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तेज बुखार से किशोर समेत दो की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 24 Feb 2015 11:53 PM IST
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उन्नाव। अचलगंज व नवाबगंज में रहने वाले दो लोगों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिले हैं। इनमें से एक की कानपुर के रिजेंसी में मौत हो गई जबकि दूसरे ने अस्पताल जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया और उसने मृतकों के गांव में टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया। हालांकि मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों ने तेज बुखार से मौत होने की बात कही है। वहीं, एसीएमओ ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होने की बात कही है।
अचलगंज कस्बे में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद गुप्ता(58) पुत्र सूरज प्रसाद गुप्ता की मंगलवार सुबह तबियत अचानक बिगड़ गई। तेज बुखार आने पर परिजन पहले उन्हें लेकर कानपुर के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे। वहां डॉक्टरों की समझ में न आने पर उन्हें हैलट भेज दिया गया।
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हैलट के चिकित्सकों ने भी हाथ खड़े कर दिए और राजेंद्र को रेजेंसी के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान शाम को राजेंद्र प्रसाद ने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक प्राइवेट नर्सिंग होम में डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू बताया।
जबकि एसीएमओ एके त्रिपाठी का कहना है कि रेजेंसी से राजेंद्र के विषय में जानकारी ली गई थी। वहां के चिकित्सकों ने मौत तेज बुखार से होने की बात कही है। स्वाइन फ्लू नहीं पाया गया है। फिर भी मृतक के घर टीम भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो सकेगा।
वहीं, नवाबगंज के गांव नथईखेड़ा मे रहने वाले प्रकाश के 15 वर्षीय पुत्र अनुराग को मंगलवार की सुबह अचानक तेज बुखार आ गया। परिजन उसे लेकर सीएचसी आ रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। सीएचसी अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि तेज बुखार से मौत हुई है। बिना जांच के स्वाइन फ्लू नहीं कहा जा सकता।
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स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया और उसने मृतकों के गांव में टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया। हालांकि मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों ने तेज बुखार से मौत होने की बात कही है। वहीं, एसीएमओ ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होने की बात कही है।
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अचलगंज कस्बे में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद गुप्ता(58) पुत्र सूरज प्रसाद गुप्ता की मंगलवार सुबह तबियत अचानक बिगड़ गई। तेज बुखार आने पर परिजन पहले उन्हें लेकर कानपुर के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे। वहां डॉक्टरों की समझ में न आने पर उन्हें हैलट भेज दिया गया।
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हैलट के चिकित्सकों ने भी हाथ खड़े कर दिए और राजेंद्र को रेजेंसी के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान शाम को राजेंद्र प्रसाद ने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक प्राइवेट नर्सिंग होम में डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू बताया।
जबकि एसीएमओ एके त्रिपाठी का कहना है कि रेजेंसी से राजेंद्र के विषय में जानकारी ली गई थी। वहां के चिकित्सकों ने मौत तेज बुखार से होने की बात कही है। स्वाइन फ्लू नहीं पाया गया है। फिर भी मृतक के घर टीम भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो सकेगा।
वहीं, नवाबगंज के गांव नथईखेड़ा मे रहने वाले प्रकाश के 15 वर्षीय पुत्र अनुराग को मंगलवार की सुबह अचानक तेज बुखार आ गया। परिजन उसे लेकर सीएचसी आ रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। सीएचसी अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि तेज बुखार से मौत हुई है। बिना जांच के स्वाइन फ्लू नहीं कहा जा सकता।