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सीमेंट की हेराफेरी करने वाले तीन गिरफ्तार
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सोनिक। ट्रक में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर सीमेंट की बोरियों की हेराफेरी करने वाले तीन लोगों को स्वॉट व सर्विलांस और दही थाना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
लखनऊ के महानगर थानाक्षेत्र के सेक्रेतरियात कालोनी निवासी पीयूष लखनऊ स्थित एमकेएसके बिजनेस लिमिटेड फर्म में प्रबंधक हैं। फर्म ने एक नामी सीमेंट कंपनी की डीलरशिप ले रखी है। पीयूष ने मध्यप्रदेश के मैहर से मालगाड़ी के 42 वैगन में लगभग 54 हजार सीमेंट की बोरियां मंगाई थीं।
इसे अलग-अलग जिलों में ट्रकों के जरिए भेजना करना था। 800 बोरी सीमेंट कानपुर के अकबरपुर थाना क्षेत्र के कांकरपुर भेजनी थीं। 24 अप्रैल को ट्रक पर सीमेंट की बोरियां लादकर भेजी गईं थीं, लेकिन ट्रक अकबरपुर नहीं पहुंचा। पीयूष ने ट्रक नंबर के आधार पर आरटीओ लखनऊ में जानकारी की तो ट्रक में लगी प्लेट पर लिखा नंबर कार का निकला।
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ट्रक के चालक व मालिक का मोबाइल नंबर भी बंद था। इस पर दही थाना पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीयूष ने लखनऊ में एक आला पुलिस अधिकारी को अर्जी देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद दही थाना पुलिस ने नौ मई को रिपोर्ट दर्ज की। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने जांच में स्वॉट टीम को भी लगाया।
पुलिस ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इनमें रायबरेली जिले के थाना मिल एरिया के देवानंदपुर नई बस्ती निवासी रामनरेश व प्रिंस सिंह और मध्य प्रदेश प्रांत के रीवा जिला के सिमरिया थानाक्षेत्र के हरई निवासी कमलकांत द्विवेदी शामिल है।
दही थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त ट्रक, 205 बोरी सीमेंट, एक फर्जी नंबर प्लेट, चार मोबाइल फोन और 3200 रुपये बरामद हुए हैं। सीमेंट की बाकी बोरियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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लखनऊ के महानगर थानाक्षेत्र के सेक्रेतरियात कालोनी निवासी पीयूष लखनऊ स्थित एमकेएसके बिजनेस लिमिटेड फर्म में प्रबंधक हैं। फर्म ने एक नामी सीमेंट कंपनी की डीलरशिप ले रखी है। पीयूष ने मध्यप्रदेश के मैहर से मालगाड़ी के 42 वैगन में लगभग 54 हजार सीमेंट की बोरियां मंगाई थीं।
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इसे अलग-अलग जिलों में ट्रकों के जरिए भेजना करना था। 800 बोरी सीमेंट कानपुर के अकबरपुर थाना क्षेत्र के कांकरपुर भेजनी थीं। 24 अप्रैल को ट्रक पर सीमेंट की बोरियां लादकर भेजी गईं थीं, लेकिन ट्रक अकबरपुर नहीं पहुंचा। पीयूष ने ट्रक नंबर के आधार पर आरटीओ लखनऊ में जानकारी की तो ट्रक में लगी प्लेट पर लिखा नंबर कार का निकला।
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ट्रक के चालक व मालिक का मोबाइल नंबर भी बंद था। इस पर दही थाना पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीयूष ने लखनऊ में एक आला पुलिस अधिकारी को अर्जी देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद दही थाना पुलिस ने नौ मई को रिपोर्ट दर्ज की। एसपी दिनेश त्रिपाठी ने जांच में स्वॉट टीम को भी लगाया।
पुलिस ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इनमें रायबरेली जिले के थाना मिल एरिया के देवानंदपुर नई बस्ती निवासी रामनरेश व प्रिंस सिंह और मध्य प्रदेश प्रांत के रीवा जिला के सिमरिया थानाक्षेत्र के हरई निवासी कमलकांत द्विवेदी शामिल है।
दही थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त ट्रक, 205 बोरी सीमेंट, एक फर्जी नंबर प्लेट, चार मोबाइल फोन और 3200 रुपये बरामद हुए हैं। सीमेंट की बाकी बोरियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।