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किसान पंचायत में सरकारों पर हमला
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:39 AM IST
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किसान पंचायत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किसान मंच की ओर से आयोजित किसान पंचायत में किसान समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही प्रदेश व केंद्र सरकार पर किसानों के हित में काम न करने का आरोप लगाया गया। पंचायत के बाद विभिन्न मांगों का डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया।
कालूखेड़ा में आयोजित पंचायत में किसान मंच के प्रांतीय अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने कहा कि सीमा पर अपने जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा किसान का बेटा ही कर रहा है। बार्डर पर कोई नेता और मंत्री नहीं होते हैं। कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी विडंबना की बात यह है कि यहां जनता चुनाव में विकास, कानून के मुद्दे भूलकर जातिगत आधार पर वोट देकर जनप्रतिनिधि का चुनाव करती है। यही कारण है कि प्रदेश का विकास नहीं हो पा रहा है। लोकसभा चुनाव के समय देश के प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि एक वर्ष में विदेशों से काला धन लेकर प्रत्येक नागरिक के खातों में लाखों रुपये भेजेंगे। जो छलावा साबित हुआ है।
सूखा राहत राशि में भी पूरी तरह धांधली बरती गई
उन्होंने कहा कि सूखा राहत राशि में भी पूरी तरह धांधली बरती गई। जिन किसानों का अधिक नुकसान हुआ उनको कम मुआवजा मिला। जबकि बंजर पड़ी जमीनों के मालिकों को अधिक मुआवजा मिला है। जिसका अधिक नुकसान हुआ उसको एक रुपया भी नहीं मिला। प्रदेश सरकार किसानों को छूट देने की बात कह रही है, लेकिन जब नहरों में पानी नहीं है, ट्यूबवेल में बिजली नहीं तो प्रदेश सरकार किस पर छूट देने की बात कर रही है। किसान पंचायत को राधेश्याम गुप्ता, जगन्नाथ लोधी, शिवशंकर पांडेय, सोनू तिवारी आदि लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालक आयोजक मयंक मिश्र ने किया। पंचायत समाप्ति के बाद जिलाधिकारी को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा को दिया गया।
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कालूखेड़ा में आयोजित पंचायत में किसान मंच के प्रांतीय अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने कहा कि सीमा पर अपने जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा किसान का बेटा ही कर रहा है। बार्डर पर कोई नेता और मंत्री नहीं होते हैं। कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी विडंबना की बात यह है कि यहां जनता चुनाव में विकास, कानून के मुद्दे भूलकर जातिगत आधार पर वोट देकर जनप्रतिनिधि का चुनाव करती है। यही कारण है कि प्रदेश का विकास नहीं हो पा रहा है। लोकसभा चुनाव के समय देश के प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि एक वर्ष में विदेशों से काला धन लेकर प्रत्येक नागरिक के खातों में लाखों रुपये भेजेंगे। जो छलावा साबित हुआ है।
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सूखा राहत राशि में भी पूरी तरह धांधली बरती गई
उन्होंने कहा कि सूखा राहत राशि में भी पूरी तरह धांधली बरती गई। जिन किसानों का अधिक नुकसान हुआ उनको कम मुआवजा मिला। जबकि बंजर पड़ी जमीनों के मालिकों को अधिक मुआवजा मिला है। जिसका अधिक नुकसान हुआ उसको एक रुपया भी नहीं मिला। प्रदेश सरकार किसानों को छूट देने की बात कह रही है, लेकिन जब नहरों में पानी नहीं है, ट्यूबवेल में बिजली नहीं तो प्रदेश सरकार किस पर छूट देने की बात कर रही है। किसान पंचायत को राधेश्याम गुप्ता, जगन्नाथ लोधी, शिवशंकर पांडेय, सोनू तिवारी आदि लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालक आयोजक मयंक मिश्र ने किया। पंचायत समाप्ति के बाद जिलाधिकारी को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा को दिया गया।
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