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Unnao News: करोड़ों के गड़बड़ी पर अफसरों ने पर्दा डाला
Wed, 02 Apr 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Wed, 02 Apr 2025 12:07 AM IST
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उन्नाव। पंचायतीराज विभाग और उन्नाव खंड शारदा नहर कार्यालय में करोड़ों की गड़बड़ी की जांच पर अफसरों ने पर्दा डाल दिया है। इसके चलते दोनों जांचें ठंडे बस्ते में चली गई और जिम्मेदारों को अभयदान मिल गया है।
प्रशासक अवधि में सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) पंचायत द्वारा निकाले गए 7.54 करोड़ की जांच के लिए गठित टीमें सात माह में भी रिपोर्ट नहीं दे सकी हैं। पिछले कार्यकाल के प्रधानों का चार्ज 25 दिसंबर 2020 रात 12 बजे वापस ले लिया गया था। कार्यकाल खत्म होने के बाद रात 12 बजे प्रधानों को विभागीय साइट से अनरजिस्टर्ड कर दिया गया था। इसके बाद पंचायतों में सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक तैनात कर दिया गया था। फिर त्रिस्तरीय चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसी बीच पद के परिणाम जारी होने और नवनिर्वाचित प्रधानों के शपथ ग्रहण के बीच पांच मई से 25 मई 2021 के बीच प्रशासक के पद पर तैनात रहे एडीओ पंचायत ने नियम विरुद्ध 7.54 करोड़ रुपये ग्राम निधि खाते से निकाल लिए थे। प्रशासन ने अगस्त 2024 में मामले की जांच के लिए सात टीमें गठित की थीं। टीमों को निर्देश दिए थे कि एक माह में जांच पूरी करके रिपोर्ट दें लेकिन जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
विधायक की शिकायत को भी तवज्जो नहीं, अधर में जांच
उन्नाव। भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला ने प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन को भेजे गए पत्र में उन्नाव खंड शारदा नहर के अधिशाषी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें बताया था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में निरीक्षण भवन के लिए एक्सईएन ने 29.91 लाख रुपये से गद्दे, एसी, गीजर आदि सामान खरीदा था लेकिन यह सामान निजी प्रयोग के लिए घर लेकर चले गए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में लोनी ड्रेन की सफाई के लिए आवंटित राजकीय धन का बिना कार्य कराए ही बंदरबांट कर लिया गया। चार बिंदुओं के शिकायतीपत्र में सिल्ट सफाई के नाम पर 2.45 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2023-24 में केवल डीजल खर्च व गाड़ियों की मरम्मत में 50 लाख से अधिक का भुगतान कराने का भी आरोप लगाया था। सीडीओ ने आठ नवंबर को प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित की थी। टीम को दस दिन में रिपोर्ट देने के आदेश थे लेकिन चार माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। (संवाद)
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कोट-- -- -- -- -
पंचायतीराज विभाग की जो जांच चल रही है, वह ग्राम पंचायतों से जुड़ी है। इसलिए उसमें समय लग रहा है। शारदा नहर कार्यालय की जांच की अपडेट इधर कार्य की व्यस्तता के चलते नहीं ले पाया। बुधवार को दोनों मामलों की जानकारी लेंगे।
प्रेम प्रकाश मीणा, सीडीओ।
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प्रशासक अवधि में सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) पंचायत द्वारा निकाले गए 7.54 करोड़ की जांच के लिए गठित टीमें सात माह में भी रिपोर्ट नहीं दे सकी हैं। पिछले कार्यकाल के प्रधानों का चार्ज 25 दिसंबर 2020 रात 12 बजे वापस ले लिया गया था। कार्यकाल खत्म होने के बाद रात 12 बजे प्रधानों को विभागीय साइट से अनरजिस्टर्ड कर दिया गया था। इसके बाद पंचायतों में सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक तैनात कर दिया गया था। फिर त्रिस्तरीय चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसी बीच पद के परिणाम जारी होने और नवनिर्वाचित प्रधानों के शपथ ग्रहण के बीच पांच मई से 25 मई 2021 के बीच प्रशासक के पद पर तैनात रहे एडीओ पंचायत ने नियम विरुद्ध 7.54 करोड़ रुपये ग्राम निधि खाते से निकाल लिए थे। प्रशासन ने अगस्त 2024 में मामले की जांच के लिए सात टीमें गठित की थीं। टीमों को निर्देश दिए थे कि एक माह में जांच पूरी करके रिपोर्ट दें लेकिन जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
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विधायक की शिकायत को भी तवज्जो नहीं, अधर में जांच
उन्नाव। भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला ने प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन को भेजे गए पत्र में उन्नाव खंड शारदा नहर के अधिशाषी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें बताया था कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में निरीक्षण भवन के लिए एक्सईएन ने 29.91 लाख रुपये से गद्दे, एसी, गीजर आदि सामान खरीदा था लेकिन यह सामान निजी प्रयोग के लिए घर लेकर चले गए। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में लोनी ड्रेन की सफाई के लिए आवंटित राजकीय धन का बिना कार्य कराए ही बंदरबांट कर लिया गया। चार बिंदुओं के शिकायतीपत्र में सिल्ट सफाई के नाम पर 2.45 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2023-24 में केवल डीजल खर्च व गाड़ियों की मरम्मत में 50 लाख से अधिक का भुगतान कराने का भी आरोप लगाया था। सीडीओ ने आठ नवंबर को प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित की थी। टीम को दस दिन में रिपोर्ट देने के आदेश थे लेकिन चार माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। (संवाद)
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पंचायतीराज विभाग की जो जांच चल रही है, वह ग्राम पंचायतों से जुड़ी है। इसलिए उसमें समय लग रहा है। शारदा नहर कार्यालय की जांच की अपडेट इधर कार्य की व्यस्तता के चलते नहीं ले पाया। बुधवार को दोनों मामलों की जानकारी लेंगे।
प्रेम प्रकाश मीणा, सीडीओ।