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एक रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु मृत, दूसरी में है जिंदा, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती की बिगड़ी हालत
Sat, 13 Nov 2021 10:00 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 13 Nov 2021 10:00 AM IST
सार
उन्नाव की एक महिला के देवर अमानत अली ने आरोप लगाया है कि 6 नवंबर को उसने नगर के ही एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भाभी नगीना का अल्ट्रासाउंड कराया था। रिपोर्ट के अनुसार भाभी गर्भवती थीं लेकिन गर्भस्थ शिशु मृत दर्शाया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : shutterstock
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विस्तार
उन्नाव के बांगरमऊ के नसीमगंज निवासी महिला की एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर चार दिन में अलग-अलग रिपोर्ट आने से महिला की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। पीड़िता के देवर ने सीएचसी प्रभारी को प्रार्थनापत्र देकर अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच कराने की मांग की है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार को दिए प्रार्थनापत्र में महिला के देवर अमानत अली ने आरोप लगाया है कि 6 नवंबर को उसने नगर के ही एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भाभी नगीना का अल्ट्रासाउंड कराया था। रिपोर्ट के अनुसार भाभी गर्भवती थीं लेकिन गर्भस्थ शिशु मृत दर्शाया था।
अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर उसने इलाज कराया। चार दिन बाद 10 नवंबर को दोबारा उसी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया तो रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु जीवित और सामान्य अवस्था में होने की बात सामने आई। आरोप है कि गलत रिपोर्ट से भाभी का इलाज भी गलत हो गया।
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इससे वह गंभीर हालत में हैं और कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि अमानत अली के प्रार्थना पत्र को नोडल अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजा जाएगा। वहां से मिले आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार को दिए प्रार्थनापत्र में महिला के देवर अमानत अली ने आरोप लगाया है कि 6 नवंबर को उसने नगर के ही एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भाभी नगीना का अल्ट्रासाउंड कराया था। रिपोर्ट के अनुसार भाभी गर्भवती थीं लेकिन गर्भस्थ शिशु मृत दर्शाया था।
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अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर उसने इलाज कराया। चार दिन बाद 10 नवंबर को दोबारा उसी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया तो रिपोर्ट में गर्भस्थ शिशु जीवित और सामान्य अवस्था में होने की बात सामने आई। आरोप है कि गलत रिपोर्ट से भाभी का इलाज भी गलत हो गया।
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इससे वह गंभीर हालत में हैं और कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि अमानत अली के प्रार्थना पत्र को नोडल अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजा जाएगा। वहां से मिले आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।