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सोशल मीडिया की होगी निगरानी, सीओ नोडल अधिकारी
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उन्नाव। आयोग की ओर से प्रचार में लगाई गईं पाबंदियों के बीच नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया को हथियार बनाएंगे। सोशल मीडिया पर कुछ लोग भड़काऊ पोस्ट डालकर बवाल कराने तो कुछ धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास भी कर सकते हैं। इन सब पर शिकंजा कसने के लिए डीजीपी के आदेश पर निगरानी दल बनाया गया है। जो सीओ के नेतृत्व में सोशल मीडिया पर नजर रखेगा।
चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखनी शुरू कर दी है। किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी पर नजर रखने के लिए सीओ सोनम सिंह को नोडल बनाया गया है। सर्विलांस के अलावा साइबर व पुलिस की सोशल मीडिया टीम सीओ के नेतृत्व में सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर नजर रखेगी। कोई भी मामला प्रकाश में आने पर टीम आरोपी को पकड़ने के लिए संबंधित थाना को सूचना देगी।
एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जानकारी कोई भी व्यक्ति सीधे उन्हें या थाना पुलिस को दे सकता है। बताया कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से माहौल खराब होने का अंदेशा रहता है। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। बताया कि सभी थानेदार, चौकी प्रभारी और बीट सिपाही भी अपना ग्रुप बनाकर ऐसी भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखेंगे।
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ऐसे नजर रखेगी पुलिस की टीम
सोशल मीडिया पर की राजनीतिक दृष्टि से की जाने वाली आपत्तिजनक, धार्मिक पोस्ट की निगरानी की जाएगी। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सअप और यू ट्यूब पर डाली गई पोस्ट, वीडियो, फोटो पर पुलिस टीम नजर रखेगी। शिकायतकर्ता किसी मामले की जानकारी टेक्स्ट मैसेज, वीडियो क्लिप और स्क्रीनशॉट के जरिए भेज सकते हैं। किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और दुष्प्रचार करने पर रिपोर्ट दर्ज कर दोषी को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने उन लोगों की सूची तैयार की है, जो सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय हैं।
धार्मिक उन्माद फैलाने वाले पोस्ट से बचें, पोस्ट शेयर करने और कमेंट करने पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी।
चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी न करें किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट न करें। यदि पोस्ट आया तो उसे आगे न बढ़ाएं। आपत्तिजनक पोस्ट की सूचना थाना, पुलिस चौकी पर दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखनी शुरू कर दी है। किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी पर नजर रखने के लिए सीओ सोनम सिंह को नोडल बनाया गया है। सर्विलांस के अलावा साइबर व पुलिस की सोशल मीडिया टीम सीओ के नेतृत्व में सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर नजर रखेगी। कोई भी मामला प्रकाश में आने पर टीम आरोपी को पकड़ने के लिए संबंधित थाना को सूचना देगी।
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एसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जानकारी कोई भी व्यक्ति सीधे उन्हें या थाना पुलिस को दे सकता है। बताया कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से माहौल खराब होने का अंदेशा रहता है। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। बताया कि सभी थानेदार, चौकी प्रभारी और बीट सिपाही भी अपना ग्रुप बनाकर ऐसी भड़काऊ पोस्ट पर नजर रखेंगे।
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ऐसे नजर रखेगी पुलिस की टीम
सोशल मीडिया पर की राजनीतिक दृष्टि से की जाने वाली आपत्तिजनक, धार्मिक पोस्ट की निगरानी की जाएगी। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सअप और यू ट्यूब पर डाली गई पोस्ट, वीडियो, फोटो पर पुलिस टीम नजर रखेगी। शिकायतकर्ता किसी मामले की जानकारी टेक्स्ट मैसेज, वीडियो क्लिप और स्क्रीनशॉट के जरिए भेज सकते हैं। किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और दुष्प्रचार करने पर रिपोर्ट दर्ज कर दोषी को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने उन लोगों की सूची तैयार की है, जो सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय हैं।
धार्मिक उन्माद फैलाने वाले पोस्ट से बचें, पोस्ट शेयर करने और कमेंट करने पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी।
चुनाव को देखते हुए सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी न करें किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट न करें। यदि पोस्ट आया तो उसे आगे न बढ़ाएं। आपत्तिजनक पोस्ट की सूचना थाना, पुलिस चौकी पर दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।