का शक
पुलिस अफसरों ने बताया कि कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिससे आशंका है कि विशाल की हत्या या तो आशनाई या फिर रंजिश में की गई। हालांकि जब जांच पूरी हो जाएगी तभी स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर विशाल की हत्या क्यों की गई। पुलिस ने जब परिजनों से बातचीत की तो उन्होंने किसी से रंजिश की बात नहीं बता सके।
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बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल का फोन सात सितंबर की रात दस बजे बंद हुआ था। तब उसकी लोकेशन नानाराव पार्क की थी। इसके बाद आगे की लोकेशन नहीं मिल सकी। यानी उसके बाद उसका मोबाइल ऑन नहीं हुआ। मोबाइल बरामद भी अभी तक नहीं हुआ। आशंका है कि हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद उसका मोबाइल लूट लिया और फेंक दिया। जिससे वह ट्रेस न हो सके।
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पुलिस के मुताबिक रात करीब आठ बजे विशाल डॉ राजीव कक्कड़ के क्लीनिक पर पहुंचे थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह पास के एक मेडिकल स्टोर पर वह गए। यहां का एक सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला। तब रात के 8:26 बजे थे। इसके बाद से उसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है कि वह कहां गया और किसके साथ गया। पुलिस ने बताया कि मृतक की जेब में एक स्कूटी की चाबी मिली। जिसके गुच्छे में विशाल के माता-पिता की फोटो थी। जब मृतक के बहनोई ने उसको देखा तो तत्काल पहचान कर ली।
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रात आठ बजे की थी आखिरी कॉल, दोस्तों से पूछताछ
पुलिस ने जब विशाल के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली तो पता चला कि आखिरी रात आठ बजे की है। सूत्रों ने बताया कि ये कॉल विशाल के एक दोस्त की है। पुलिस ने उस दोस्त समेत दो से पूछताछ की है। हालांकि उसमें कुछ खास सुराग नहीं लगा। हत्याकांड में पुलिस को मृतक के किसी परिचित व करीबी पर ही शक है। सर्विलांस व क्राइम ब्रांच को भी वारदात के खुलासे के लिए लगाए गए हैं।
आशनाई या रंजिश में हत्या का शक
पुलिस अफसरों ने बताया कि कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिससे आशंका है कि विशाल की हत्या या तो आशनाई या फिर रंजिश में की गई। हालांकि जब जांच पूरी हो जाएगी तभी स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर विशाल की हत्या क्यों की गई। पुलिस ने जब परिजनों से बातचीत की तो उन्होंने किसी से रंजिश की बात नहीं बता सके।