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एनआरएलएम में घालमेल करने वाले दो बीएमएम की सेवा समाप्त
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उन्नाव। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में पुरवा ब्लाक में लाखों का गबन करने वाले दो ब्लाक मिशन मैनेजर (बीएमएम) की सेवा समाप्त कर दी गई है। पुरवा के गांव पुरैनीखेड़ा मजरा बनिगांव की सौम्या यादव और अचलखेड़ा की आरती ने सीडीओ को शिकायतीपत्र देकर ब्लाक में तैनात बीएमएम और अन्य कर्मचारियों पर सरकारी अनुदान में गबन की शिकायत की थी।
सीडीओ दिव्यांशु पटेल द्वारा गठित जांच टीम में शामिल जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता, बीएसए के वित्त एवं लेखाधिकारी और बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक ने जांच की तो 24.19 लाख की वित्तीय अनियमितता मिली थी।
पता चला कि समूह के खाते में धनराशि न भेजकर निजी खाते में भेज दी गई। सीडीओ के निर्देश पर उपायुक्त स्वत: रोजगार चंद्रशेखर ने जिला मिशन प्रबंधक को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भेजा था। चार जून को जिला मिशन प्रबंधक रजीउल हसन की तहरीर पर पुरवा के ब्लाक मिशन मैनेजर सूर्यवर्धन और सुरेंद्र कुशवाहा के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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इसके बाद बीएमएम की सेवा समाप्ति के लिए संस्तुति पत्र एनआरएलएम के प्रबंध निदेशक को भेजी गई। प्रबंध निदेशक ने दोनों बीएमएम की सेवा समाप्त कर दी है। उपायुक्त एनआरएलएम चंद्रशेखर ने इसकी पुष्टि की है।
पुरवा में गबन मिलने के बाद सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने अन्य ब्लाकों में जांच के लिए समिति गठित की थी। इसमें ब्लाक के नोडल अधिकारी (जिलास्तरीय अधिकारी), बीडीओ, एडीओ (आईएसबी) और लेखाकार को रखा गया है। समिति से 10 दिन में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन 20 दिन से ज्यादा समय होने के बाद अभी तक मात्र दो ब्लाकों से ही रिपोर्ट आई है। उपायुक्त चंद्रशेखर ने बताया कि अभी दो ब्लाकों से ही रिपोर्ट आई है। शेष ब्लाकों से रिपोर्ट का इंतजार है।
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सीडीओ दिव्यांशु पटेल द्वारा गठित जांच टीम में शामिल जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता, बीएसए के वित्त एवं लेखाधिकारी और बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक ने जांच की तो 24.19 लाख की वित्तीय अनियमितता मिली थी।
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पता चला कि समूह के खाते में धनराशि न भेजकर निजी खाते में भेज दी गई। सीडीओ के निर्देश पर उपायुक्त स्वत: रोजगार चंद्रशेखर ने जिला मिशन प्रबंधक को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भेजा था। चार जून को जिला मिशन प्रबंधक रजीउल हसन की तहरीर पर पुरवा के ब्लाक मिशन मैनेजर सूर्यवर्धन और सुरेंद्र कुशवाहा के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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इसके बाद बीएमएम की सेवा समाप्ति के लिए संस्तुति पत्र एनआरएलएम के प्रबंध निदेशक को भेजी गई। प्रबंध निदेशक ने दोनों बीएमएम की सेवा समाप्त कर दी है। उपायुक्त एनआरएलएम चंद्रशेखर ने इसकी पुष्टि की है।
पुरवा में गबन मिलने के बाद सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने अन्य ब्लाकों में जांच के लिए समिति गठित की थी। इसमें ब्लाक के नोडल अधिकारी (जिलास्तरीय अधिकारी), बीडीओ, एडीओ (आईएसबी) और लेखाकार को रखा गया है। समिति से 10 दिन में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन 20 दिन से ज्यादा समय होने के बाद अभी तक मात्र दो ब्लाकों से ही रिपोर्ट आई है। उपायुक्त चंद्रशेखर ने बताया कि अभी दो ब्लाकों से ही रिपोर्ट आई है। शेष ब्लाकों से रिपोर्ट का इंतजार है।