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जर्जर ट्रैक व ओवरलोडिंग बनी कारण
अमर उजाला ब्यूरो उन्नाव
Updated Sat, 14 Jan 2017 12:21 AM IST
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railway station
- फोटो : अमर उजाला
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गंगाघाट रेलवे स्टेशन से मात्र दो किमी की दूरी पर छमकनाली के पास कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग के डाउन ट्रैक पर गुरुवार शाम मालगाड़ी डिरेल होकर पलट गई थी। शुरुआती जांच में तो इसका कारण खुलकर सामने नहीं आ सका लेकिन घटना के 24 घंटे बीतते ही धीरे-धीरे स्थिति साफ होने लगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो जो जो मालगाड़ी डिरेल हुई थी उसमें 52 बोगियां जुड़ी हुई थीं। इसमें अधिकतर में खाद्य सामग्री लदी थी और कुछ में टाइल्स की पेटियां थीं। जिनका वजन ट्रैक की क्षमता से काफी अधिक था। अफसरों की मानें तो डाउन ट्रैक इस वजन को झेल नहीं सका और जैसे ही टाइल्स वाली बोगी कमजोर ट्रैक पर पड़ी वह टूट गया। ट्रैक के टूटते ही एक के बाद एक बोगियां डिरेल होने लगीं और देखते ही देखते 10 बोगियां पलट र्गइं। हादसे के तुरंत बाद अंधेरा होने से इसका सही कारण स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन शुक्रवार को सुबह शुरू हुए मरम्मतीकरण कार्य के गति पकड़ते ही स्थिति साफ होती गई।
अफसरोें का इंकार भी नहीं और स्वीकार भी नहीं
लखनऊ मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर एके लाहोटी ने ट्रेन के डिरेल होने का कारण स्पष्ट न करते हुए कहा कि जांच चल रही है जल्द ही कारण पता चल जाएगा। उन्होंने ट्रेन में ओवरलोडिंग होने की बात से इंकार नहीं करते हुए कहा कि हो सकता है कि ट्रैक कहीं पर कमजोर रहा हो और अधिक लोड पड़ने पर इसमें फ्रैक्चर आ गया हो। बोले, जो भी होगा जांच में सामने आ जाएगा।
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ओएचई हुई क्लियर, ट्रैक से हटे मालगाड़ी के डिब्बे
डाउन लाइन पर ट्रेन के पलटते समय बुरी तरह से खिंच गई ओएचई लाइन की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया। इसकी चेकिंग के बाद अधिकारियों ने इसे ओके कर दिया। वहीं ट्रैक पर पलटे मालगाड़ी के वैगनों को भी ट्रैक से हटाने का काम पूरा कर लिया गया। विभागीय अधिकारी/कर्मचारी अब टूटे ट्रैक को दुरुस्त करने में लगे हैं।
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चार एक्सप्रेस ट्रेनें हुई कैंसिल
कानपुर से उन्नाव के बीच डाउन लाइन बाधित होने से झांसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस, टाटा छपरा एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया। अप लाइन की ट्रेन राप्ती सागर को करीब डेढ़ घंटे तक उन्नाव जंक्शन पर रोकने के बाद कानपुर की ओर रवाना किया गया। वहीं लखनऊ-कानपुर मेमू संख्या 64209 को लखनऊ से उन्नाव के बीच चलाया गया।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी, ठिठुरते बीती रात
ट्रेनों के अनिश्चितकाल के लिए लेट होने और कई के रद्द होने से रेल यात्रियों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। पहले से ही रद्द चल रही कई एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के बाद गुरुवार के हुए ट्रेन हादसे ने ट्रेनों की स्थिति और भी बदतर कर दी है। गुरुवार शाम को आने वाली ट्रेनें शुक्रवार शाम तक भी नहीं पहुंच सकीं। इससे दर्जनों रेल यात्री परिवार सहित स्टेशन पर ही रात गुजारने को मजबूर रहे। वहीं बड़ी संख्या में यात्री अन्य साधनों से अपने गंतव्य को रवाना हुए।