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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: बीमा कंपनी मालामाल, किसान बदहाल

Fri, 28 Feb 2020 01:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2020 01:00 AM IST
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Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: Insurance company Malamaal, Kisan Badhal
उन्नाव। तीन साल पहले केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी ताकि प्राकृतिक आपदा में फसल को नुकसान होने पर बीमा कंपनी अन्नदाता को क्षतिपूर्ति देकर उन्हें राहत दे। हालांकि सरकार की यह योजना, बीमा कंपनी को मालामाल कर गई। जबकि किसान परेशान ही रहा।
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केंद्र सरकार ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को खरीफ फसल के लिए बीमा राशि का 2 फीसदी और रबी की फसल के 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाकर ऋण लेने वाले किसानों की फसलों का बीमा अपने आप हो जाता है। किसान जितना लोन लेते हैं उसी आधार पर इंश्योरेंस कंपनी बीमा करती है। सरकार की इस योजना के पीछे उद्देश्य है कि दैवीय आपदा (तेज बारिश, बाढ़, ओलावृष्टि, सूखा आदि) से फसल का नुकसान होता है तो बीमा कंपनी, खराब हुई फसल के एवज में मुआवजा देगी। हालांकि केंद्र सरकार की इस मंशा पर बीमा कंपनी ने पानी फेर दिया। योजना बीमा कंपनी के लिए फायदे का सौदा साबित हुई। पिछले तीन साल के आंकड़ों के अनुसार बीमा कंपनियों (वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 18-19 में रिलायंस इंश्योरेंस और 2019-20 में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी) ने फसलों का बीमा करने में प्रीमियम के रूप में करोड़ों रुपये जमा कराए लेकिन मुआवजा लाखों में भुगतान करके खानापूरी कर दी। जिससे कंपनी ने तो करोड़ों रुपये कमा लिए लेकिन किसान प्रकृति की मार के साथ ही उपेक्षा के शिकार हुए।
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इस बार प्रधानमंत्री फसल बीमा में मोदी सरकार ने संशोधन किया है। अभी तक किसान के केसीसी बनवाने पर स्वत: ही बीमा हो जाता था। बैंक अधिकारी बीमा का पैसा काटकर कंपनी को देते थे। जबकि मुआवजा देने के समय बीमा कंपनी नियमों के चक्रव्यूह में किसानों को उलझा देती थी। हालांकि अब फसल बीमा में किसानों को राहत दे दी गई है। किसान चाहेगा तभी उसकी फसल का बीमा होगा।
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तीन वित्तीय वर्षों में लिया गया बीमा प्रीमियम व किसानों को भुगतान
वित्तीय वर्ष 2017-18 (रबी सीजन)
बीमित किसान-40938
प्रीमियम वसूला-2.89 करोड़
मुआवजे से लाभान्वित किसान-1426
क्षतिपूर्ति-46.61 लाख
वित्तीय वर्ष 2018-19 (रबी सीजन)
बीमित किसान-66891
प्रीमियम वसूला-3.61 करोड़
मुआवजे से लाभान्वित किसान-03
क्षतिपूर्ति-2 लाख
वित्तीय वर्ष-2019-20 (रबी सीजन)
बीमित किसान-44094
प्रीमियम वसूला-2.10 करोड़
क्षतिपूर्ति-कोई नहीं
रबी सीजन में यह फसलें हैं बीमित
गेहूं, चना, मसूर, लाही, सरसों व आलू
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