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डीएपी की रैक आई, किसानों को राहत
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फतेहपुर चौरासी के गढ़ी सहकारी साधन समिति से खाद ले जाते लोग। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिले को इफको डीएपी की नई रैक मिल गई है। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। समितियों के माध्यम से किसानों को डीएपी का वितरण भी शुरू कर दिया गया है। इससे आलू, सरसों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
रबी सीजन के शुरू होने से पहले ही जिले में डीएपी का किल्लत हो गई थी। समितियों पर खाद न मिलने से किसान परेशान हो रहे थे। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद प्रशासन ने किसानों की समस्या पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को तलब किया। प्रशासन के कड़े रुख के बाद सोमवार को 3360 मीट्रिक टन डीएपी की नई रैक जिले में आ गई। इसे तुरंत समितियों व एग्री जंक्शन को भेज दिया गया। वहां से किसानों में वितरण शुरू करा दिया गया है। फतेहपुर चौरासी गढ़ी के साधन सहकारी समिति में सोमवार को दो सौ किसानों को डीएपी वितरित की गई। समिति के कैडर सचिव शिवपाल सिंह ने बताया कि 400 बोरी डीएपी के लिए चेक जमा की थी। 360 बोरी मिली। इन्हें वितरित करा दिया गया। बताया कि समिति का भवन जर्जर होने के कारण उर्वरकों के रखरखाव में परेशानी होती है। इसी प्रकार फरदापुर समिति में भी डीएपी का वितरण किया गया।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि रबी सीजन में 32500 मीट्रिकटन डीएपी उपयोग का लक्ष्य है। अक्तूबर में 7893 एमटी की खपत होती है। इसके सापेक्ष विभाग के पास 13855 एमटी डीएपी मौजूद है। इसमें सोमवार को आई 3360 एमटी की नई रैक और इफको व निजी कंपनियों की डीएपी भी शामिल है। बताया कि डीएपी का रेट 1200 प्रति बोरी है। यदि कोई दुकानदार या साधन सहकारी समिति का सचिव अधिक पैसे लेता है तो इसकी शिकायत करें। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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रबी सीजन के शुरू होने से पहले ही जिले में डीएपी का किल्लत हो गई थी। समितियों पर खाद न मिलने से किसान परेशान हो रहे थे। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद प्रशासन ने किसानों की समस्या पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को तलब किया। प्रशासन के कड़े रुख के बाद सोमवार को 3360 मीट्रिक टन डीएपी की नई रैक जिले में आ गई। इसे तुरंत समितियों व एग्री जंक्शन को भेज दिया गया। वहां से किसानों में वितरण शुरू करा दिया गया है। फतेहपुर चौरासी गढ़ी के साधन सहकारी समिति में सोमवार को दो सौ किसानों को डीएपी वितरित की गई। समिति के कैडर सचिव शिवपाल सिंह ने बताया कि 400 बोरी डीएपी के लिए चेक जमा की थी। 360 बोरी मिली। इन्हें वितरित करा दिया गया। बताया कि समिति का भवन जर्जर होने के कारण उर्वरकों के रखरखाव में परेशानी होती है। इसी प्रकार फरदापुर समिति में भी डीएपी का वितरण किया गया।
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जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि रबी सीजन में 32500 मीट्रिकटन डीएपी उपयोग का लक्ष्य है। अक्तूबर में 7893 एमटी की खपत होती है। इसके सापेक्ष विभाग के पास 13855 एमटी डीएपी मौजूद है। इसमें सोमवार को आई 3360 एमटी की नई रैक और इफको व निजी कंपनियों की डीएपी भी शामिल है। बताया कि डीएपी का रेट 1200 प्रति बोरी है। यदि कोई दुकानदार या साधन सहकारी समिति का सचिव अधिक पैसे लेता है तो इसकी शिकायत करें। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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