फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   muharream procession took out

मोहर्रम के जुलूस निकाले गए

Thu, 13 Oct 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Thu, 13 Oct 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
muharream procession took out
muslimd in muharrem procession - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन
कत्ल यजीद अस्ल में मर्गे यजीद है-इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद। नबी पाक के दीन की हिफाजत करने वाले हजरत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर जांनशीनों की कुर्बानी की याद में बुधवार को जिले भर में ताजियों, अलम और मातम का जुलूस निकाला गया। शहर में अंजुमन अजाए हुसैन और अंजुमन हुसैनिया की जानिब से ताजियों और अलम का जुलूस निकला। जुलूस में हुसैनी शैदाइयों ने छुरी और तलवार का मातम कर अपनी अकीदत का सुबूत पेश किया। देरशाम ताजियों को कर्बला में सुपुर्दे खाक किया गया। अकीदतमंदों ने घरों में मीठे पकवान बनाकर शहीदाने कर्बला की नज्र पेश की।
प्यारे इमाम अस्सलाम, आली मुकाम अस्सलाम और या हुसैन या हुसैन की सदाओं के साथ शहर के ककरहा बाग मोहल्ले से अंजुमन हुसैनिया का नौहों के बीच जुलूसे हुसैनी निकाला गया। जुलूस छोटा चौराहा, सदर बाजार, बड़ा चौराहा होते हुए धवन रोड, छिपियाना व तालिब सरांय तक निकला। जुलूस में सबसे आगे चल रहे उस्ताद अब्दुरर्हमान का अक्खाड़े के नौ जवानों ने जंग ए कर्बला का नजारा पेश किया। उन्होंने लाठी, बाना व तलवारबाजी के करतब दिखाए। इसके पीछे छुरियों और तलवार का मातम कर रहे अकीदतमंदों का जुलूस चल रहा था। छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक तकरीबन दो दर्जन लोगों ने कमा का मातम किया। इस दौरान चार दर्जन से ज्यादा लोगों ने नंगी पीठ पर छुरियोें का मातम किया। सबसे पीछे ताजियों का जुलूस चल रहा था। इसमें ककरहा बाग के पुत्तन साहब, इश्तियाक गौरी और अजमत अली की ताजियां थीं। इस दौरान ताजियों को कर्बला शरीफ में पहुंचाकर सुपुर्दे खाक किया गया। मुख्य जुलूस के अलावा अन्य मोहल्लों के ताजियादारों ने छोटे-छोटे जुलूस निकालकर ताजियों को सुपुर्दे खाक किया।
विज्ञापन

मीठे पकवान बनाकर शहीदाने कर्बला को नज्र पेश की
अकीदतमंदों ने अपने घरों में शर्बत, खीर, हलीम और मीठे पकवान बनाकर शहीदाने कर्बला को नज्र पेश की। वहीं छोटे चौराहे पर भगवंतनगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, मो. इस्माइल, अतहरअली लाले आदि और सपा नेत्री मनीषा दीपक ने शाहगंज में दुलदुल पर फूल पेश किए। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगोें के लिए लंगर व शबील तकसीम किया जाता रहा। घरों में लोगों ने देरशाम तक शहीदाने करबला के इसाले सवाब के लिए नजर कराई और तबर्रु क तकसीम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इमाम चौक से ताजिया उठाए गए
फ तेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के अनुसार, गढ़ी व फ तेहपुर चौरासी में क्रमश: सुभाषनगर पश्चिमी एवं मोतीनगर के इमाम चौक से ताजिया उठाए गए। लोगों ने नोहाख्वानी पढ़ी साथ ही छूरी का मातम किया। सुरक्षा को लेकर काफ ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। समसुद्दीनखां, शकील, मियाखां, जुल्फि कार अली, नसीम, लोकई, बकरीदी, साबिर अली, आरिफ  आदि लोग मौजूद रहे। बांगरमऊ के मोहल्ला दरगाह शरीफ, किला शाह जी, कस्बा टोला, हटिया, गोंडा टोला, भटपुरी, गोलाकुआं, पूर्बिया टोला तथा नसीमगंज आदि मोहल्लों से ताजिए उठाए गए।
पीखी में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ताजिये दफन किए गए
सफ ीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, शहादतों के दिन 10 मोहर्रम की पूर्व संध्या पर इमामिया अंजुमन ने अलविदाई अलम उठाकर इमामबाड़ा तक पहुंचाया। वहीं कस्बे के मोहल्ला सय्यदवाड़ा में आयोजित आग के मातम में दो दर्जन से अधिक मातमदार दहकते अंगारों के ऊपर से गुजरे। इस रात घरों के इमामबाड़ों के अलावा सड़क किनारे इमाम चौक पर अकीदतमंदों ने ताजिये रखे जिनकी जियारत व मन्नत मुरादे मांगने को रात भर भारी भीड़ उमड़ी रही। बुधवार सुबह सबसे पहले बड़े इमामबाड़े से अलम व ताजिये का ताबूत उठा जो मोहल्ला राहतगंज बाजार, सरायखुर्र, ब्रह्मनटोला, हाताबाजार होता हुआ कस्बे से दूर करबला पहुंचा। जहां ताजियों को दफ नाया गया। वहीं विवादित गांव पीखी में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ताजिये दफन किए गए। पीखी में दो वर्ष पहले दूसरे की भूमि पर जबरन ताजिये दफन करने के बाद बवाल हो गया था। इसमें 72 ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। मौके पर एसडीएम, क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक ने मौजूद रहकर ताजिये दफन कराए।

बिहार में हिंदुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
तहसील बीघापुर के मुख्यालय पाटन के स्थानीय कस्बा सहित बिहार, मनिकापुर, तेवरिया जैसे स्थानों पर ताजियादारों ने या हुसैन की याद में नातिये पेश किए तथा छाती पीटकर गमजदा रहे। कस्बा बिहार के गढ़ी, बिहार तथा राधागंज के ताजिए एक साथ चल रहे थे जो कस्बा के पुराने रास्ते से गुजरे। कस्बा बिहार में परंपरा को कायम रखते हुए हिंदुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर मुन्ना, बबलू, इबरारखां, बाबूखां, अली अहमद, यूनुस, सल्लम, गुलाब हुसैनशाह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

 
शबील और लंगर बांट किया स्वागत
विभिन्न संगठनों और जन प्रतिनिधियों ने जुलूसे हुसैनी में शबील और लंगर बांट कर स्वागत किया। सोहनलाल धर्मशाला के सामने उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शबील कैंप लगाकर जुलूसे हुसैनी का स्वागत किया। यहां पर जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव, अजीतपाल सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
 
53 सैकड़ा लोगों ने किया रक्तदान
जुलूसे हुसैनी में अंजुमन हुसैनिया की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यहां 53 लोगों ने शहीदाने करबला की याद में अपना खून दान किया। शिविर में आधा दर्जन हिंदुओं ने भी रक्तदान किया। कैंप में जिला अस्पताल से लैब टेकभनीशियन अनिल व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

 
बेहोश हुआ सिपाही
मोहर्रम के जुलूस के दौरान ट्रेनी सिपाही विजय कुमार अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। यह देख वहां पर मौजूद आरआई गोपाल सिंह ने सिपाही को तुरंत एक दुकान में बैठाया। इसके बाद पानी की छींटे मारकर होश में लाया गया। फिर उसे तुरंत सरकारी वाहन से पुलिस लाइन भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed