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Unnao News: गंगा में बढ़ा उफान, जलस्तर पार कर गया लाल निशान
Tue, 22 Aug 2023 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Tue, 22 Aug 2023 01:25 AM IST
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फोटो-21 से 27
खतरे के निशान 113 मीटर से तीन सेमी ऊपर पहुंचा पानी, तराई क्षेत्र के 40 गांवों में घुसा सैलाब, 1200 बीघा फसलें डूबी
जिले की चार तहसीलों में गंगा नदी से सटे गांवों में अफरातफरी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेमी ऊपर पहुंच गया। सोमवार शाम को जलस्तर 113.030 मीटर रिकार्ड किया गया है। गंगा नदी में उफान बढ़ने से सैलाब अब नदी के नजदीकी गांवों में घुस गया है। 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
वहीं करीब 1200 बीघा फसलें जमग्न हो गई हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग कट गए हैं। सोमवार को डीएम ने फतेहपुर चौरासी और बांगरमऊ के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और मार्गों की मरम्मत के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर हिंदूपुर-नया बगंला मार्ग की मरम्मत शुरू कराई गई।
रुपपुर चंदेला गांव में घरों के दरवाजे तक पानी
सफीपुर। गंगा व कल्याणी नदी में लगातार बढ़ रहे पानी से सोमवार कटरी क्षेत्र के शेष मार्गों पर भी पानी आ गया। पानी सड़क बहने लगा है। रामपुर, जमालनगर एहतेमाली, गहोली, मुरादपुर के सभी मार्ग जलमग्र हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से नाव की सुविधा नहीं की गई। गहोली कंपोजिट पाठशाला में बना राहत केंद्र भी खाली पड़ा है। रसोइया तो थी पर कोई बाढ़ पीड़ित नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने राशन वितरण गांव में ही कराने की मांग की है। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने टीम के साथ रामपुर गांव में जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। चर्म व पेट दर्द के रोगी ज्यादा मिले।
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12 स्कूलों में भर गया पानी
गंजमुरादाबाद। कटरी इलाके के प्राथमिक विद्यालय सहिबापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रतईपुरवा, प्राथमिक विद्यालय मुन्नीपुरवा, कंपोजिट विद्यालय भिखारीपुरवा, प्राथमिक विद्यालय उम्मरपुर बख्तौरी, कंपोजिट विद्यालय भिखारीपुर पतसिया, प्राथमिक विद्यालय बगिया और कंपोजिट विद्यालय गहरपुरवा सहित एक दर्जन परिषदीय विद्यालयों में दो तीन फीट तक पानी है। बीईओ विमल प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों को बिठाकर शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए शिक्षकों को आदेशित किया गया है। अभी स्कूलों को बंद करने का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
गंगा और पांडु नदी के बीच के दर्जन भर गांव टापू बने
बीघापुर। जयराजमऊ के मजरे पसनियाखेड़ा व सीतारामखेड़ा पहुंचना मुश्किल हो गया है। एडीएम नरेंद्र सिंह ने गांव में ग्राम प्रधान के पति लल्लन सिंह व ग्रामीणों से बातचीत की। एसडीएम क्षितिज द्विवेदी को ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में ठहराने और नाव की व्यवस्था के कराने के निर्देश दिए। वहीं गढ़ेवा पुल संपर्क मार्ग के ऊपर पानी बहने लगा है। गांव में पानी घुसने से रोकने के लिए ग्राम प्रधान के पति बैजनाथ लोधी ने जेसीबी से सड़क पर मिट्टी डलवाई है।
पाही, चंदनपुर, विभौरा, नरघुवा, भागूखेड़ा, गंगानगर, संतनगर, कलुवनखेड़ा की लगभग पांच सौ हेक्टेअर तिल्ली, उर्द, मूंग व सब्जी की फसलें पानी में डूब गई हैं। वहीं पांडु और गंगा नदी के बीच बसे दूलीखेड़ा व लालखेड़ा में 80 फीसदी भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई है। शंभू का पूरवा, जगनू का पुरवा, भगाने का पुरवा, भरोसे का पुरवा, चौड़ा का पुरवा, अयोध्यापुरी, मंझा आदि गांव चारों तरफ से बाढ़ में घिर गए हैं। ग्राम प्रधान श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि प्रशासन ने नाव तक की व्यवस्था नहीं की। राशन की भी दिक्कत होने लगी है।
बाढ़ के साथ बीमारियों का हमला
परियर। बाढ़ प्रभावित पनपथा, दनकुखेड़ा, बाबूबंगला, चंडिकाबंगला गांवों में जुकाम, बुखार, पेटदर्द, आंख, उल्टी व दस्त से लोग पीडि़त हैं। बाढ़ की वजह से लोग निकल कर दवा लेने नहीं जा पा रहे हैं। सोमवार को पनपथा व दनकुखेड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पर्यवेक्षक रमाशंकर तिवारी व गौरव ने 38 रोगियों को दवा वितरित की।
पीड़ितों की मदद में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
बांगरमऊ। डीएम अपूर्वा दुबे ने बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत कटरी गदनपुर आहार में ग्रामीणों का हालचाल लिया। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों को बांगरमऊ के इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय में ठहराने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। कटरी गदनपुर आहार के नाविकों ने पिछली बार नाव चलाने पर भुगतान न मिलने की जानकारी देने पर डीएम ने तहसीलदार को आदेशित किया।
टापू बने नया बंगला गांव में बनाया जा रहा रास्ता
फतेहपुर चौरासी। डीएम अपूर्वा दुबे ने टापू बने गांव नया बंगला हिंदूपुर में मिट्टी की बोरियां डाल कर रास्ता बनाने के निर्देश दिए। दबौली बाजार में मां काली माता के मंदिर के पास हो रहे कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देशित किया। नया बंगला हिंदूपुर में ब्लॉक अधिकारियों द्वारा मिट्टी की बोरियां डाल कर रास्ता बनाया गया। वहीं सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए दबौली बाजार में बांस की जाली बनाकर मिट्टी की बोरियां डालने का काम शुरू किया गया। उधर, जलस्तर बढ़ने से कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग पर हिंदूपुर पुलिया के पास किनारे का हिस्सा धंस गया। जाजामऊ चिरंजूपुरवा मार्ग पर पानी भर गया। गांव पंडितखेड़ा के किसान कृपाशंकर अवस्थी की पांच बीघा, अशोक की एक व पुत्तन की तीन बीघा धान की फसल डूब गई।
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प्रशासन का दावा
कुल नावें-55 (बीघापुर-2, सदर-30, सफीपुर-3 व बांगरमऊ 20)
बाढ़ शरणालय-27, बाढ़ चौकी-30
राहत सामग्री-2 हजार पैकेट वितरित
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तहसीलवार इन नंबरों से ली जा सकती है सहायता
सदर-7054082054, बांगरमऊ-7897242244, सफीपुर-8858847665 व बीघापुर-7355698794 व 8115098794
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खतरे के निशान 113 मीटर से तीन सेमी ऊपर पहुंचा पानी, तराई क्षेत्र के 40 गांवों में घुसा सैलाब, 1200 बीघा फसलें डूबी
जिले की चार तहसीलों में गंगा नदी से सटे गांवों में अफरातफरी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से तीन सेमी ऊपर पहुंच गया। सोमवार शाम को जलस्तर 113.030 मीटर रिकार्ड किया गया है। गंगा नदी में उफान बढ़ने से सैलाब अब नदी के नजदीकी गांवों में घुस गया है। 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
वहीं करीब 1200 बीघा फसलें जमग्न हो गई हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग कट गए हैं। सोमवार को डीएम ने फतेहपुर चौरासी और बांगरमऊ के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और मार्गों की मरम्मत के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर हिंदूपुर-नया बगंला मार्ग की मरम्मत शुरू कराई गई।
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रुपपुर चंदेला गांव में घरों के दरवाजे तक पानी
सफीपुर। गंगा व कल्याणी नदी में लगातार बढ़ रहे पानी से सोमवार कटरी क्षेत्र के शेष मार्गों पर भी पानी आ गया। पानी सड़क बहने लगा है। रामपुर, जमालनगर एहतेमाली, गहोली, मुरादपुर के सभी मार्ग जलमग्र हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से नाव की सुविधा नहीं की गई। गहोली कंपोजिट पाठशाला में बना राहत केंद्र भी खाली पड़ा है। रसोइया तो थी पर कोई बाढ़ पीड़ित नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने राशन वितरण गांव में ही कराने की मांग की है। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने टीम के साथ रामपुर गांव में जाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। चर्म व पेट दर्द के रोगी ज्यादा मिले।
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गंजमुरादाबाद। कटरी इलाके के प्राथमिक विद्यालय सहिबापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रतईपुरवा, प्राथमिक विद्यालय मुन्नीपुरवा, कंपोजिट विद्यालय भिखारीपुरवा, प्राथमिक विद्यालय उम्मरपुर बख्तौरी, कंपोजिट विद्यालय भिखारीपुर पतसिया, प्राथमिक विद्यालय बगिया और कंपोजिट विद्यालय गहरपुरवा सहित एक दर्जन परिषदीय विद्यालयों में दो तीन फीट तक पानी है। बीईओ विमल प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों को बिठाकर शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए शिक्षकों को आदेशित किया गया है। अभी स्कूलों को बंद करने का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
गंगा और पांडु नदी के बीच के दर्जन भर गांव टापू बने
बीघापुर। जयराजमऊ के मजरे पसनियाखेड़ा व सीतारामखेड़ा पहुंचना मुश्किल हो गया है। एडीएम नरेंद्र सिंह ने गांव में ग्राम प्रधान के पति लल्लन सिंह व ग्रामीणों से बातचीत की। एसडीएम क्षितिज द्विवेदी को ज्यादा से ज्यादा लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में ठहराने और नाव की व्यवस्था के कराने के निर्देश दिए। वहीं गढ़ेवा पुल संपर्क मार्ग के ऊपर पानी बहने लगा है। गांव में पानी घुसने से रोकने के लिए ग्राम प्रधान के पति बैजनाथ लोधी ने जेसीबी से सड़क पर मिट्टी डलवाई है।
पाही, चंदनपुर, विभौरा, नरघुवा, भागूखेड़ा, गंगानगर, संतनगर, कलुवनखेड़ा की लगभग पांच सौ हेक्टेअर तिल्ली, उर्द, मूंग व सब्जी की फसलें पानी में डूब गई हैं। वहीं पांडु और गंगा नदी के बीच बसे दूलीखेड़ा व लालखेड़ा में 80 फीसदी भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई है। शंभू का पूरवा, जगनू का पुरवा, भगाने का पुरवा, भरोसे का पुरवा, चौड़ा का पुरवा, अयोध्यापुरी, मंझा आदि गांव चारों तरफ से बाढ़ में घिर गए हैं। ग्राम प्रधान श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि प्रशासन ने नाव तक की व्यवस्था नहीं की। राशन की भी दिक्कत होने लगी है।
बाढ़ के साथ बीमारियों का हमला
परियर। बाढ़ प्रभावित पनपथा, दनकुखेड़ा, बाबूबंगला, चंडिकाबंगला गांवों में जुकाम, बुखार, पेटदर्द, आंख, उल्टी व दस्त से लोग पीडि़त हैं। बाढ़ की वजह से लोग निकल कर दवा लेने नहीं जा पा रहे हैं। सोमवार को पनपथा व दनकुखेड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पर्यवेक्षक रमाशंकर तिवारी व गौरव ने 38 रोगियों को दवा वितरित की।
पीड़ितों की मदद में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
बांगरमऊ। डीएम अपूर्वा दुबे ने बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत कटरी गदनपुर आहार में ग्रामीणों का हालचाल लिया। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों को बांगरमऊ के इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय में ठहराने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। कटरी गदनपुर आहार के नाविकों ने पिछली बार नाव चलाने पर भुगतान न मिलने की जानकारी देने पर डीएम ने तहसीलदार को आदेशित किया।
टापू बने नया बंगला गांव में बनाया जा रहा रास्ता
फतेहपुर चौरासी। डीएम अपूर्वा दुबे ने टापू बने गांव नया बंगला हिंदूपुर में मिट्टी की बोरियां डाल कर रास्ता बनाने के निर्देश दिए। दबौली बाजार में मां काली माता के मंदिर के पास हो रहे कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देशित किया। नया बंगला हिंदूपुर में ब्लॉक अधिकारियों द्वारा मिट्टी की बोरियां डाल कर रास्ता बनाया गया। वहीं सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए दबौली बाजार में बांस की जाली बनाकर मिट्टी की बोरियां डालने का काम शुरू किया गया। उधर, जलस्तर बढ़ने से कालीमिट्टी शिवराजपुर मार्ग पर हिंदूपुर पुलिया के पास किनारे का हिस्सा धंस गया। जाजामऊ चिरंजूपुरवा मार्ग पर पानी भर गया। गांव पंडितखेड़ा के किसान कृपाशंकर अवस्थी की पांच बीघा, अशोक की एक व पुत्तन की तीन बीघा धान की फसल डूब गई।
प्रशासन का दावा
कुल नावें-55 (बीघापुर-2, सदर-30, सफीपुर-3 व बांगरमऊ 20)
बाढ़ शरणालय-27, बाढ़ चौकी-30
राहत सामग्री-2 हजार पैकेट वितरित
तहसीलवार इन नंबरों से ली जा सकती है सहायता
सदर-7054082054, बांगरमऊ-7897242244, सफीपुर-8858847665 व बीघापुर-7355698794 व 8115098794