{"_id":"b86ee73239a9dc42d2a4114c16f5acd5","slug":"notice-hindi-news-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"40 जिलास्तरीय अधिकारियों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 जिलास्तरीय अधिकारियों को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 06 Feb 2015 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। जनपद में 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। जनप्रतिनिधिओं से प्रस्ताव न लेने पर जिलास्तरीय अधिकारियों से सीडीओ ने स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन में जवाब न देने पर इन अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला योजना समिति की बैठक में गुरुवार को जनप्रतिनिधिओं ने जिले के प्रभारी व राज्यमंत्री से शिकायत की थी कि जो भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं उनमें जनप्रतिनिधिओं से किसी भी विभाग (पीडब्ल्यूडी, पशुपालन व वन को छोड़कर) ने प्रस्ताव नहीं मांगा है।
प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मुख्य विकास अधिकारी नेहा शर्मा ने शुक्रवार को 40 जिलास्तरीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निर्देश दिए हैं कि 3 दिन में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी अपना स्पष्टीकरण दें कि आखिर जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव क्यों नहीं लिए गए। सीडीओ ने कहा यदि निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण न दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला पंचायत की बैठक में उठा था मुद्दा
27 जनवरी को विकास भवन के सभागार में हुई जिला पंचायत की बैठक में यह मुद्दा उठा था। जनप्रतिनिधिओं ने शिकायत की थी। इस कारण उस समय 29 जनवरी को प्रस्तावित जिला योजना की बैठक स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने जनप्रतिनिधिओं से प्रस्ताव लेना मुनासिब नहीं समझा और जिला योजना समिति के लिए अपने विभाग की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करके भेज दिया।
इन विभागों के अधिकारियों को देना होगा जवाब
कृषि विभाग, उद्यान, लघु सिंचाई, मत्स्य, दुग्ध विकास, सहकारिता, भूमि विकास एवं जल संसाधन, रोजगार कार्यक्रम मनरेगा, पंचायती, नलकूप, नेडा, खादी ग्रामोद्योग, रेशम विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग, पर्यटन विकास, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, युवा कल्याण विभाग, एलोपैथिक चिकित्सा, होम्योपैथिक चिकित्सा, जलनिगम, समाज कल्याण अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण, जिला सेवायोजन, आईटीआई, विकलांग कल्याण, प्रोवेशन, बाल विकास समेत अन्य।
सरोसी बीडीओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
दो माह पहले दी गई जांच को अभी तक पूरा न करने और आरोपपत्र अनुमोदन के लिए प्रस्तुत न करने पर खंड विकास अधिकारी सिकंदरपुर सरोसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला विकास अधिकारी एनबी सविता के मुताबिक, नवंबर 2014 को फतेहपुर चौरासी के ग्राम विकास अधिकारी मुन्नीलाल को निलंबित कर सरोसी बीडीओ को जांच के आदेश दिए गए थे। लगभग दो माह बीतने के बाद न तो बीडीओ ने जांच की और न ही आरोपपत्र गठित कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया। इस पर शुक्रवार को डीडीओ की ओर से सरोसी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विज्ञापन
जिला योजना समिति की बैठक में गुरुवार को जनप्रतिनिधिओं ने जिले के प्रभारी व राज्यमंत्री से शिकायत की थी कि जो भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं उनमें जनप्रतिनिधिओं से किसी भी विभाग (पीडब्ल्यूडी, पशुपालन व वन को छोड़कर) ने प्रस्ताव नहीं मांगा है।
विज्ञापन
प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मुख्य विकास अधिकारी नेहा शर्मा ने शुक्रवार को 40 जिलास्तरीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निर्देश दिए हैं कि 3 दिन में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी अपना स्पष्टीकरण दें कि आखिर जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव क्यों नहीं लिए गए। सीडीओ ने कहा यदि निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण न दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला पंचायत की बैठक में उठा था मुद्दा
27 जनवरी को विकास भवन के सभागार में हुई जिला पंचायत की बैठक में यह मुद्दा उठा था। जनप्रतिनिधिओं ने शिकायत की थी। इस कारण उस समय 29 जनवरी को प्रस्तावित जिला योजना की बैठक स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने जनप्रतिनिधिओं से प्रस्ताव लेना मुनासिब नहीं समझा और जिला योजना समिति के लिए अपने विभाग की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करके भेज दिया।
इन विभागों के अधिकारियों को देना होगा जवाब
कृषि विभाग, उद्यान, लघु सिंचाई, मत्स्य, दुग्ध विकास, सहकारिता, भूमि विकास एवं जल संसाधन, रोजगार कार्यक्रम मनरेगा, पंचायती, नलकूप, नेडा, खादी ग्रामोद्योग, रेशम विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग, पर्यटन विकास, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, युवा कल्याण विभाग, एलोपैथिक चिकित्सा, होम्योपैथिक चिकित्सा, जलनिगम, समाज कल्याण अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण, जिला सेवायोजन, आईटीआई, विकलांग कल्याण, प्रोवेशन, बाल विकास समेत अन्य।
सरोसी बीडीओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
दो माह पहले दी गई जांच को अभी तक पूरा न करने और आरोपपत्र अनुमोदन के लिए प्रस्तुत न करने पर खंड विकास अधिकारी सिकंदरपुर सरोसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला विकास अधिकारी एनबी सविता के मुताबिक, नवंबर 2014 को फतेहपुर चौरासी के ग्राम विकास अधिकारी मुन्नीलाल को निलंबित कर सरोसी बीडीओ को जांच के आदेश दिए गए थे। लगभग दो माह बीतने के बाद न तो बीडीओ ने जांच की और न ही आरोपपत्र गठित कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया। इस पर शुक्रवार को डीडीओ की ओर से सरोसी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।