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एक घंटे में मिलेगी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट
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उन्नाव। मुख्यमंत्री ने रविवार को शुक्लागंज के ठाकुरखेड़ा सीएचसी में बीएसएल लैब-टू व 42 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने मंत्र ‘एप’ की भी शुरुआत की। लैब शुरू होने से कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक साथ 90 सैंपल की जांच होंगी और रिपोर्ट भी एक घंटे में मिल जाएगी।
वर्चुअल शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हर जिले में बीएसएल लैब-टू स्थापित की गई है। जिससे कि जिले में ही आरटीपीसीआर जांच हो सके। 42 स्वास्थ्य उपकेंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को टीकाकरण में दिक्कत नहीं आएगी। उन्हें टीका लगवाने के लिए सीएचसी या जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद सदर विधायक पंकज गुप्ता ने सीएचसी में रखे सभी 42 उपकेंद्रों के पत्थर का लोकार्पण किया। उन्होंने चिकित्सकों से आरटीपीसीआर मशीन के संचालन की जानकारी ली। इस दौरान सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश, एसीएमओ डॉ. आरके गौतम, डॉ. विवेक गुप्ता सहित अन्य डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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सीएम ने मंत्र एप की भी वर्चुअल शुरुआत की। एप में गर्भवती व उसके बच्चे का पांच साल का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। गर्भवती को कितने टीके लगे, जननी सुरक्षा का लाभ मिला या नहीं, प्रसव होने के बाद बच्चे के पांच साल तक की हिस्ट्री एप में दर्ज होगी। इस मंत्र एप का उद्देश्य जच्चा व बच्चा दोनों को सुरक्षित रखना है।
आरटीपीसीआर मशीन में सैंपलों को लगाने के लिए प्लास्टिक की डीप वेल प्लेट का प्रयोग होता है। इसके बिना जांच नहीं की जा सकती। लेकिन अभी तक यह प्लेट नहीं आई है। कोविड जांच प्रभारी एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह ने बताया कि दो दिन में प्लेट आ जाएगी। पहले दिन 20 सैंपलों की जांच होगी। उसके बाद एक साथ 90 सैंपल लगाए जाएंगे।
जिले में पहले से 356 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें से 100 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में एएनएम की तैनाती न होने से वह बंद चल रहे हैं। रविवार को 42 और उपकेंद्रों की शुरुआत की गई है। अब इन्हें संचालित करना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती है।
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वर्चुअल शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हर जिले में बीएसएल लैब-टू स्थापित की गई है। जिससे कि जिले में ही आरटीपीसीआर जांच हो सके। 42 स्वास्थ्य उपकेंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को टीकाकरण में दिक्कत नहीं आएगी। उन्हें टीका लगवाने के लिए सीएचसी या जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद सदर विधायक पंकज गुप्ता ने सीएचसी में रखे सभी 42 उपकेंद्रों के पत्थर का लोकार्पण किया। उन्होंने चिकित्सकों से आरटीपीसीआर मशीन के संचालन की जानकारी ली। इस दौरान सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश, एसीएमओ डॉ. आरके गौतम, डॉ. विवेक गुप्ता सहित अन्य डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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सीएम ने मंत्र एप की भी वर्चुअल शुरुआत की। एप में गर्भवती व उसके बच्चे का पांच साल का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। गर्भवती को कितने टीके लगे, जननी सुरक्षा का लाभ मिला या नहीं, प्रसव होने के बाद बच्चे के पांच साल तक की हिस्ट्री एप में दर्ज होगी। इस मंत्र एप का उद्देश्य जच्चा व बच्चा दोनों को सुरक्षित रखना है।
आरटीपीसीआर मशीन में सैंपलों को लगाने के लिए प्लास्टिक की डीप वेल प्लेट का प्रयोग होता है। इसके बिना जांच नहीं की जा सकती। लेकिन अभी तक यह प्लेट नहीं आई है। कोविड जांच प्रभारी एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह ने बताया कि दो दिन में प्लेट आ जाएगी। पहले दिन 20 सैंपलों की जांच होगी। उसके बाद एक साथ 90 सैंपल लगाए जाएंगे।
जिले में पहले से 356 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें से 100 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में एएनएम की तैनाती न होने से वह बंद चल रहे हैं। रविवार को 42 और उपकेंद्रों की शुरुआत की गई है। अब इन्हें संचालित करना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती है।