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Unnao News: परिजनों का फिर हंगामा, जाम लगाकर की नारेबाजी

Sat, 01 Feb 2025 11:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 11:43 PM IST
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The family members again created ruckus, blocked the road and raised slogans.
बड़ा चौराहे पर हंगामा करते परिजन।  - फोटो : बड़ा चौराहे पर हंगामा करते परिजन।
उन्नाव। जिला महिला अस्पताल के न्यू सिक बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती बच्चे को बदलकर मृत देने का आरोप लगाने वाले परिजनों ने दूसरे दिन भी जमकर हंगामा किया। शुक्रवार रात प्रसूता और परिजन अस्पताल में ही रुके रहे। शनिवार सुबह पैदल डीएम, एसपी कार्यालय होते हुए बड़ा चौराहा पहुंचे और जाम लगा दिया और नारेबाजी की। पुलिस के समझाने पर सीएमओ कार्यालय पहुंचे और वहां भी दो घंटे तक हंगामा किया। पुलिस के काफी समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद नवजात के शव का 35 घंटे बाद पोस्टमार्टम हुआ और डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया गया
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अचलगंज क्षेत्र के मरोई गांव मजरा दुबराखेड़़ा निवासी आशीष गौतम की पत्नी कंचन देवी को 17 जनवरी को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 18 जनवरी सुबह सात बजे कंचन ने बच्चे (लड़के) को जन्म दिया। नवजात के कमजोर होने और सांस लेने में दिक्कत होने पर पिता आशीष की सहमति पर एसएनसीयू में भर्ती किया गया था। 31 जनवरी की सुबह छह बजे डॉक्टरों ने परिजनों को बच्चे की मौत की जानकारी दी।
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इसके बाद प्रसूता कंचन और करोवन निवासी उनकी मां सरजू देवी, बड़ी बहन माधुरी व अन्य परिजनों ने बच्चा बदलने और किसी और का मृत बच्चा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और शव लेने से इन्कार कर दिया। सीएमएमओ, सीएमएस व पुलिस ने आशंका दूर करने के लिए डीएनए जांच कराने की बात कही, लेकिन वह नहीं माने। शुक्रवार रात में दंपती व परिजन अस्पताल में ही बैठे रहे।
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शनिवार सुबह पहले डीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन तहसील दिवस में होने से डीएम से मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद एसपी कार्यालय गए, लेकिन वह भी तहसील दिवस में थे। इसके बाद प्रसूता व परिजनों ने बड़ा चौराहा पर जाम लगाकर डेढ़ घंटे तक नारेबाजी की। कोतवाल प्रमोद मिश्रा के काफी समझाने पर वह सभी सीएमओ कार्यालय पहुंचे और वहां भी दो घंटे तक प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 2:30 बजे नवजात के शव का पोस्टमार्टम और डीएनए सैंपल लेकर जांच कराने के लिए राजी हुए।
शाम पांच जिला अस्पताल के डॉक्टर डॉ. विशाल मोहन सक्सेना और अंकुर सचान ने वीडियोग्रॉफी के बीच पोस्टमार्टम किया, जिसमें हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई। डीएनए जांच के लिए नाक, दांत, बाल सहित चार सैंपल सुरक्षित किए हैं। पोस्टमार्टम के बाद भी प्रसूता व घरवाले, मृत बच्चे को अपना न होने की बात कहते हुए अंतिम संस्कार के लिए ले जाने को तैयार नहीं हुए। हालांकि कोतवाली प्रभारी के काफी समझाने के बाद वह मान गए।
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18 से 31 जनवरी तक का सीसीटीवी फुटेज मांगा
प्रसूता कंचन ने महिला सीएमएमस डॉ. फौजिया अंजुम को प्रार्थना पत्र देकर 18 से 31 जनवरी तक का एसएनसीयू का सीसीटीवी फुटेज मांगा है। बताया कि उन्हें बच्चा बदलने की आशंका है। इसलिए भर्ती से लेकर घटना तक पूरा सीसीटीवी फुटेज जरूरी है।
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किसान यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल
इस मामले में किसान यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल रहे। शुक्रवार रात 12 बजे तक जिला महिला अस्पताल में परिजनों के साथ रहे। इसके बाद सुबह फिर पहुंच गए। जहां-जहां परिजनों ने हंगामा व प्रदर्शन किया, यूनियन के पदाधिकारी भी उनके साथ रहे। प्रदर्शन के दौरान सिविल ड्रेस में भी पुलिस मौजूद रहीं। हर समय परिजनों की सूचना लेती रही। इसके अलाव परिजनों को समझाने का भी काफी प्रयास भी कर रही थी।
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करीब 33 घंटे तक चला हंगामा, कई बार अफसरों से झड़प
शुक्रवार सुबह नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू किया था, जो दूसरे दिन शनिवार शाम तीन बजे तक चला। इस दौरान कई बार परिजन और अधिकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। परिजन लगातार बच्चा बदलने का आरोप लगाते रहे। वहीं अधिकारी उनकी आशंका मिटाने के लिए डीएनए जांच के लिए समझाते रहे।
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बातचीत के दौरान बेहोश हुई कंचन की बहन माधुरी
सीएमओ कार्यालय के बाहर पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही थी। इस दौरान कंचन की बड़ी बहन माधुरी को चक्कर आ गया, वह बेहोश हो गई। पुलिस कर्मी ने पानी पिलाया तो हालत सामान्य हुई। इसके बाद पुलिस कार्रवाई का भरोसा दिया।
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ये रहा घटनाक्रम
- 17 जनवरी को कंचन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने महिला अस्पताल में भर्ती कराया।
- 18 जनवरी को सुबह 7 बजे प्रसव हुआ और बालक को जन्म दिया।
- 18 जनवरी को ही नवजात का वजन कम होने पर एसएनसीयू में भर्ती किया गया।
- 31 जनवरी सुबह 6 बजे स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों को बच्चे की मौत की सूचना दी।
- 6:30 बजे परिजनों ने बच्चा बदलने और मृत बच्चा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
- 7 बजे महिला सीएमएस ने जांच की और परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाया।
- 8 बजे अस्पताल चौकी प्रभारी एसएनसीयू पहुंचे और परिजनों को समझाया।
- 10 बजे सदर कोतवाली प्रभारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजन इन्कार करते रहे।
- दोपहर 1 बजे परिजन सदर कोतवाली और सीएमओ कार्यालय गए।
- शाम 5 बजे दोबारा परिजन जिला महिला अस्पताल पहुंचे और रात भर बैठे रहे।
- शनिवार सुबह 9 बजे परिजन पहले डीएम, फिर एसपी कार्यालय पहुंचे।
- अधिकारियों के तहसील दिवस में होने से 10:30 बजे परिजन लौटकर बड़ा चौराहा पहुंच सड़क पर बैठ गए।
- दोपहर 12 बजे के बाद सीएमओ कार्यालय पहुंचे और बाहर हंगामा शुरू किया।
- दोपहर 2:30 बजे पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए राजी हुए।
- शाम 5 बजे दो डॉक्टरों ने वीडियोग्राॅफी के बीच पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया।
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