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Unnao News: दुकानदार की हत्या कर शव अस्पताल में छोड़कर भागे
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उन्नाव। दोस्त से मिलने गए दुकानदार का शव जिला अस्पताल में मिला। परिजनों को अस्पताल पहुंचाने वाले दोस्त के रिश्तेदार सूचना देकर वहां से भाग गए। पोस्टमार्टम में सिर में पीछे की तरफ नुकीली चीज घुसने और चेहरे पर दाहिनी तरफ डंडे से हमले के निशान मिलने से हत्या की पुष्टि हुई है।
शहर के मोहल्ला दरोगा बाग निवासी देवेंद्र सिंह (50) घर के पास ही इलेक्ट्रॉनिक और टिन के बक्से बनाने की दुकान किए था। देवेंद्र के बड़े भाई शैलेंद्र के मुताबिक, शनिवार रात 8:30 बजे देवेंद्र दुकान पर था। तभी प्लाटिंग का काम करने वाले उसके आवास विकास कालोनी निवासी दोस्त राजन श्रीवास्तव का कार चालक सुधीर बाइक से उसे ले गया। रात 11 बजे तक घर न लौटने पर देवेंद्र की पत्नी गीता ने फोन किया, तो उसने राजन के घर में होने की बात कही।
इसके बाद रात 1:30 बजे तक वह घर नहीं पहुंचा और फोन भी बंद हो गया। कुछ देर बाद राजन की निराला उद्यान सिविल लाइन निवासी बहन, भांजे अभिषेक और भांजी श्रेया ने अस्पताल पहुंचाया और मृत घोषित होने के बाद सभी वहां से भाग गए। इसके बाद घर पर सूचना दी कि देवेंद्र का शव जिला अस्पताल में पड़ा है। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने अस्पताल लाने वालों की तलाश की लेकिन वह नहीं मिले।
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रविवार को पोस्टमार्टम हुआ तो हत्या की पुष्टि हुई है। देवेंद्र के भाई ने उसके दोस्त, बहन व भांजे पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पत्नी और दो बच्चों में आदित्य और दिव्या हैं। मां वार्ड सभासद रह चुकी हैं। पिता इंस्पेक्टर थे, उनकी मौत हो चुकी है।
कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि जिन लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था उन्हें बुलाया गया है। महिला और उसके दोनों बच्चों ने नशे की हालत में गिरने की बात कही है। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। मामला गंभीर है, अभी तक की जांच में हत्या का मामला सामने आ रहा है।
20 साल से थी दोस्ती, दोस्त की तलाश
देवेंद्र सिंह और प्रॉपर्टी डीलर राजन श्रीवास्तव की दोस्ती 20 साल पुरानी है। दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना है। दोनों दोस्त शराब के लती थी। इसमें राजन का भांजा भी शामिल रहता था। जिस समय देवेंद्र राजन के घर गया था, वहां भांजा मौजूद था। मृतक के भाई शैलेंद्र ने बताया कि भांजे की कुछ आदतें अच्छी न होने से राजन देवेंद्र से उसे डटवावा था। यह भांजे को अच्छा नहीं लगता था। छह महीने पहले उसने इसकी शिकायत उससे की थी। शैलेंद्र के मुताबिक, भांजा अपराधी प्रवृत्ति का है। वह परिवार के लोगों को भी कई बार मारपीट चुका है।
देवेंद्र पर मारपीट के दर्ज हैं तीन मुकदमे
मृतक देवेंद्र भी शराब का लती होने के साथ मारपीट में आगे रहते थे। इसका प्रमाण यह है कि उन पर अभी भी मारपीट के तीन मामले चल रहे थे। राजन के साथ वह प्रॉपर्टी का भी कुछ काम करता था। इसलिए दोनों रोजाना घंटों तक एक साथ बैठते थे। घटना के बाद फोरेंसिक टीम और कोतवाल ने राजन की बहन के घर पहुंच जांच की और साक्ष्य जुटाए। वहां शराब पीने का साक्ष्य मिले हैं। फरार राजन की बहन के मुताबिक, देवेंद्र नशे की हालत में गिरे थे। इससे उनकी मौत हुई।
राजन का उसकी बहन से है 17 लाख का लेनदेन
घटना के बाद जांच करने पहुंची पुलिस को महिला ने बताया कि वह मूल रूप से कोतवाली के सरोसी गांव की रहने वाली हैं। उनका भाई राजन से 17 लाख रुपये का लेनदेन है। यह घर राजन का है, जिसे उन्होंने लीज पर ले रखा है। इन सबकी जानकारी देवेंद्र को थी। कोतवाल ने बताया कि राजन के मिलने के बाद ही पूरी बात सामने आएगी। उसकी तलाश जारी है।
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शहर के मोहल्ला दरोगा बाग निवासी देवेंद्र सिंह (50) घर के पास ही इलेक्ट्रॉनिक और टिन के बक्से बनाने की दुकान किए था। देवेंद्र के बड़े भाई शैलेंद्र के मुताबिक, शनिवार रात 8:30 बजे देवेंद्र दुकान पर था। तभी प्लाटिंग का काम करने वाले उसके आवास विकास कालोनी निवासी दोस्त राजन श्रीवास्तव का कार चालक सुधीर बाइक से उसे ले गया। रात 11 बजे तक घर न लौटने पर देवेंद्र की पत्नी गीता ने फोन किया, तो उसने राजन के घर में होने की बात कही।
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इसके बाद रात 1:30 बजे तक वह घर नहीं पहुंचा और फोन भी बंद हो गया। कुछ देर बाद राजन की निराला उद्यान सिविल लाइन निवासी बहन, भांजे अभिषेक और भांजी श्रेया ने अस्पताल पहुंचाया और मृत घोषित होने के बाद सभी वहां से भाग गए। इसके बाद घर पर सूचना दी कि देवेंद्र का शव जिला अस्पताल में पड़ा है। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने अस्पताल लाने वालों की तलाश की लेकिन वह नहीं मिले।
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रविवार को पोस्टमार्टम हुआ तो हत्या की पुष्टि हुई है। देवेंद्र के भाई ने उसके दोस्त, बहन व भांजे पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। पत्नी और दो बच्चों में आदित्य और दिव्या हैं। मां वार्ड सभासद रह चुकी हैं। पिता इंस्पेक्टर थे, उनकी मौत हो चुकी है।
कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि जिन लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था उन्हें बुलाया गया है। महिला और उसके दोनों बच्चों ने नशे की हालत में गिरने की बात कही है। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। मामला गंभीर है, अभी तक की जांच में हत्या का मामला सामने आ रहा है।
20 साल से थी दोस्ती, दोस्त की तलाश
देवेंद्र सिंह और प्रॉपर्टी डीलर राजन श्रीवास्तव की दोस्ती 20 साल पुरानी है। दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना है। दोनों दोस्त शराब के लती थी। इसमें राजन का भांजा भी शामिल रहता था। जिस समय देवेंद्र राजन के घर गया था, वहां भांजा मौजूद था। मृतक के भाई शैलेंद्र ने बताया कि भांजे की कुछ आदतें अच्छी न होने से राजन देवेंद्र से उसे डटवावा था। यह भांजे को अच्छा नहीं लगता था। छह महीने पहले उसने इसकी शिकायत उससे की थी। शैलेंद्र के मुताबिक, भांजा अपराधी प्रवृत्ति का है। वह परिवार के लोगों को भी कई बार मारपीट चुका है।
देवेंद्र पर मारपीट के दर्ज हैं तीन मुकदमे
मृतक देवेंद्र भी शराब का लती होने के साथ मारपीट में आगे रहते थे। इसका प्रमाण यह है कि उन पर अभी भी मारपीट के तीन मामले चल रहे थे। राजन के साथ वह प्रॉपर्टी का भी कुछ काम करता था। इसलिए दोनों रोजाना घंटों तक एक साथ बैठते थे। घटना के बाद फोरेंसिक टीम और कोतवाल ने राजन की बहन के घर पहुंच जांच की और साक्ष्य जुटाए। वहां शराब पीने का साक्ष्य मिले हैं। फरार राजन की बहन के मुताबिक, देवेंद्र नशे की हालत में गिरे थे। इससे उनकी मौत हुई।
राजन का उसकी बहन से है 17 लाख का लेनदेन
घटना के बाद जांच करने पहुंची पुलिस को महिला ने बताया कि वह मूल रूप से कोतवाली के सरोसी गांव की रहने वाली हैं। उनका भाई राजन से 17 लाख रुपये का लेनदेन है। यह घर राजन का है, जिसे उन्होंने लीज पर ले रखा है। इन सबकी जानकारी देवेंद्र को थी। कोतवाल ने बताया कि राजन के मिलने के बाद ही पूरी बात सामने आएगी। उसकी तलाश जारी है।