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करोड़ों रुपये वसूलने के बाद भी किराया नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 19 Feb 2015 12:16 AM IST
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उन्नाव। बिजली विभाग हर माह उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपये बिल के रूप में वसूलता है, उसके पास कार्यालय का किराया देने के लिए पैसे नहीं हैं। विद्युत वितरण खंड प्रथम का कार्यालय जिस भवन में संचालित हो रहा है उसका सालों से किराया नहीं दिया गया है। भवन स्वामी ने विभाग को भवन छोड़ने के लिए नोटिस भेजा है।
वर्तमान में विद्युत वितरण खंड प्रथम का कार्यालय सिविल लाइन (डीएम आवास के आगे) में संचालित हो रहा है। उपखंड अधिकारी द्वितीय का कार्यालय भी किराए पर है। 10 साल से अधिक समय से किराया नहीं दिया गया है। अब भवन स्वामियों ने विभाग को नोटिस भेजकर इसे खाली करने को कहा है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो पहले विभाग इस भवन का प्रति माह लगभग 7800 रुपये किराया देता था। इसके बाद भवन स्वामी ने किराया बढ़ाकर 8360 रुपये करने की मांग की थी। इससे संबंधित पत्र भी विभाग को भेजा लेकिन उच्चाधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि सालों बीत जाने के बाद भी किराए का भुगतान करना बिजली विभाग ने मुनासिब नहीं समझा। हारकर अब भवन स्वामी ने विभाग को कार्यालय खाली करने के लिए नोटिस भेजी है।
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हर माह करोड़ों रुपये की होती है वसूली
उन्नाव। विभाग बिजली उपभोक्ताओं (घरेलू, कार्मिशयल समेत अन्य) से हर माह लगभग 12 से 13 करोड़ रुपए की वसूली करता है। इसके बाद भी प्रति माह हजारों रुपये किराए का नहीं दे पा रहा है।
दही चौकी जा सकता है कार्यालय
जानकारों की मानें तो यदि बिजली विभाग किराए का भवन छोड़ता है तो वह दही चौकी शिफ्ट हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं की मुसीबतें बढ़ जाएंगी क्योंकि मुख्यालय से दही चौकी की दूरी करीब 5 किलोमीटर है। दही चौकी स्थित आवासीय कालोनी में अधीक्षण अभियंता का कार्यालय है। अधिशासी अभियंता प्रथम रामबुझारत ने बताया कि मामले में मुख्य अभियंता को पत्र भेजा गया है। वहां से जैसे भी दिशा-निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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वर्तमान में विद्युत वितरण खंड प्रथम का कार्यालय सिविल लाइन (डीएम आवास के आगे) में संचालित हो रहा है। उपखंड अधिकारी द्वितीय का कार्यालय भी किराए पर है। 10 साल से अधिक समय से किराया नहीं दिया गया है। अब भवन स्वामियों ने विभाग को नोटिस भेजकर इसे खाली करने को कहा है।
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विभागीय सूत्रों की मानें तो पहले विभाग इस भवन का प्रति माह लगभग 7800 रुपये किराया देता था। इसके बाद भवन स्वामी ने किराया बढ़ाकर 8360 रुपये करने की मांग की थी। इससे संबंधित पत्र भी विभाग को भेजा लेकिन उच्चाधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि सालों बीत जाने के बाद भी किराए का भुगतान करना बिजली विभाग ने मुनासिब नहीं समझा। हारकर अब भवन स्वामी ने विभाग को कार्यालय खाली करने के लिए नोटिस भेजी है।
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हर माह करोड़ों रुपये की होती है वसूली
उन्नाव। विभाग बिजली उपभोक्ताओं (घरेलू, कार्मिशयल समेत अन्य) से हर माह लगभग 12 से 13 करोड़ रुपए की वसूली करता है। इसके बाद भी प्रति माह हजारों रुपये किराए का नहीं दे पा रहा है।
दही चौकी जा सकता है कार्यालय
जानकारों की मानें तो यदि बिजली विभाग किराए का भवन छोड़ता है तो वह दही चौकी शिफ्ट हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं की मुसीबतें बढ़ जाएंगी क्योंकि मुख्यालय से दही चौकी की दूरी करीब 5 किलोमीटर है। दही चौकी स्थित आवासीय कालोनी में अधीक्षण अभियंता का कार्यालय है। अधिशासी अभियंता प्रथम रामबुझारत ने बताया कि मामले में मुख्य अभियंता को पत्र भेजा गया है। वहां से जैसे भी दिशा-निर्देश मिलेंगे उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।