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सबसे सर्द दिन रहा गुरुवार

Fri, 22 Jan 2016 01:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Fri, 22 Jan 2016 01:24 AM IST
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Thursday was the coldest day

गुरुवार मौसम का सबसे सर्द दिन रहा। न्यूनतम पारा काफी नीचे चला गया, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से जूझना पड़ा। हाड़ कपाऊ ठंड से लोगों के हाड़ कांप गए। दिन में चली बर्फीली हवाओं ने गलन में खासा इजाफा हुआ।

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इससे लोगों की हाथ-पैर की उंगलियों सुन्न हो गईं। अधिकतम तापमान में खासी गिरावट देखी गई। राहगीरों ने जहां भी आग जलते देखी। वहीं पर रुककर हाथ पैर सेंके और खुद को गर्म किया।
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मंगलवार को हुई बारिश के बाद बुधवार को तेज धूप निकलने से लोग इस बात की संभावना जताने लगे थे कि शायद अब ठंड नहीं पड़ेगी, लेकिन गुरुवार को बदले मौसम ने लोगों को अपनी राय बदलने को मजबूर कर दिया।
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पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे सूर्यदेवता के दर्शन नहीं हुए। इससे मौसम खतरनाक हो गया। धूप न निकलने से मौसम ने फिर करवट बदली और ठंड बढ़ गई।


जानकारों की मानें तो बुधवार रात और गुरुवार का दिन सबसे सर्द रहा। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी बीच बर्फीली हवाएं चलने लगीं। सूरज भी बादलों की ओट में ही दुबका रहा। इससे धूप नहीं निकल सकी। सुबह के समय दिन का अधिकतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।



बर्फीली हवाओं ने गलन में इजाफा कर दिया, जिससे लोगों की उंगलियों ने भी काम करना बंद कर दिया। दिन में भी लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले।

 
ठंड का आलम यह रहा कि जिसको जहां भी आग जलते दिखी। वहीं पर रुककर खुद को गर्म करने से न रोक सका। ग्रामीण इलाकों में लोग आग जलाए हाथ पैर सेंकते रहे। बुजुर्ग व बच्चे ब्लोअर के आसपास ही बैठे रहे। जैसे ही शाम ढली, वैसे ही ठंड का प्रकोप अचानक और बढ़ गया। लोग भी जल्दी ही काम निपटाकर घर पहुंच गए।


सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति काफी कम रही, जो कर्मचारी पहुंचे भी वह ठंड के चलते काम नहीं कर सके। दोपहर को ही कर्मचारी घरों को रवाना हो गए।

 

दिनभर छाई रही कोहरे की धुंध- दिनभर कोहरे की धुंध छाई रही। बुधवार देर रात कोहरा काफी बढ़ गया था। इससे दृश्यता शून्य हो गई। दिन में भी वाहन सवारों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। ट्रेनों की लाइटें दिन में जलती दिखीं। बाजार, अस्पताल, स्टेशन व सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा सा दिखा।



सड़क पर चलने वाले राहगीर अलाव ढूढ़ते रहे। बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।



ट्रेनों का बिगड़ा संचालन- कोहरे से ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बिगड़ गया है। रात को जाने वाली गाड़ियां दोपहर बाद तक नहीं पहुंच रही हैं। गुरुवार को कई ट्रेनें निर्धारित समय से 10 से 12 घंटे लेट रहीं। ट्रेनों की लेटलतीफी से बेहाल कई यात्रियों ने टिकटें वापस कर दीं।



कैफियत एक्सप्रेस 10 घंटे, ग्वालियर-बरौनी व एलएमटी छह घंटे, नीलांचल पांच घंटे, कोचीन एक्सप्रेस व प्रतापगढ़ इंटरसिटी और राप्ती सागर चार घंटे, वरुणा एक्सप्रेस तीन घंटे समेत पुष्पक एक्सप्रेस तीन घंटे से अधिक तक लेट रहीं।

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