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Unnao News: कथावाचक के अपहरण और मारपीट का मुख्य आरोपी भेजा गया जेल
Mon, 13 Apr 2026 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:05 AM IST
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नवाबगंज। सोहरामऊ के रसूलपुर में कथावाचक को अगवा कर लखनऊ ले जाकर मारपीट करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के कुंजपुर निवासी कथावाचक अवधेश कुमार लोधी 30 मार्च को रसूलपुर गांव में कथा कहने आए थे। छह अप्रैल को कथा का समापन हो गया था। पीड़ित कथावाचक के अनुसार, कथा समापन की रात तय रकम 30 हजार रुपये मांगे तो अनूप द्विवेदी और मनीष पांडेय ने गाड़ी में बैठाया था और आश्रम में चलकर रुपये देने की बात कही थी। बाद में यह लोग कार से लखनऊ लेकर चले गए थे। वहां शराब पीने के बाद मारपीट की थी। किसी तरह से वहां से बचकर मोहनलालगंज में रहने वाली अपनी बहन के घर पहुंचा, तब जान बची। एसओ अरविंद पांडेय ने बताया कि कथावाचक की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और गैर इरादतन हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी अनूप द्विवेदी को जेल भेजा गया है।
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चढ़ावा कम मिलने से नाराज थे कथावाचक
कथा आयोजक छोटू सिंह ने बताया कि छह अप्रैल को चढ़ावा कम मिलने से अवधेश नाराज हो गए थे। उन्होंने खुद व्यास गद्दी पर बैठने के बजाय अपने शिष्य से कथा करवाई थी। इस पर सभी लोगों ने नाराजगी भी जताई थी। आयोजक के मुताबिक, रात उनकी मां श्यामा सिंह ने अवधेश को 4500 रुपये भी दिए थे और अनूप द्विवेदी व मनीष पांडेय के साथ जाने से मना किया था लेकिन वह नहीं माने और उनके साथ कार में बैठकर चले गए थे। आयोजक ने यह भी बताया कि विवाद के बाद 10 अप्रैल को गांव में शांतिपूर्वक भंडारा संपन्न कराया गया।
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अजगैन कोतवाली क्षेत्र के कुंजपुर निवासी कथावाचक अवधेश कुमार लोधी 30 मार्च को रसूलपुर गांव में कथा कहने आए थे। छह अप्रैल को कथा का समापन हो गया था। पीड़ित कथावाचक के अनुसार, कथा समापन की रात तय रकम 30 हजार रुपये मांगे तो अनूप द्विवेदी और मनीष पांडेय ने गाड़ी में बैठाया था और आश्रम में चलकर रुपये देने की बात कही थी। बाद में यह लोग कार से लखनऊ लेकर चले गए थे। वहां शराब पीने के बाद मारपीट की थी। किसी तरह से वहां से बचकर मोहनलालगंज में रहने वाली अपनी बहन के घर पहुंचा, तब जान बची। एसओ अरविंद पांडेय ने बताया कि कथावाचक की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और गैर इरादतन हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी अनूप द्विवेदी को जेल भेजा गया है।
चढ़ावा कम मिलने से नाराज थे कथावाचक
कथा आयोजक छोटू सिंह ने बताया कि छह अप्रैल को चढ़ावा कम मिलने से अवधेश नाराज हो गए थे। उन्होंने खुद व्यास गद्दी पर बैठने के बजाय अपने शिष्य से कथा करवाई थी। इस पर सभी लोगों ने नाराजगी भी जताई थी। आयोजक के मुताबिक, रात उनकी मां श्यामा सिंह ने अवधेश को 4500 रुपये भी दिए थे और अनूप द्विवेदी व मनीष पांडेय के साथ जाने से मना किया था लेकिन वह नहीं माने और उनके साथ कार में बैठकर चले गए थे। आयोजक ने यह भी बताया कि विवाद के बाद 10 अप्रैल को गांव में शांतिपूर्वक भंडारा संपन्न कराया गया।
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