{"_id":"679290265ff66629770e327a","slug":"restoration-of-kalyani-river-will-start-from-tomorrow-unnao-news-c-221-1-sknp1055-125997-2025-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: कल से होगी कल्याणी नदी के जीर्णोद्धार की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: कल से होगी कल्याणी नदी के जीर्णोद्धार की शुरुआत
विज्ञापन
उन्नाव। जिला प्रशासन नए सिरे से कल्याणी नदी के कल्याण की कवायद शुरू करने जा रहा है। इसकी शुरुआत गंजमुरादाबाद के बहलोलपुर से शनिवार से होने जा रही है। पहले चरण में मनरेगा के तहत 8.29 करोड़ से कच्चे कामों को कराया जाएगा। इसमें नदी से जुड़े तालाबों व नालों की सफाई के साथ किनारों पर पौधरोपण होगा।
डीएम गौरांग राठी ने इस बार कल्याणी नदी के जीर्णोद्धार को लेकर नई कार्ययोजना तैयार कराई है। इसके तहत मनरेगा के साथ मशीनों के माध्यम से काम कराया जाना है। मनरेगा से वह कराए जाने वाले कार्य शामिल किए गए हैं, जो मजदूर आसानी से कर सकेंगे। इसमें पहले चरण में नदी से संपर्कित 31 तालाब व 15 किलोमीटर लंबे नाले की सफाई कराई जानी है। इन दोनों कार्यों के लिए 6.69 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कराया गया है।
इन कामों का शुभारंभ शनिवार से कराने की तैयारी की गई है। सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा का कहना है कि मनरेगा में पैसे की कमी नहीं है। इसलिए मजदूरों से जो काम कराए जा सकते हैं, उनकी शुरुआत कराई जा रही है।
विज्ञापन
पहले तालाब व नालों की सफाई कराने के पीछे का उद्देश्य यह है कि जब भी गर्मी के समय नदी के सूखने की स्थिति बने तो तालाबों व नालों के माध्यम से उनमें पानी पहुंचाया जा सके। इसके अलावा तालाब व नालों से लेकर नदी के किनारों तक प्रारंभिक स्तर पर 50 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। इस पर 1.6 करोड़ का खर्च आएगा जो मनरेगा से ही वहन किया जाएगा।
विज्ञापन
डीएम गौरांग राठी ने इस बार कल्याणी नदी के जीर्णोद्धार को लेकर नई कार्ययोजना तैयार कराई है। इसके तहत मनरेगा के साथ मशीनों के माध्यम से काम कराया जाना है। मनरेगा से वह कराए जाने वाले कार्य शामिल किए गए हैं, जो मजदूर आसानी से कर सकेंगे। इसमें पहले चरण में नदी से संपर्कित 31 तालाब व 15 किलोमीटर लंबे नाले की सफाई कराई जानी है। इन दोनों कार्यों के लिए 6.69 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कराया गया है।
विज्ञापन
इन कामों का शुभारंभ शनिवार से कराने की तैयारी की गई है। सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा का कहना है कि मनरेगा में पैसे की कमी नहीं है। इसलिए मजदूरों से जो काम कराए जा सकते हैं, उनकी शुरुआत कराई जा रही है।
विज्ञापन
पहले तालाब व नालों की सफाई कराने के पीछे का उद्देश्य यह है कि जब भी गर्मी के समय नदी के सूखने की स्थिति बने तो तालाबों व नालों के माध्यम से उनमें पानी पहुंचाया जा सके। इसके अलावा तालाब व नालों से लेकर नदी के किनारों तक प्रारंभिक स्तर पर 50 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। इस पर 1.6 करोड़ का खर्च आएगा जो मनरेगा से ही वहन किया जाएगा।