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नोटबंदी का फैसला देशहित में- कुलदीप
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:12 AM IST
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अपनी बहन के साथ क्रिकेटर कुलदीप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला से खास बातचीत में क्रिकेटर कुलदीप यादव ने प्रधानमंत्री के फैसले को देशहित में साहसिक कदम बताया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बेबाकी से कहा कि फैसले का जो विरोध कर रहे हैं, वह देशहित को नजर अंदाज कर रहे हैं। कहा कि उम्मीद है कि देश बदल रहा है बदलेगा। चार साल बाद भी भारतीय टीम का हिस्सा न बनने के सवाल पर कहा कि लास्ट सेशन से वह मैदान पर गेंद व बल्ले से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को रणजी ट्राफी में 32 रन देकर चार विकेट लेने का जिक्र करते हुए कहा कि यही प्रदर्शन आने वाले दिनों में भारतीय टीम का हिस्सा बनाएगा।
प्रतिभाएं तो हैं, लेकिन संसाधनों का है अभाव
बातचीत में कुलदीप ने माना कि जिले में प्रतिभाएं तो है, लेकिन संसाधनों का अभाव है। बेहतर कोच व पिच जैसे कोई संसाधन नहीं है। कहा कि उन्नाव में क्रिकेट एकाडमी के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। इंटरनेशनल पिच पर खेलते समय एक खिलाड़ी पर किस तरह का प्रेशर होता है के सवाल पर बोले कि साधारण पिच पर एक खिलाड़ी व्यक्तिगत रिकार्ड के लिए खेलता है। जब सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए खेलना होता है तो स्वाभाविक है कि बड़ा प्रेशर होता है। जिसे शब्दों में बयां करना शायद संभव नहीं है। करीब तीन घंटे रुकने के बाद क्रिकेटर रात लगभग एक बजे राजकोट में चल रही रणजी ट्राफी में खेलने के लिए अमौसी एयरपोर्ट रवाना हो गए।
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इंटरनेशनल पिच पर जल्द मचाएंगे धमाल
अंडर-19 वर्ल्डकप में धमाकेदार प्रदर्शन से देश स्तर पर चाइनामैन गेंदबाज के तौर पर उभरे कुलदीप यादव का 2012 इंडियन क्रिकेट प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस टीम में चयन हुआ तो उन्नाव ही नहीं कानपुर में भी युवा क्रिकेटर की सफलता के जश्न में डूब गया था। मुंबई इंडियंस टीम से जुड़ने के बाद मैदान पर जौहर नहीं दिखा सके लेकिन 2014 में केकेआर टीम से जुड़े तो गेंद व बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया था। इंटरनेशनल क्रिकेट खिलाड़ी का ओहदा पा चुके कुलदीप भले ही भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा न बन सके हो लेकिन अब प्रदर्शन के बलबूते बहुत जल्द इंटरनेशनल पिच पर धमाल करने का विश्वास जता रहे हैं।
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घातक गेंदबाजी कर कैरियर के शिखर पर पहुंचे कुलदीप
उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम की ओर से रणजी ट्राफी में खेल रहे बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव घातक गेंदबाजी कर कैरियर के शिखर पर हैं। शेखपुर नरी गांव के क्रिकेटर कुलदीप शनिवार देर शाम छोटी बहन गुड़िया की शादी में शामिल होने गदनखेड़ा बाईपास स्थित एक गेस्ट हाउस पहुंचे। क्रिकेटर के आने की जानकारी परिजनों ने पूरी तरह गुप्त रखी। शाम करीब 9:00 बजे पहुंचे तो गांव के खेतों में साथ क्रिकेट खेलने वाले दोस्तों ने घेर लिया। इंटरनेशनल क्रिकेटर से रू-ब-रू होने को हर कोई दौड़ पड़ा। चाचा जनार्दन यादव भीड़ को हटाकर जैसेतैसे कुलदीप को परिजनों के बीच ले गए। उन्होने खुद बहन के तिलक की रस्म अदा करने के बाद बहन का हाथ थामा और जयमाल स्टेज तक ले गए। बहन से बात करते कई बार उनकी आखें नम हुईं।