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जनता की गुहार, शराब न बिके ‘सरकार’
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:01 AM IST
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शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर सदर विधायक को ज्ञापन देते सरईयां गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल और स्टेट हाईवे से हटाई जा रहीं शराब दुकानें को आबादी में शिफ्ट करने का विरोध जारी है। शुक्रवार को दुकानें बंद कराने के बाद सरईयां गांव की महिलाएं सुबह सांसद के आवास पहुंचीं और समस्या बताई। सांसद ने डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की बात कही है। इसके बाद ग्रामीण सदर विधायक के आवास पहुंचे और उन्हें भी समस्या बताई। डीएन ने समस्या को हल कराने का आश्वासन दिया है।
मालूम हो कि हाईवे से शराब ठेका हटाए जाने के आदेश के बाद एक देशी शराब का ठेका शहर कोतवाली क्षेत्र के सरईयां गांव में शराब की तीन दुकानें खोल दी गई हैं। ग्रामीण गांव का माहौल खराब होने, आए दिन मारपीट गाली गलौज और बच्चों में शराब की लत लगने की आशंका से परेशान हैं। शुक्रवार को जैसे ही सेल्समैन ने शराब की दुकान खोली थी गांव की महिलाएं लाठी-डंडे लेकर पहुंचीं और विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची थी।
शुरू में पुलिस ने लाठियां पटक कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक देख शराब की दुकान बंद कराकर मामला शांत करा दिया था। शनिवार को ग्राम प्रधान पति श्रीकांत के साथ ग्रामीण संसाद साक्षी महराज के के आवास पहुंचे और उन्हें अपनी समस्या बताई। सांसद ने डीएम से समस्या का निराकरण कराने की मांग करते हुए पत्र लिखा। ग्रामीणों ने शहर पहुंचकर सदर विधायक पंकज गुप्ता से मुलाकात की और इसके डीएम को भी ज्ञापन और सासंद का पत्र दिया।
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एसडीएम बोले, ठेके हटाए जाएं
नवाबगंज। मोहल्ला पछियांव में विरोध-प्रदर्शन के तीसरे दिन शनिवार को हसनगंज एसडीएम मनीष बंसल और सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों के विरोध को सही ठहराया। एसडीएम ने देशी, अंग्रेजी शराब और बियर की दुकान को बस्ती से और दूर ले जाने के निर्देश दिए।
बांगरमऊ में शुरू हुआ विरोध
बांगरमऊ में मंदिरों और इंटर कालेज के पास शराब ठेके का विरोध शुरू हो गया है। नानामऊ मार्ग के किनारे दो सौ मीटर के दायरे में तीन धार्मिक स्थल और इंटर कालेज है। शराब ठेकें पर सुबह से देर रात क पियक्कड़ों का जमावड़ा रहता है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बांगरमऊ कोतवाल धीरेंद्र प्रताप सिंह को शिकायती पत्र देकर शराब ठेके हटवाने की मांग की है।
मालूम हो कि हाईवे से शराब ठेका हटाए जाने के आदेश के बाद एक देशी शराब का ठेका शहर कोतवाली क्षेत्र के सरईयां गांव में शराब की तीन दुकानें खोल दी गई हैं। ग्रामीण गांव का माहौल खराब होने, आए दिन मारपीट गाली गलौज और बच्चों में शराब की लत लगने की आशंका से परेशान हैं। शुक्रवार को जैसे ही सेल्समैन ने शराब की दुकान खोली थी गांव की महिलाएं लाठी-डंडे लेकर पहुंचीं और विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची थी।
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शुरू में पुलिस ने लाठियां पटक कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया लेकिन महिलाओं की संख्या अधिक देख शराब की दुकान बंद कराकर मामला शांत करा दिया था। शनिवार को ग्राम प्रधान पति श्रीकांत के साथ ग्रामीण संसाद साक्षी महराज के के आवास पहुंचे और उन्हें अपनी समस्या बताई। सांसद ने डीएम से समस्या का निराकरण कराने की मांग करते हुए पत्र लिखा। ग्रामीणों ने शहर पहुंचकर सदर विधायक पंकज गुप्ता से मुलाकात की और इसके डीएम को भी ज्ञापन और सासंद का पत्र दिया।
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एसडीएम बोले, ठेके हटाए जाएं
नवाबगंज। मोहल्ला पछियांव में विरोध-प्रदर्शन के तीसरे दिन शनिवार को हसनगंज एसडीएम मनीष बंसल और सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों के विरोध को सही ठहराया। एसडीएम ने देशी, अंग्रेजी शराब और बियर की दुकान को बस्ती से और दूर ले जाने के निर्देश दिए।
बांगरमऊ में शुरू हुआ विरोध
बांगरमऊ में मंदिरों और इंटर कालेज के पास शराब ठेके का विरोध शुरू हो गया है। नानामऊ मार्ग के किनारे दो सौ मीटर के दायरे में तीन धार्मिक स्थल और इंटर कालेज है। शराब ठेकें पर सुबह से देर रात क पियक्कड़ों का जमावड़ा रहता है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बांगरमऊ कोतवाल धीरेंद्र प्रताप सिंह को शिकायती पत्र देकर शराब ठेके हटवाने की मांग की है।