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होली की तैयारी, देशी रंग-चाइनीज पिचकारी

Mon, 21 Mar 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो/उन्नाव Updated Mon, 21 Mar 2016 01:22 AM IST
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Holi preparations, Chinese native color-syringe
शहर के बड़ा चौराहे पर लगी रंग व पिचकारी की दुकानें। - फोटो : अमर उजाला

इस बार लोग चाइनीज रंगों से परहेज कर रहे हैं, जबकि देखने में खूबसूरत और नई-नई तकनीक वाली पिचकारी लोगों को खूब भा रही है। लोग रंगों की दुकानों पर देशी परंपरागत रंगों की मांग कर रहे, जबकि चाइनीज स्प्रे कलर, मैजिक कलर और पेपर कलर को खरीदने से बच रहे हैं।

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हालांकि दुकानदारों ने बड़ी मात्रा में चाइनीज रंगों व पिचकारियां लगा रखी हैं लेकिन, अभी इनकी बिक्री में तेजी नहीं आ रही है। शहर के सदर बाजार में दुकान लगाए सुनील ने बताया कि अभी त्योहार को दो दिन शेष हैं। आने वाले एक-दो दिनो में बिक्री बढ़ेगी।
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बाजारों में होली की धूम दिखाई देने लगी है। लोग इस त्योहार पर उपयोग में आने वाली वस्तुओं की खरीदारी में जुटे हुए हैं। खानपान की चीजों से लेकर रंग व पिचकारियों की खरीदारी शुरू हो गई है, लेकिन, इस बार लोगों में चाइनीज के बजाय देशी रंगों का रुझान दिख रहा है। हालांकि पिचकारी में लोग चाइनीज की मांग है।
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बाजार में बच्चों के लिए रंग और पिचकारी देख रही रुचिका तिवारी ने कहा कि हमें तो देश में बनी वस्तुओं को ही खरीदना चाहिए, जिससे देश की तरक्की हो सके।

वहीं दिव्यांगी अवस्थी की मानें तो चाइनीज पिचकारियां व रंग सिर्फ देखने में अच्छे लगते हैं, इनमें मजबूती के नाम पर कुछ भी नहीं होता। वहीं रंग विक्रेता विवेक कुमार व संतोष ने बताया कि वैसे तो अभी त्योहार को दो दिन बचे हैं। देशी व चाइनीज सभी आइटम बिकेंगे।


गुम हो गए टेसू के फूल व पिचक्का- उन्नाव। पुराने समय में रंग बनाने के काम आने वाला टेसू का फूल अब गुजरे जमाने की बात बन चुका है। हालत यह है कि पुराने लोग बाजार में टेसू के फूल खोजते घूम रहे हैं, लेकिन अब यह फूल कहीं नजर नहीं आ रहा है।

वहीं बाल्टी में रंग भरकर हाथों से खींचने वाला पिचक्का व फुहारा कहीं नजर नहीं आ रहा है। यही हाल स्टील की प्रेशर टंकी के अलावा अन्य पुराने रंग रूप वाली पिचकारियां अब बाजार में ढूंढने से भी नहीं मिलती हैं। बाजार में जहां कहीं भी यह पिचकारियां बिकती नजर आती हैं तो लोग खरीद रहे हैं।



होली में मिलेगा दीपावली का मजा- उन्नाव। यदि आपको होली के त्योहार पर दीपावली का मजा लेना है तो इसके लिए 25 रुपये खर्च करने होंगे। बाजार में 25 रुपये की कीमत में बिक रहा रंगीन पटाखा फटने पर आवाज के साथ गुलाल, रंग और चमकीली किरकिरी की छटा हवा में बिखेरकर लोगों को सराबोर कर देगा।



होली पर जिले में उड़ जाएगा लाखों का रंग व गुलाल- उन्नाव। जिले में होली के त्योहार पर लाखों रुपये का रंग, अबीर व गुलाल उड़ जाएगा। इसका अनुमान रंग का कारोबार करने वाले व्यवसाइयों ने लगाया है। इसके अलावा पिचकारियों, मुखौटों व टोपियाें आदि की भी कुछ इतनी ही रकम का व्यवसाय होने का अनुमान लगाया जा रहा है।



पिछले कई वर्षों से रंग व अबीर का कारोबार करने वाले दुकानदार देवेंद्र सोनी व आनंद द्विवेदी ने कहा कि जिले में हर साल 15 से 20 लाख रुपये के रंग व गुलाल आदि का कारोबार हो जाता है। दुकानदारों ने इस बार भी उम्मीद लगाई है कि रंग व गुलाल का व्यवसाय इससे कम नहीं होगा।

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