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Unnao: 3.53 करोड़ से बनेंगी दो हाईटेक पौधशाला, किसानों की सुधरेगी आर्थिक स्थिति, मिलेंगे ये फायदे

Fri, 05 May 2023 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Updated Fri, 05 May 2023 11:52 PM IST
सार

जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार पौधशाला सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। योजना से पौधशालाओं से जुड़े किसानों के दिन बहुरेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी।

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Two hi-tech nurseries will be built with 3.53 crores, the economic condition of the farmers will improve
नर्सरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

उन्नाव जिले में किसान कम लागत से अधिक लाभ ले सकें। इसके लिए जिले में नई तकनीक से पौधरोपण किया जाएगा। जिले में 3.53 करोड़ से दो हाईटेक पौधशाला (नर्सरी) स्थापित की जाएंगी। इनमें फल और सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी।

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पौधशाला के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। हाइटेक पौधशाला का निर्माण उद्यान विभाग की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप इजराइली तकनीक के अनुसार किया जाएगा। नर्सरी का रखरखाव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से होगा।
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योजना के तहत स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों व आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार फल जैसे अनार, कटहल, नींबू, आम, अमरूद आदि व सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी। किसान इन पौधशालाओं से फल सब्जियों की पौध लेकर खुद की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगे।

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जिले में पौधशाला स्थापित करने के लिए दो स्थानों का चयन कर लिया गया है। इसमें विकासखंड हसनगंज के ग्राम धौरा में 1.72 करोड़ और हिलौली के गांव अकोहरी में 1.81 करोड़ से फलों व चयनित सब्जियों को उगाने के लिए दो नर्सरी तैयार की जाएंगी।

एक नर्सरी स्थापित करने के लिए चार हेक्टेयर तक की भूमि की जरूरत पड़ेगी। नर्सरी में पौध व उन्नतशील बीज उद्यान विभाग उपलब्ध कराएगा। इस नर्सरी के लिए उद्यान विभाग के अनुसार एक से चार हेक्टेयर का क्षेत्रफल जरूरी है। नर्सरी से हर वर्ष औसतन 15 लाख शाक-भाजी, फल, औषधीय आदि पौधों का उत्पादन किया जा सकेगा।

नर्सरियों में नेट हाउस, सिंचाई सुविधा, हाईटेक ग्रीन हाउस आदि सुविधाएं दी जाएंगी। नर्सरी में उत्पादित पौधों की बिक्री स्थानीय स्तर पर इच्छुक किसानों, क्षेत्रीय स्तर पर कृषक उत्पादन संगठनों (एफपीओ), राज्य स्तर पर अन्य प्राइवेट नर्सरियों व राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न राज्य सरकारों के पौधरोपण के लिए के साथ अन्य प्रांतों के किसानों व संगठनों को की जा सकेगी।

योजना से पौधों की नर्सरी स्थापित कर लोगों को खुद का रोजगार स्थापित करने के बड़े अवसर मिलेंगे। जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार पौधशाला सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। योजना से पौधशालाओं से जुड़े किसानों के दिन बहुरेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। जिले में दो पौधशालाएं बनाई जाएंगी।

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