फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   HT line is destroying crop, farmers are waiting for compensation

बिजली के तार फसल कर रहे राख, इमदाद का इंतजार

Sat, 09 Apr 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Sat, 09 Apr 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
HT line is destroying crop, farmers are waiting for compensation
जली पड़ी खेती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

होता यह है कि विद्युत लाइन गिरने से होने वाली ज्यादातर दुर्घटनाएं जेई व लाइनमैनों की लापरवाही से होती हैं। खुद को जवाबदेही से बचाने के लिए जेई कई दुर्घटनाओं की रिपोर्ट विद्युत सुरक्षा अनुभाग को नहीं देते हैं। जो रिपोर्ट भेजी भी जाती हैं उसमें तथ्यों में हेराफेरी से रद्द हो जाती है।

विज्ञापन

अन्नदाता द्वारा हजारों की लागत और मेहनत से तैयार की गई गेहूं की फसल टूटकर गिर रही हाईटेंशन लाइनों की चपेट में आकर खेतों में ही जल रही हैं। पिछले साल जिले में करीब दो दर्जन घटनाएं हुईं थी, लेकिन सुरक्षा अनुभाग तक केवल 11 मामले ही पहुंचे। हैरानी की बात है कि दो महीने में विद्युत लाइन टूटकर गिरने की दर्जन भर घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में एक किशोर की मौत होने के साथ ही फसल पचास बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी है, लेकिन किसी को भी मदद के नाम पर धेला नहीं मिला है। पिछले कई सालों के पीड़ित भी मुआवजे के लिए आज तक भटक ही रहे हैं।
विज्ञापन


केस-1
पांच साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
सोनिक निवासी शिवमंगल बाजपेई पांच साल से मुआवजे के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। अप्रैल 2008 में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से शिवमंगल की ढाई बीघे गेहूं की फसल जल गई थी। शिवमंगल ने मुआवजे के लिए उच्चाधिकारियों से लेकर लखनऊ तक के अफसरों से गुहार लगाई लेकिन अभी तक  मुआवजा नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-2
हसनगंज का मैकू रावत दो साल से मुआवजे का इंतजार कर रहा है।  मई 2014 में हाईटेंशन लाइन का तार गिरने से उसकी चार बीघे फसल जल गई थी। जेई और लाइनमैन मौके पर पहुंचे थे और मुआवजे का आश्वासन देने के बाद तार जोड़ा और चले गए। इसके बाद मैकू ने बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला।

केस-3
मुआवजा मिलने में लगे 10 साल
अजगैन निवासी छुन्ना लोध के 22 वर्षीय पुत्र रामदीन की 10 साल पहले बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। परिजनों ने मामले की जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को दी थी, मौके पर कोई नहीं पहुंचा था। इसके बाद मुआवजे के लिए भागदौड़ करते छुन्ना लोध की चप्पलें घिस गईं। घटना के दस साल बाद परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा मिला।

इंसेट-1
विद्युत सुरक्षा विभाग को सीधे दें सूचना
उन्नाव। तार टूटने, हाई वोल्टेज या बिजली से संबंधित कोई भी हादसा होने पर सबसे पहले सबस्टेशन को फोन करके आपूर्ति बंद कराएं। इसके बाद 24 घंटे के भीतर लिखित सूचना विभाग के अधिशाषी अभियंता को या सीधे विद्युत सुरक्षा कार्यालय में दें। बिजली विभाग जनहानि होने पर एक लाख रुपये तक मुआवजा देता है। मवेशी या फसल जलने पर नुकसान के अनुरूप सहायता दी जाती है।


इंसेट-2
हाल के दिनों में हुई फसल जलने की  घटनाएं
5 अप्रैल-हसनगंज के न्योतनी में लाइन टूटने से संतोष त्रिपाठी की चार बीघा फसल जली।
4- अप्रैल- मौरावां के हिलौली गांव में मुकेश दीक्षित तार टूटकर गिरने से एक बीघा फसल जली।
4- अप्रैल- सदर तहसील के सिंकदरपुर सरोसी गांव में रामकुमार व जयप्रकाश की दो बीघे फसल राख।
3 अप्रैल-सफीपुर तहसील के सफियापुर गांव में रामऔतार समेत पांच किसानों की 6 बीघे
और पुरवा के बैगांव में प्रेमशंकर की एक बीघा फसल जली।
1 अप्रैल- पुरवा के काजीखेड़ा में तार टूटकर गिरने से रमेश की दो बीघे फसल जली।

इंसेट-3
अभी तक नहीं आया कोई मामला
इस साल अभी तक कोई भी आगजनी का मामला उनके कार्यालय में नहीं आया है। वैसे विभाग स्वत: और अखबारों में छपने वाले मामलों को भी संज्ञान में लेकर जांच पड़ताल करता है। इसके बाद उसे मुआवजा भी दिलाया जाता है। राममिलन, निदेशक विद्युत सुरक्षा अनुभाग उन्नाव।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed