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मासूम से हैवानियत का रहस्य बरकरार, एसआईटी गठित
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उन्नाव के बिहार थानाक्षेत्र में सीओ व इंस्पेक्टर से चर्चा करते एएसपी वीके पांडेय।
- फोटो : UNNAO
पाटन(उन्नाव)। बिहार थाना क्षेत्र में 9 साल की बच्ची से हैवानियत के बाद हत्या की वारदात में पुलिस चौथे दिन भी खाली हाथ है। एसपी ने खुलासे के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। एएसपी के नेतृत्व में गठित 11 सदस्यीय एसआईटी ने घटना के हर बिंदु पर जांच शुरू की है। टीम ने परिजनों के अलावा घटना वाले दिन फाग में मौजूद लोगों से भी बिंदुवार जानकारी ली। एसपी ने आरोपियों को शीघ्र पकड़ने का दावा किया है।
बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 मार्च को फाग गायन के बीच 9 साल की बच्ची को अगवा कर हैवानियत के बाद उसकी हत्या कर दी गई। बच्ची की हत्या के बाद फिर से सियासी तूफान खड़ा हो गया। जद्दोजहद के बाद पुलिस व प्रशासन किसी तरह बच्ची का अंतिम संस्कार करा पाया। अब घटना का खुलासा व आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी है। घटना के बाद से जांच कर रही पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए उठाया। हलांकि अब तक पुलिस को किसी से कोई सुराग हाथ नहीं लगा। लगातार चौथे दिन घटना के खुलासे में बिहार पुलिस असफल रही। एसपी विक्रांतवीर ने खुलासे के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। एएसपी वीके पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम में चार निरीक्षकों के अलावा सर्विलांस व स्वॉट टीम के सिपाहियों को शामिल किया गया है। शुक्रवार को गठित एसआईटी मृत बच्ची के गांव पहुंची। परिजनों से वार्ता के बाद टीम ने गांव के लोगों से भी जानकारी जुटाई। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि हर बिंदु पर पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जिसने भी घटना को अंजाम दिया है वह शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।
घटना के चौथे दिन भी गांव में भारी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल तैनात रहा। अलग-अलग टुकड़ियों में बंटा पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था देखने के साथ ग्रामीणों से वार्ता कर घटना की टोह लेने में लगा रहा। गांव में लगी महिला पुलिसकर्मी महिलाओं के पास बैठकर उनसे वार्ता कर सुराग की तलाश करतीं दिखीं। वार्ता के बीच जिन लोगों का नाम सामने आया, पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें उठाकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पड़ोसी गांव जगतखेड़ा से भी कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
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हैवानियत के बाद बच्ची की हत्या करने वाले तक पहुंचने के लिए एसपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। घटना के खुलासे के लिए एसपी के निर्देश पर पुलिस की 6 टीमें अलग-अलग सुराग तलाशने में जुटी हैं। एसआईटी के अलावा, क्राइम ब्रांच व एलआईयू टीम को भी सुरागकशी में लगाया गया है। एएसपी वीके पांडेय गांव में ही रहकर सभी टीमों की निगरानी कर रहे हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से पुलिस ने धड़पकड़ शुरू की है, उससे गांव के भयभीत है। उनका कहना है कि पुलिस आरोपी को सामने लाने के लिए अपनी कार्रवाई करे पर किसी निर्दोष को न फंसाए। दोषी को सामने लाने के लिए वह हर तरह से पुलिस की मदद करने को तैयार हैं।
हैवानियत के बाद बेटी की हत्या के बाद से उसके पिता की हालत बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को ब्लड प्रेशर लो होने से पिता बेहोश हो गया था। जिस पर स्वास्थ्य टीम ने उसका परीक्षण कर इलाज मुहैया कराया था। शुक्रवार को फिर से ब्लड प्रेशर लो होने से पिता बेहोश हो गया। जिस पर सीएचसी की टीम मौके पर पहुंची और इलाज किया।
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बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 मार्च को फाग गायन के बीच 9 साल की बच्ची को अगवा कर हैवानियत के बाद उसकी हत्या कर दी गई। बच्ची की हत्या के बाद फिर से सियासी तूफान खड़ा हो गया। जद्दोजहद के बाद पुलिस व प्रशासन किसी तरह बच्ची का अंतिम संस्कार करा पाया। अब घटना का खुलासा व आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी है। घटना के बाद से जांच कर रही पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए उठाया। हलांकि अब तक पुलिस को किसी से कोई सुराग हाथ नहीं लगा। लगातार चौथे दिन घटना के खुलासे में बिहार पुलिस असफल रही। एसपी विक्रांतवीर ने खुलासे के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। एएसपी वीके पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम में चार निरीक्षकों के अलावा सर्विलांस व स्वॉट टीम के सिपाहियों को शामिल किया गया है। शुक्रवार को गठित एसआईटी मृत बच्ची के गांव पहुंची। परिजनों से वार्ता के बाद टीम ने गांव के लोगों से भी जानकारी जुटाई। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि हर बिंदु पर पुलिस टीमें काम कर रही हैं। जिसने भी घटना को अंजाम दिया है वह शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।
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घटना के चौथे दिन भी गांव में भारी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल तैनात रहा। अलग-अलग टुकड़ियों में बंटा पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था देखने के साथ ग्रामीणों से वार्ता कर घटना की टोह लेने में लगा रहा। गांव में लगी महिला पुलिसकर्मी महिलाओं के पास बैठकर उनसे वार्ता कर सुराग की तलाश करतीं दिखीं। वार्ता के बीच जिन लोगों का नाम सामने आया, पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें उठाकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पड़ोसी गांव जगतखेड़ा से भी कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
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हैवानियत के बाद बच्ची की हत्या करने वाले तक पहुंचने के लिए एसपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। घटना के खुलासे के लिए एसपी के निर्देश पर पुलिस की 6 टीमें अलग-अलग सुराग तलाशने में जुटी हैं। एसआईटी के अलावा, क्राइम ब्रांच व एलआईयू टीम को भी सुरागकशी में लगाया गया है। एएसपी वीके पांडेय गांव में ही रहकर सभी टीमों की निगरानी कर रहे हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से पुलिस ने धड़पकड़ शुरू की है, उससे गांव के भयभीत है। उनका कहना है कि पुलिस आरोपी को सामने लाने के लिए अपनी कार्रवाई करे पर किसी निर्दोष को न फंसाए। दोषी को सामने लाने के लिए वह हर तरह से पुलिस की मदद करने को तैयार हैं।
हैवानियत के बाद बेटी की हत्या के बाद से उसके पिता की हालत बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को ब्लड प्रेशर लो होने से पिता बेहोश हो गया था। जिस पर स्वास्थ्य टीम ने उसका परीक्षण कर इलाज मुहैया कराया था। शुक्रवार को फिर से ब्लड प्रेशर लो होने से पिता बेहोश हो गया। जिस पर सीएचसी की टीम मौके पर पहुंची और इलाज किया।