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ढहाया गया मुगल कालीन शाही फाटक
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:18 AM IST
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गेट ढहाया गया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लखनऊ-बांगरमऊ-कन्नौज मार्ग पर जाम और जलभराव का कारण बने करीब 400 साल पुराने मुगल कालीन मियागंज फाटक पर शनिवार को प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। काफी समय से समस्या बने इस फाटक को आसीवन के तालुकेदार घराने की सहमति के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की। एसडीएम ने बताया कि जल्द ही सड़क को चौड़ा और उच्चीकृत करने का काम शुरू होगा।
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लखनऊ-बांगरमऊ-कन्नौज मार्ग पर हसनगंज तहसील के मियागंज कसबा में स्थित करीब 400 साल पुराना मुगल कालीन गेट काफी समय से जीर्णशीर्ण हालत में था। गेट की वजह से सड़क चौड़ी नहीं हो पा रही थी। एक लेन सड़क होने से अक्सर जाम लगता था। इसके साथ ही कभी भी बड़े हादसे की आशंका भी बनी थी। आसीवन के तालुकेदार मुशीरूजमा सफवी के वशंज सुजाउर्रहमान सफवी ने बताया कि दादा-पर दादा बताते थे कि इस शाही फाटक का निर्माण मुगल शासक शेरशाह सूरी ने कराया था। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग इस गेट को कई बार जांच कर चुका है। लेकिन न तो पुरातत्व विभाग ने इसकी कभी मरम्मत कराई न संरक्षित करने की कार्रवाई की। रूट पर भारी ट्रैफिक चलने और फाटक कमजोर होने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका को देखते हुए एसडीएम प्रशांत भारतीय ने प्रयास शुरू किए। तालुकेदार घराने के सुजाउर्रहमान सफवी, फैसल रहमान सफवी, सैफ रहमान, जैद रहमान समेत परिवार के अन्य सदस्यों के शपथपत्र पर अनापत्ति देने के बाद प्रशासन ने शनिवार को जर्जर शाही फाटक पर बुलडोजर चला दिया। पूरे दिन मशक्कत के बाद फाटक जमीदोज हो गया। उसका मलबा हटाकर रास्ता खाली करने का काम जारी है। इस दौरान एसडीएम प्रशांत भारतीय समेत की थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।
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इनसेट
लगता रहा जाम
शाही फाटक तोड़ने का काम जारी होने लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर जाम की स्थिति रही। हालांकि बांगरमऊ और चकलवंशी से रूट डायवर्ट कर निकाला गया।