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पट्टा जिले की जमीन का, खनन किया कानपुर क्षेत्र में
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उन्नाव। गंगा के किनारे खेत से बालू खनन के पट्टे की आड़ में गंगा की धारा में पोकलैंड मशीनों से बड़े पैमाने पर बालू के खेल की जांच करने पहुंचे तहसीलदार ने डंप तो ठीक पाया, लेकिन खनन स्थल कानपुर जिले के शेखपुर गांव का पाया। उन्होंने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे रहे हैं।
मालूम हो कि सदर तहसील के बंदीपुरवा और बदरका तुर्किहा गांव के पास दो स्थानों पर खेत की बालू खनन का पट्टा लिया गया था। खनन करने वालों ने तय स्थान के बजाए गंगा की धारा के बीच खनन किया। मामला चर्चा में आया तो एसडीएम दिनेश कुमार ने जांच के आदेश दिए। गुरुवार को तहसीलदार सदर ओपी शुक्ला ने जांच की।
जांच में पाया कि 30 हजार घनमीटर बालू डंप की अनुमति खनन विभाग से ली गई है। हालांकि अभी 20 हजार घनमीटर ही डंप हो पाई है। जबकि पट्टा स्थल पर कुछ खनन करने के बाद मशीनों से गंगा की धारा तक बड़े पैमाने पर बालू का खनन किया गया है। तहसीलदार के मुताबिक जहां बालू खनन की गई है वह स्थान नक्शे के अनुसार कानपुर जिले के शेखपुर गांव का है। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं।
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जांच टीम रोकने को रास्ते में लगा दिए बालू के ढेर
तहसीलदार के साथ जांच टीम बंदीपुरवा घाट के पास तीन किमी से अधिक दायरे में बालू खनन की पुष्टि हुई। जांच की भनक लगने से खनन करने वालों ने दो पोकलैंड मशीनों को वनविभाग के जंगल में छिपा दिया। जिन्हे टीम ने पकड़ लिया। जबकि एक बालू लदा डंपर भाग नहीं पाया। टीम खनन स्थल तक न पहुंच सके इसलिए रास्ते कई स्थानों पर बालू के ढेर लगा दिए गए थे।
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मालूम हो कि सदर तहसील के बंदीपुरवा और बदरका तुर्किहा गांव के पास दो स्थानों पर खेत की बालू खनन का पट्टा लिया गया था। खनन करने वालों ने तय स्थान के बजाए गंगा की धारा के बीच खनन किया। मामला चर्चा में आया तो एसडीएम दिनेश कुमार ने जांच के आदेश दिए। गुरुवार को तहसीलदार सदर ओपी शुक्ला ने जांच की।
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जांच में पाया कि 30 हजार घनमीटर बालू डंप की अनुमति खनन विभाग से ली गई है। हालांकि अभी 20 हजार घनमीटर ही डंप हो पाई है। जबकि पट्टा स्थल पर कुछ खनन करने के बाद मशीनों से गंगा की धारा तक बड़े पैमाने पर बालू का खनन किया गया है। तहसीलदार के मुताबिक जहां बालू खनन की गई है वह स्थान नक्शे के अनुसार कानपुर जिले के शेखपुर गांव का है। बताया कि वह अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं।
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जांच टीम रोकने को रास्ते में लगा दिए बालू के ढेर
तहसीलदार के साथ जांच टीम बंदीपुरवा घाट के पास तीन किमी से अधिक दायरे में बालू खनन की पुष्टि हुई। जांच की भनक लगने से खनन करने वालों ने दो पोकलैंड मशीनों को वनविभाग के जंगल में छिपा दिया। जिन्हे टीम ने पकड़ लिया। जबकि एक बालू लदा डंपर भाग नहीं पाया। टीम खनन स्थल तक न पहुंच सके इसलिए रास्ते कई स्थानों पर बालू के ढेर लगा दिए गए थे।