{"_id":"6975792ef2d24856feec394220f0d502","slug":"nature-on-farmers-thunderclap-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रकृति ने किसानों पर किया ‘वज्रपात’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रकृति ने किसानों पर किया ‘वज्रपात’
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांगरमऊ। ओलावृष्टि ने फसलों को तबाह कर दिया। खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गईं। वहीं आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
गुरुवार को प्रकृति ने अन्नदाता को रुलाने मेें कोई कसर नहीं छोड़ी। आधे घंटे से अधिक समय तक गिरे ओलों को देख किसानों की आंखों से आंसू निकल आए। जानकारों की मानेें तो दोपहर में आसमान पूरी तरह से साफ होने से धूप निकली थी लेकिन शाम ढलते ही बादल आ गए।
गुरुवार शाम करीब 5 बजे तूफान आया। ग्रामीणों के मुताबिक, ओले का साइज 100 ग्राम से कम नहीं था। इसके चलते खेतों में पकी खड़ी सरसों व गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। सालों बाद इस तरह ओले गिरे हैं। फसलें तबाह हो गई हैं। सरसों, गेहूं की फसल भी गिर गई है। वहीं आम के पेड़ों में आए बौर भी इस ओलावृष्टि से झड़ गए हैं। इससे आम के उत्पादन मेें भी कमी आने की पूरी संभावना है।
वहीं बांगरमऊ के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी ओले गिरे हैं।
चकलवंशी संवाददाता के अनुसार, आंधी के दौरान माखी थानाक्षेत्र के चकलवंशी कसबा निवासी आशीष कुमार की छत पर लगी टीन उखड़ गई और पास में ही खेल रहे उसके चार साल के बेटे आदर्श के ऊपर गिर गई। घायल आदर्श को एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुवार को प्रकृति ने अन्नदाता को रुलाने मेें कोई कसर नहीं छोड़ी। आधे घंटे से अधिक समय तक गिरे ओलों को देख किसानों की आंखों से आंसू निकल आए। जानकारों की मानेें तो दोपहर में आसमान पूरी तरह से साफ होने से धूप निकली थी लेकिन शाम ढलते ही बादल आ गए।
गुरुवार शाम करीब 5 बजे तूफान आया। ग्रामीणों के मुताबिक, ओले का साइज 100 ग्राम से कम नहीं था। इसके चलते खेतों में पकी खड़ी सरसों व गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। सालों बाद इस तरह ओले गिरे हैं। फसलें तबाह हो गई हैं। सरसों, गेहूं की फसल भी गिर गई है। वहीं आम के पेड़ों में आए बौर भी इस ओलावृष्टि से झड़ गए हैं। इससे आम के उत्पादन मेें भी कमी आने की पूरी संभावना है।
विज्ञापन
वहीं बांगरमऊ के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी ओले गिरे हैं।
चकलवंशी संवाददाता के अनुसार, आंधी के दौरान माखी थानाक्षेत्र के चकलवंशी कसबा निवासी आशीष कुमार की छत पर लगी टीन उखड़ गई और पास में ही खेल रहे उसके चार साल के बेटे आदर्श के ऊपर गिर गई। घायल आदर्श को एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन