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नहीं रखा जा रहा एमडीएम का सैंपल

Sat, 19 Sep 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव Updated Sat, 19 Sep 2015 11:49 PM IST
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MDM's samples being taken

उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम का सैंपल स्कूल बंद होने तक रखे जाने के निर्देश को प्रधानाचार्य हवा में उड़ा रहे हैं। बच्चों को खाना तो खिला दिया जाता है, लेकिन सैंपल आखिरी समय तक नहीं रखा जाता। यदि कोई घटना हो जाती है तो विद्यालय के प्रधानाचार्य एमडीएम का सैंपल तक नहीं दिखा सकते हैं।

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प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार एमडीएम बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसमें प्रतिदिन एमडीएम बनने के बाद उसका सैंपल विद्यालय में बंद होने तक रखा जाना है। ताकि यदि विद्यालय में कोई घटना घटित होती है तो उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जा सके। उसके बाद भी विकासखंड बिछिया के गांव पौंगहा में संचालित प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम का सैंपल नहीं मिला।
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यहां प्रधान टीचर रामजी सिंह ने बताया कि सैंपल नहीं निकाला गया है। यही हाल जगेथा प्राथमिक विद्यालय का रहा। यहां भी बने हुए एमडीएम का सैंपल नहीं था। प्रधान टीचर ज्योति किरन विद्यालय में भी नहीं थीं। टीचरों ने बताया कि वह बैंक के कार्य से बाहर गई हैं।
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वहीं, औरास विकासखंड के प्रथम व द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में भी एमडीएम का सैंपल नहीं पाया गया। जबकि यहीं के कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में सैंपल रखा हुआ था।

यह हाल तब है जब विकासखंड हसनगंज के गांव सुंदरपुर में अभी कुछ महीने पहले एमडीएम में छिपकली गिर जाने दर्जनो बच्चे बीमार पड़ गए थे। जिन्हे सीएचसी में भर्ती कराया था। उस समय बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने डीएम सौम्या अग्रवाल से कहकर एक लेटर जारी करवाया था कि विद्यालय समय तक बनने वाले एमडीएम का सैंपल रखा जाए। इसका अनुपालन कुछ विद्यालयों के प्रधानाचार्य तो कर रहे हैं लेकिन कई विद्यालय के प्रधानाचार्यों ने सैंपल रखना बंद कर दिया है।


बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि जिन विद्यालयों में एमडीएम का सैंपल नहीं रखा जा रहा है। वहां के प्रधानाचार्य के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। यह डीएम का आदेश होने के साथ-साथ एमडीएम प्राधिकरण से आदेश है। यदि इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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