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Unnao News: तीन फीडरों की ट्राली जली, 170 गांवों की बिजली गुल
Fri, 15 Sep 2023 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 15 Sep 2023 12:47 AM IST
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फोटो-19 व 20
-बुधवार शाम सात बजे गुल हुई बिजली गुरुवार देर शाम बहाल हो सकी
-रात भर बिजली न आने से परेशान रही दो लाख की आबादी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरवा। स्थानीय उपकेंद्र के तीन फीडरों की ट्राली जलने से 170 गांवों की बिजली गुल हो गई। बुधवार शाम से ठप हुई आपूर्ति गुरुवार शाम बहाल हो सकी। वहीं रात और दूसरे दिन सुबह व दोपहर बिजली न आने से दो लाख की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद नई ट्राली बदलवाकर आपूर्ति सामान्य कराई।
मौरावां पावर हाउस से 33।11 केवी पुरवा उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति होती है। बुधवार शाम करीब सात बजे पुरवा उपकेंद्र के मंगतखेड़ा फीडर में लगी ट्राली से चिंगारी उठने लगी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ट्राली धूं-धूंकर जलने लगी। उपकेंद्र में मौजूद एसएसओ ने बाल्टियों में भरी बालू से आग को बुझाने का प्रयास किया।
हालांकि आग बुझने के स्थान पर बढ़ने लगी और नजदीक लगे दूसरे बेहटा फीडर को चपेट में ले लिया। यही नहीं आग की चपेट में चमियानी फीडर भी आ गया। यह देख एसएसओ ने तुरंत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी और उच्चाधिकारियों व अग्निशमन विभाग को सूचना दी। दमकल पहुंची और आग पर काबू पाया। आग लगने की जानकारी पर रात में ही एक्सईएन योगेंद्र चतुर्वेदी, एसडीओ अनिल वर्मा व जेई अशोक पाल मौके पर पहुंचे। पूरी तरह से जल चुकी ट्रालियों को दोबारा चालू नहीं किया जा सका। इससे इन फीडरों से जुड़े 170 गांवों की बिजली गुल रही। रात भर बिजली न आने से दो लाख लोग परेशान रहे।
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इंसेट
नए ट्राली पैनल लगवाए गए
गुरुवार को शहर स्थित स्टोर से तीन नए ट्राली पैनल मंगवाए गए। टेस्टिंग टीम सहायक अभियंता मीटर सुरेश कुमार, अवर अभियंता मीटर अशोक कुमार ने अधिकारियों की मौजूदगी में बदलने का काम शुरू किया। एसडीओ अनिल वर्मा ने बताया कि चमियानी फीडर को तो दोपहर 2.30 बजे चालू कर दिया गया। जबकि मंगतखेड़ा व बेहटा फीडर देरशाम दुरुस्त कर दिया गया।
इंसेट
छह साल पहले लगी थी ट्राली
पुरवा उपकेंद्र में मंगतखेड़ा ट्राली वर्ष 2017 में लगी थी। इससे क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति होती है। ट्राली काफी पुरानी हो गई थी। इसी कारण आए दिन फाल्ट से क्षेत्र की बिजली सप्लाई बाधित रहती थी। इसको बदलने की लंबे समय से मांग की जा रही थी लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा था। आखिरकार ट्राली में आग लग गई। जानकारों का कहना है कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। अगर लपटें पावर ट्रांसफार्मर तक पहुंच जातीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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इन गांवों की गुल रही बिजली
बाजीखेड़ा, गदोरवा, भूलेमऊ, पंसरिया, हिंदपालखेड़ा, मिर्जापुर सुम्हारी, बैगांव, मंगतखेड़ा, मझखोरिया, अतरसई, बचरौली, डकऊवा, रायपुर, ऊंचगांव सानी, पासाखेड़ा, लालाखेड़ा, गाेकुलपुर, नवांव, अटवा, हिम्मतखेड़ा, तूरी छविनाथ आदि।
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-बुधवार शाम सात बजे गुल हुई बिजली गुरुवार देर शाम बहाल हो सकी
-रात भर बिजली न आने से परेशान रही दो लाख की आबादी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरवा। स्थानीय उपकेंद्र के तीन फीडरों की ट्राली जलने से 170 गांवों की बिजली गुल हो गई। बुधवार शाम से ठप हुई आपूर्ति गुरुवार शाम बहाल हो सकी। वहीं रात और दूसरे दिन सुबह व दोपहर बिजली न आने से दो लाख की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद नई ट्राली बदलवाकर आपूर्ति सामान्य कराई।
मौरावां पावर हाउस से 33।11 केवी पुरवा उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति होती है। बुधवार शाम करीब सात बजे पुरवा उपकेंद्र के मंगतखेड़ा फीडर में लगी ट्राली से चिंगारी उठने लगी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ट्राली धूं-धूंकर जलने लगी। उपकेंद्र में मौजूद एसएसओ ने बाल्टियों में भरी बालू से आग को बुझाने का प्रयास किया।
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हालांकि आग बुझने के स्थान पर बढ़ने लगी और नजदीक लगे दूसरे बेहटा फीडर को चपेट में ले लिया। यही नहीं आग की चपेट में चमियानी फीडर भी आ गया। यह देख एसएसओ ने तुरंत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी और उच्चाधिकारियों व अग्निशमन विभाग को सूचना दी। दमकल पहुंची और आग पर काबू पाया। आग लगने की जानकारी पर रात में ही एक्सईएन योगेंद्र चतुर्वेदी, एसडीओ अनिल वर्मा व जेई अशोक पाल मौके पर पहुंचे। पूरी तरह से जल चुकी ट्रालियों को दोबारा चालू नहीं किया जा सका। इससे इन फीडरों से जुड़े 170 गांवों की बिजली गुल रही। रात भर बिजली न आने से दो लाख लोग परेशान रहे।
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नए ट्राली पैनल लगवाए गए
गुरुवार को शहर स्थित स्टोर से तीन नए ट्राली पैनल मंगवाए गए। टेस्टिंग टीम सहायक अभियंता मीटर सुरेश कुमार, अवर अभियंता मीटर अशोक कुमार ने अधिकारियों की मौजूदगी में बदलने का काम शुरू किया। एसडीओ अनिल वर्मा ने बताया कि चमियानी फीडर को तो दोपहर 2.30 बजे चालू कर दिया गया। जबकि मंगतखेड़ा व बेहटा फीडर देरशाम दुरुस्त कर दिया गया।
इंसेट
छह साल पहले लगी थी ट्राली
पुरवा उपकेंद्र में मंगतखेड़ा ट्राली वर्ष 2017 में लगी थी। इससे क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति होती है। ट्राली काफी पुरानी हो गई थी। इसी कारण आए दिन फाल्ट से क्षेत्र की बिजली सप्लाई बाधित रहती थी। इसको बदलने की लंबे समय से मांग की जा रही थी लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा था। आखिरकार ट्राली में आग लग गई। जानकारों का कहना है कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। अगर लपटें पावर ट्रांसफार्मर तक पहुंच जातीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इन गांवों की गुल रही बिजली
बाजीखेड़ा, गदोरवा, भूलेमऊ, पंसरिया, हिंदपालखेड़ा, मिर्जापुर सुम्हारी, बैगांव, मंगतखेड़ा, मझखोरिया, अतरसई, बचरौली, डकऊवा, रायपुर, ऊंचगांव सानी, पासाखेड़ा, लालाखेड़ा, गाेकुलपुर, नवांव, अटवा, हिम्मतखेड़ा, तूरी छविनाथ आदि।