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तहसीलदार ने लेखपालों को लेकर नापी जमीन
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 22 May 2015 12:29 AM IST
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बांगरमऊ। जमीन के लिये यूपीडा से शुरू हुए किसानों की लड़ाई आखिरकार रंग लाती दिख रही है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के हिस्से में बिना बैनामा जा रही जमीन को लेकर किसानों द्वारा आवाज बुलंद किए जाने के बाद आखिरकार यूपीडा ने गुरुवार से जमीन की नपाजोख शुरू करा दी। तहसीलदार बांगरमऊ, लेखपालों की टीम के साथ रसूलपुर मझगवां व सिरधरपुर गैरएहतमाली पहुंचे। इन दोनों गांवों में एक्सप्रेस वे के दक्षिणी भाग में कुल ढाई हेक्टेयर जमीन की नाप हुई। शुक्रवार को उत्तरी भाग का नापजोख होगी। जिसके बाद कितने कुल कितने काश्तकारों की जमीन ली जानी है इसका पता चलेगा। फिलहाल तहसीलदार ने 15 दिनों के भीतर गजट कराने व इसके बाद रजिस्ट्री का काम शुरू कराने की बात कही है।
प्रमुख सचिव यूपीडा नवनीत सहगल के मामले पर गंभीरता दिखाने के बाद किसानों को उनका हक देने का कवायद गुरुवार से शुरू हो गई है। तहसीलदार आशुतोष कुमार, लेखपाल चंद्रभान व चंद्रभूषण के साथ पहले रसूलपुर मझगवां पहुंचे यहां दक्षिणी भाग स्थित फत्ते, छोटे, मंशाराम, मथुरा, गयादीन, रामलखन, राकेश, हिम्मत, राम सहाय समेत कुल 18 काश्तकारों की जमीन की पैमाइश की। इसके बाद सिरधरपुर गैरेएहतमाली गांव के दक्षिणी भाग की नपायी हुयी। जहां विनोद, सर्वेश, हसीना, मुजीब, सदरु निशां, जयपाल, प्रेम नारायण, अशोक, चांद मोहम्मद समेत 23 खेतों के कुल 72 काश्तकारों की जमीन नापी गई।
गुरुवार को कुल 90 काश्तकारों की करीब ढाई हेक्टेयर जमीन नापी गई। शुक्रवार को इन दोनों गांवों में फिर टीम पैमाइश करेगी। तहसीलदार आशुतोष कुमार ने बताया कि दक्षिणी व उत्तरी भाग की नपाई के बाद कुल जमीन का क्षेत्र व काश्तकारों की संख्या के बारे में जानकारी होगी। 15 दिनों के भीतर गजट जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्री कराई जाएगी। और फिर मुआवजा दिया जाएगा।
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किसानों के चेहरे में दिखी खुशी
बांगरमऊ। जमीन की नाम करने पहुंची तहसील की टीम को देखकर काश्तकारों के चेहरे में गुरुवार को चमक दिखी। अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाने व इसके बाद अधिकारियों द्वारा मामले को संज्ञान लेने पर किसानों ने अमर उजाला को धन्यवाद भी दिया। किसानों का कहना था कि मामला अगर मुद्दा न उठाता तो उनकी जमीन एक्सप्रेस वे में चली जाती।
तहसीलदार ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
बांगरमऊ। पूरे मामले में शासन के दखल के बाद जिला प्रशासन भी पूरी सावधानी बरत रहा है। गुरुवार को तहसीलदार द्वारा जमीनों की पैमाइश करने की रिपोर्ट आज ही जिला प्रशासन को भेज दी गयी। जहां से इसे शासन को भेजा जायेगा। शासन से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी गयी है। जिसके बाद अधिकारी मामले को जल्द से जल्द निपटाने में लगे हुए हैं।
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प्रमुख सचिव यूपीडा नवनीत सहगल के मामले पर गंभीरता दिखाने के बाद किसानों को उनका हक देने का कवायद गुरुवार से शुरू हो गई है। तहसीलदार आशुतोष कुमार, लेखपाल चंद्रभान व चंद्रभूषण के साथ पहले रसूलपुर मझगवां पहुंचे यहां दक्षिणी भाग स्थित फत्ते, छोटे, मंशाराम, मथुरा, गयादीन, रामलखन, राकेश, हिम्मत, राम सहाय समेत कुल 18 काश्तकारों की जमीन की पैमाइश की। इसके बाद सिरधरपुर गैरेएहतमाली गांव के दक्षिणी भाग की नपायी हुयी। जहां विनोद, सर्वेश, हसीना, मुजीब, सदरु निशां, जयपाल, प्रेम नारायण, अशोक, चांद मोहम्मद समेत 23 खेतों के कुल 72 काश्तकारों की जमीन नापी गई।
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गुरुवार को कुल 90 काश्तकारों की करीब ढाई हेक्टेयर जमीन नापी गई। शुक्रवार को इन दोनों गांवों में फिर टीम पैमाइश करेगी। तहसीलदार आशुतोष कुमार ने बताया कि दक्षिणी व उत्तरी भाग की नपाई के बाद कुल जमीन का क्षेत्र व काश्तकारों की संख्या के बारे में जानकारी होगी। 15 दिनों के भीतर गजट जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्री कराई जाएगी। और फिर मुआवजा दिया जाएगा।
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किसानों के चेहरे में दिखी खुशी
बांगरमऊ। जमीन की नाम करने पहुंची तहसील की टीम को देखकर काश्तकारों के चेहरे में गुरुवार को चमक दिखी। अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाने व इसके बाद अधिकारियों द्वारा मामले को संज्ञान लेने पर किसानों ने अमर उजाला को धन्यवाद भी दिया। किसानों का कहना था कि मामला अगर मुद्दा न उठाता तो उनकी जमीन एक्सप्रेस वे में चली जाती।
तहसीलदार ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
बांगरमऊ। पूरे मामले में शासन के दखल के बाद जिला प्रशासन भी पूरी सावधानी बरत रहा है। गुरुवार को तहसीलदार द्वारा जमीनों की पैमाइश करने की रिपोर्ट आज ही जिला प्रशासन को भेज दी गयी। जहां से इसे शासन को भेजा जायेगा। शासन से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी गयी है। जिसके बाद अधिकारी मामले को जल्द से जल्द निपटाने में लगे हुए हैं।