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Unnao News: सिपाही की पिस्टल छीन कर भागे बदमाश, मुठभेड़ में दोनों को लगी गोली

Sun, 15 Sep 2024 01:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2024 01:44 AM IST
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The miscreants ran away after snatching the constable's pistol, both got shot in the encounter
बांगरमऊ (उन्नाव)। कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात ट्रांसपोर्टर के घर डकैती की घटना में पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और पांच अज्ञात बदमाशों पर डकैती, अपहरण के प्रयास और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की है। शनिवार सुबह पकड़े गए दो बदमाशों को साथ लेकर पुलिस झाड़ी में फेंके गए लूट रुपये बरामद करने पहुंची। इस दौरान एक बदमाश ने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने का प्रयास किया। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी है।
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बांगरमऊ कोतवाली के पंचूपुरवा गांव निवासी ट्रांसपोर्टर प्रियांशु गुप्ता के घर को शुक्रवार रात साथ सात लुटेरों ने धावा बोला था। घटना उस समय हुई जब बिजली न आने की वजह से प्रियांशु की पत्नी पूनम अपने बच्चों उत्कर्ष, उन्नति, उत्भव के साथ घर के बाहर बैठी थीं। वहीं पर पड़ोसी सूरज बैठा था। इस दौरान पहुंचे बदमाशों ने सभी को बंधक बनाकर जेवर-नकदी लूट ली थी। पीड़िता पूनम के मुताबिक, लुटेरे डेढ़ लाख रुपये और 20 लाख के जेवर बदमाश लूटकर ले गए।
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बदमाशों ने बच्चों का अपहरण करने का भी प्रयास किया था। शोर सुनकर गांव के लोगों ने दो बदमाशों को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था। पूछताछ में एक ने अपना नाम अंशु पाल निवासी न्यू कटरा और अभिषेक निवासी पन्नी टोला बताया। दोनों पहले भी लूट की घटनाओं में जेल जा चुके हैं। लुटेरों ने लूटे गए रुपये, घर से 500 मीटर दूर जंगल में फेंकने की बात बताई। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे पुलिस दोनों को जीप से उस जंगल में लेकर गई, जहां रुमाल में लपेट कर 15 हजार रुपये फेंकने की बात बदमाशों ने बताई थी।
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रुपये तलाशने के दौरान अंशू पाल ने एक सिपाही की पिस्टल छीन ली। पुलिस टीम पर गोली चलाने की धमकी देते हुए दोनों ने भागने का प्रयास किया। सीओ अरविंद चौरसिया के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान पुलिस को गोली चलानी पड़ी और गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी। दोनों का सीएचसी में इलाज चल रहा है। मुठभेड़ की सूचना पर एसपी दीपक भूकर ने मुठभेड़ वाले स्थान का निरीक्षण किया।
इसके बाद कोतवाली पहुंचे और घटना की समीक्षा की। शुक्रवार रात घटना के बाद कोतवाली से चार किलोमीटर दूर घटनास्थल पहुंचने में आधे घंटे से अधिक देरी, कस्बे में गश्त न होने से डकैतों की घेराबंदी न हो पाने से कोतवाल राजकुमार को निलंबित कर दिया। एसपी ने एसपी दक्षिणी प्रेमचंद और सीओ अरविंद कुमार को इस घटना में शामिल रहे डकैतों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और माल बरामद करने के निर्देश दिए हैं।



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पीड़िता ने पहले 15 हजार रुपये लूट की बात कही, तहरीर में डेढ़ लाख



ट्रांसपोर्टर की पत्नी पूनम गुप्ता की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में डेढ़ लाख रुपये और 20 लाख के जेवर लूटने की बात लिखी है। हालांकि उन्होंने घटना के बाद पुलिस को दिए बयान में 10 से 15 हजार रुपये और और करीब पांच लाख के जेवर की लूट होने की बात बताई थी। हालांकि उनका कहना था कि पति के लौट कर आने के बाद वह रकम और जेवर व उनकी कीमत की सही जानकारी दे पाने की बात बताई थी। पीड़िता के मुताबिक वह जेवर घर में नहीं रखती थीं। बांगरमऊ कस्बे में उनका पुराना मकान है। जहां सास, ससुर और देवर व अन्य परिजन रहते हैं। जेवर वहीं रखे रहते हैं। पूनम के मुताबिक, कुछ दिन पहले एक रिश्तेदार के यहां कार्यक्रम में जाना था इसलिए वह पुराने घर से जेवर लेकर आई थीं। पति के मथुरा में होने से जेवर वापस रखने नहीं जा पाईं।

पुलिस को किसी नजदीकी पर शक
पुलिस को शक है कि 21.50 लाख की डकैती की इस घटना में किसी नजदीकी का हाथ है। वह या तो डकैती में शामिल रहा है या फिर उसने मुखबिरी की है। पुलिस को शक है कि जेवर घर में रखे होनें और गृहस्वामी के मथुरा में होने व उनकी पत्नी के घर में अकेले होने की जानकारी थी। इसी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।

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चार दिन से चरमराई थी बिजली आपूर्ति

डकैती की घटना के बाद शुक्रवार रात 12:30 बजे बरसाना से लौटे ट्रांसपोर्टर रवि गुप्ता ने बताया कि 11 सितंबर को हुई बारिश और आंधी के बाद से गांव की बिजली आपूर्ति काफी गड़बड़ाई थी। आवाजाही के कारण इन्वर्टर भी चार्ज नहीं था, इसलिए रात करीब नौ बजे पत्नी घर के बाहर बरामदे में बैठी थीं। बताया कि पड़ोसी सूरज का घर उनके घर से 100 फीट की दूरी पर है। छह साल से रवि यहीं रह रहे हैं। जिन बदमाशों को पकड़ा गया है उनमें कोई उनका कर्मचारी, ड्राइवर भी नहीं रहा है। कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं है।
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ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में दबोच लिया, दिनदहाड़े पुलिस की पकड़ ढीली
उन्नाव। जिन बदमाशों को वारदात कर भागते समय 15-20 ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में घेरकर दबोच लिया, उन्हें पुलिस की टीम काबू में नहीं रख पाई। सवाल यह है कि बदमाशों ने पुलिस को जरा भी डर नहीं रहा और सिपाही से उसकी पिस्टल छीन ली और भागने की कोशिश की। पुलिस की यह कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही है। हालांकि बदमाशों के प्रति किसी को भी हमदर्दी भी नहीं है।
रात करीब नौ बजे बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर के घर में धावा बोला। करीब आधे घंटे में वारदात को अंजाम देकर भाग ही रहे थे तभी शोर-शराब सुनकर 10-15 ग्रामीण पहुंच गए और अलग-अलग दिशा में भाग रहे बदमाशों में दो को दबोच लिया। उनकी पिटाई की और पुलिस को सूचना। घटनास्थल कोतवाली से करीब चार किलोमीटर दूर है। पहले भीड़ की पिटाई और फिर रात भर पुलिस हिरासत में रहने के बाद जब सुबह इंस्पेक्टर, दरोगा, चार सिपाही दोनों को जीप में बैठाकर झाड़ी में फेंकी गई लूट की रकम बरामद करने के लिए ले गए। लेकिन डकैतों में पुलिस को जहा भी खौफ नहीं रहा, सिपाही की ही पिस्टल छीनकर भागने का दुस्साहस किया और जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में पुलिस ने गोली मार दी। पुलिस मुठभेड़ लोगों में चर्चा का विषय बनी है। (संवाद)

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चार्ज लेते ही एसपी का डकैती की घटना से सामना
नवागत एसपी दीपक भूकर ने शुक्रवार सुबह 10 बजे जिले की कमान संभाली और करीब 11 घंटे बाद ही बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में डकैती की वारदात हो गई। जिले में सात साल बाद डकैती की घटना को अंजाम देकर बदमाशों ने पुलिस को चुनौती दी। इससे पहले फरवरी 2017 में अजगैन कोतवाली के कुसुंभी गांव में फैक्टरी कर्मी के घर डकैती की घटना हुई थी और उससे पहले जून-2014 में सदर कोतवाली के मोहल्ला कब्बाखेड़ा में व्यापारी दिलीप के घर में रात दो बजे आठ बदमाशों ने धावा बोला था और दंपती व बच्चों को तमंचा लगाकर 80 हजार रुपये और करीब ढाई लाख के जेवर लूट ले गए थे। एसपी ने बताया कि अभियान चलाकर बमदाशों, लुटेरों व अन्य अपराधों में लिप्त असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एक ही गांव के मूल निवासी, गिरोह बनाकर करते हैं वारदात
डकैती की वारदात करने वाले बदमाश पहले भी लूट और चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। सभी बांगरमऊ कोतवाली के एक ही गांव के रहने वाले हैं। पकड़ा गया बदमाश अभिषेक बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र में लूट सहित कई घटनाओं में जेल जा चुका है। जबकि अंशू चोरी की घटनाओं में लिप्त रहा है। फरार चल रहे बदमाशों में दो संगीन अपराधों में लिप्त रहे हैं। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में ही बदमाश गिरोह बनाकर लूट, चोरी, छिनैती की वारदातों को अंजाम देते रहे। कोतवाली पुलिस इन्हें चिह्नित कर कोई अंकुश नहीं लगा पाई। पूछताछ में सामने आया है कि शुक्रवार रात को घटना के दौरान चार डकैत ट्रांसपोर्टर के घर में दाखिल हुए थे जबकि तीन बस्ती से कुछ दूर पर अलग-अलग स्थानों पर बाइक लेकर खड़े थे।
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