अब दो पहिया वाहनों का भी कामर्शियल रजिस्ट्रेशन
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 29 नवंबर को एक पत्र जारी कर दूधिए, पिज्जा, ब्रेड, कोरियर आदि की डिलीवरी में बाइक के प्रयोग होने पर उसे कामर्शियल श्रेणी में घोषित कर दिया है। साथ ही अगर कोई बाइक को किराए पर चलाना चाहता है। तो उसे भी कामर्शियल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। चेकिंग अभियान में पकड़े जाने पर चालान के साथ ही सख्त सजा का प्राविधान किया गया है। मंत्रालय से पत्र आते ही परिवहन आयुक्त के रवींद्र नायक ने आरटीओ व एआरटीओ को डिलीवरी बाइक का रजिस्ट्रेशन ‘कामर्शियल’ में करने के निर्देश दिए है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन माला बाजपेई ने बताया कि आयुक्त का पत्र मिला है। नई गाइड लाइन के तहत बाइक का कामर्शियल प्रयोग करने पर निजी नहीं बल्कि कामर्शियल कैटेगरी में होगा रजिस्ट्रेशन। इसके अलावा हर तिमाही तीन सौ रुपये के टैक्स अदायगी के साथ ही फिटनेस भी करानी होगी। यह व्यवस्था नए साल से प्रभावी होगी। बताया कि नियम पालन कराने के लिए जिले में क्रास चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
गोवा की तर्ज पर किया गया है बदलाव
दुनिया के खूबसूरत पर्यटक स्थलों में शुमार गोवा राज्य में पर्यटकों को सैर सपाटे के लिए लोकल के लोग बाइक को किराए पर देकर कमाई करते हैं। इसके चलते गोवा में बाइक का रजिस्ट्रेशन निजी नहीं बल्कि कामर्शियल श्रेणी में होता है। अब गोवा की तर्ज पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यूपी में भी टू व्हीलर के व्यवसायिक उपयोग पर कामर्शियल रजिस्ट्रेशन का दायरा फिक्स किया है।
दूधियों को लगेगा सबसे ज्यादा झटका
बाइक में दूध के पीपे लादकर जिले से गैर जिले तक फर्राटा भरने वाले दूधियों को नए नियम से सबसे ज्यादा झटका लगेगा। अभी तक न तो टैक्स का झंझट था न ही फिटनेस कराने की कवायद थी। इनके अलावा ब्रेड, कोरियर, पिज्जा आदि की सप्लाई बाइक से करने वालों को भी नए नियम से कदमताल करना होगा। यानी कि बाइक के रजिस्ट्रेेशन पर व्यवसायिक कार्य करने पर विभागीय कार्रवाई की मार पड़ेगी।