फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Mother-in-law gets life imprisonment for killing daughter-in-law

बहू की हत्या में सास को आजीवन कारावास

Wed, 15 Jun 2022 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Mother-in-law gets life imprisonment for killing daughter-in-law
उन्नाव। आठ साल पहले बहू को जलाकर मारने के मामले में दोषी सास को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मृतका के पति व ससुर को दो-दो वर्ष का कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। ननद पर अपराध साबित न होने पर दोषमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन

मौरावां थानाक्षेत्र के गांव जेरा निवासी रामलाल ने बेटी रजनी का विवाह भवानीखेड़ा के रमाकांत से किया था। शादी के बाद पति रमाकांत, ससुर रामाधार, सास नेहा वर्मा व ननद दहेज में कार की मांग कर प्रताड़ित करते थे। 14 अप्रैल 2014 को रजनी के ससुरालीजनों ने उस पर मिट्टी का तेल डाल जला दिया था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। इलाज के दौरान रजनी की मौत हो गई थी। वर्तमान में मामला अपर जिला जज एफटीसी प्रथम की कोर्ट में विचाराधीन था। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुई। सहायक लोक अभियोजक अजय कुशवाहा की दलीलों, गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश अवधेश कुमार ने सास नेहा वर्मा को हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सास पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन

उन्नाव। तीन साल पहले पुलिस पर गोली चलाने वाले अपराधी को न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई है।
पुरवा पुलिस को 21 मार्च 2018 को सूचना मिली कि गांव त्रिपुरारपुर की तरफ से बाइक पर दो पेशेवर अपराधी आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की। भागने में आरोपियों की बाइक फिसल गई। इसके बाद दोनों ने पुलिस पर फायर झोंक दिया था। जिसमें एक पुलिस कर्मी जख्मी हो गया था। मौका पाकर एक आरोपी वहां से भाग गया था। जवाबी कार्रवाई में अकोहरी गांव निवासी धनराज लोध के पैर में गोली लगी थी। जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था। धनराज ने साथी का नाम मौरावां थाना क्षेत्र के गांव बारिनखेड़ा निवासी त्रिलोकी बताया था। धनराज को जेल भेज दिया गया था। वर्तमान में मामला अपर जिला जज छह कि कोर्ट में विचाराधीन था। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुई। सहायक लोक अभियोजक यशवंत सिंह की दलीलों, गवाहों व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश आलोक शर्मा ने धनराज लोध को जानलेवा हमले का दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अवैध शस्त्र रखने के मामले में धनराज को तीन वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मुकदमे में आरोप सिद्ध न होने पर त्रिलोकी को बरी कर दिया गया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed