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हाईवे का पेट्रोलपंप सील, बिक्री पर रोक
उन्नाव
Updated Wed, 03 May 2017 12:20 AM IST
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चिप की आशंका से मोतीनगर स्थित पेट्रोलपंप की मशीन खोलकर जांच करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में शहर के सात पेट्रोल पंपों पर छापेमारी हुई। इस दौरान हाईवे पर स्थित एक पंप का नोजल टूटा मिला। यहां चिप के जरिये पेट्रोल चोरी होने की आशंका से पंप को सील कर दिया गया है। शहर के एक पंप पर माप के दौरान कम पेट्रोल मिलने पर मशीन सील की गई। छापेमारी की सूचना से अन्य पांच पंपों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली।
सिटी मजिस्ट्रेट डा. अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में मंगलवार डीएसओ नसीम अख्तर, बांट-माप निरीक्षक व इंडियन आयल के आईएसओ अनूप सिंह ने सात पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। सबसे पहले अधिकारी मोतीनगर उन्नाव फिलिंग स्टेशन पहुंचे। यहां पहले मशीन में चिप की तलाश की गई। उसके बाद पेट्रोल व डीजल की क्वांटिटी देखी गई। जांच के दौरान जब पेट्रोल की मात्रा नापी गई तो पांच लीटर में 270 मिली लीटर पेट्रोल कम मिला।
इसे दोबारा जांचा गया तो मात्रा कुछ और कम हो गई। फिर नाप कराई गई तो यह मात्रा 400 मिलीलीटर पहुंच गई। लगातार कम हो रही पेट्रोल की मात्रा पर जब पंप संचालक से बात की गई तो उन्होंने मशीन में खराबी का जिक्र किया। इस पर अधिकारियों ने घटतौली को गंभीरता से लेते हुए मशीन को सील कर दिया। अग्रिम कार्रवाई तक बिक्री पर रोक लगा दी। बांट माप निरीक्षक ने पंप संचालक को नोटिस जारी की है। कंपनी की ओर से मशीन की जांच कराई जाएगी। अगर किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो पंप सील करा दिया जाएगा।
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पेट्रोल चोरी की आशंका में मशीन सील
लखनऊ एसटीएफ को इस बात के प्रमाण मिले थे कि लखनऊ-कानपुर रोड के एक पेट्रोलपंप पर चिप के जरिये पेट्रोल चोरी हो रही है। मंगलवार को अधिकारी हाईवे फिलिंग सेंटर पहुंचे तो उन्हेें इस बात के प्रमाण भी मिले। अधिकारियों को सभी मशीनों के नोजल में लगी सील टूटी मिली। इस बारे में जब पंप संचालक से बात की गई तो वह जवाब नहीं दे सके। नोजल की सील टूटी होने को गंभीरता से लेते हुए पंप को सील कर दिया गया।
टीम में शामिल अधिकारियों ने आशंका जताई कि इस पंप पर चिप के जरिये चोरी हो रही थी। लखनऊ में इसका खुलासा होने के बाद चिप को तो हटवा दिया गया, लेकिन नोजल में लगी टूटी सील को दोबारा सही नहीं किया जा सका। डीएसओ नसीम अख्तर ने बताया कि हाईवे फिलिंग सेंटर पर बिक्री रोकने के साथ ही पंप को सील कर दिया गया है।
मात्रा के साथ घनत्व की जांच
जांच टीम मोतीनगर स्थित त्रिपाठी फि लिंग सेंटर भी गई। यहां पेट्रोल की मात्रा के साथ ही घनत्व की भी जांच की गई। लगभग 20 मिनट तक जांच के दौरान यहां अधिकारियों को किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। टीम ने शहर के गांधीनगर स्थित राधारानी फि लिंग स्टेशन में भी जांच की। यहां घनत्व की जांच के साथ मशीन में चिप की तलाशी हुई, मगर टीम को कुछ भी गड़बड़ नहीं मिला। इसके अलावा टीम ने जमुना प्रसाद कन्हैयालाल और लखनऊ-कानपुर राजमार्ग स्थित अमर हाईवे पेट्रोल पंप व इंस्पायर फि लिंग स्टेशन की भी जांच की।
अचानक हरकत में आया प्रशासन
अभी तक पेट्रोल पंपों पर चेकिंग के नाम पर जिला प्रशासन उदासीनता बरत रहा था। मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने इस बात को प्रमुखता से उठाया। खबर में अधिकारियों के अब तक चेकिंग न करने और हाईवे के कई पंपों पर चिप लगे होने का जिक्र किया गया था। मंगलवार को खबर छपने ही जिला प्रशासन हरकत में आया और आननफानन में पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की।
सिटी मजिस्ट्रेट डा. अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में मंगलवार डीएसओ नसीम अख्तर, बांट-माप निरीक्षक व इंडियन आयल के आईएसओ अनूप सिंह ने सात पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। सबसे पहले अधिकारी मोतीनगर उन्नाव फिलिंग स्टेशन पहुंचे। यहां पहले मशीन में चिप की तलाश की गई। उसके बाद पेट्रोल व डीजल की क्वांटिटी देखी गई। जांच के दौरान जब पेट्रोल की मात्रा नापी गई तो पांच लीटर में 270 मिली लीटर पेट्रोल कम मिला।
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इसे दोबारा जांचा गया तो मात्रा कुछ और कम हो गई। फिर नाप कराई गई तो यह मात्रा 400 मिलीलीटर पहुंच गई। लगातार कम हो रही पेट्रोल की मात्रा पर जब पंप संचालक से बात की गई तो उन्होंने मशीन में खराबी का जिक्र किया। इस पर अधिकारियों ने घटतौली को गंभीरता से लेते हुए मशीन को सील कर दिया। अग्रिम कार्रवाई तक बिक्री पर रोक लगा दी। बांट माप निरीक्षक ने पंप संचालक को नोटिस जारी की है। कंपनी की ओर से मशीन की जांच कराई जाएगी। अगर किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो पंप सील करा दिया जाएगा।
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पेट्रोल चोरी की आशंका में मशीन सील
लखनऊ एसटीएफ को इस बात के प्रमाण मिले थे कि लखनऊ-कानपुर रोड के एक पेट्रोलपंप पर चिप के जरिये पेट्रोल चोरी हो रही है। मंगलवार को अधिकारी हाईवे फिलिंग सेंटर पहुंचे तो उन्हेें इस बात के प्रमाण भी मिले। अधिकारियों को सभी मशीनों के नोजल में लगी सील टूटी मिली। इस बारे में जब पंप संचालक से बात की गई तो वह जवाब नहीं दे सके। नोजल की सील टूटी होने को गंभीरता से लेते हुए पंप को सील कर दिया गया।
टीम में शामिल अधिकारियों ने आशंका जताई कि इस पंप पर चिप के जरिये चोरी हो रही थी। लखनऊ में इसका खुलासा होने के बाद चिप को तो हटवा दिया गया, लेकिन नोजल में लगी टूटी सील को दोबारा सही नहीं किया जा सका। डीएसओ नसीम अख्तर ने बताया कि हाईवे फिलिंग सेंटर पर बिक्री रोकने के साथ ही पंप को सील कर दिया गया है।
मात्रा के साथ घनत्व की जांच
जांच टीम मोतीनगर स्थित त्रिपाठी फि लिंग सेंटर भी गई। यहां पेट्रोल की मात्रा के साथ ही घनत्व की भी जांच की गई। लगभग 20 मिनट तक जांच के दौरान यहां अधिकारियों को किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। टीम ने शहर के गांधीनगर स्थित राधारानी फि लिंग स्टेशन में भी जांच की। यहां घनत्व की जांच के साथ मशीन में चिप की तलाशी हुई, मगर टीम को कुछ भी गड़बड़ नहीं मिला। इसके अलावा टीम ने जमुना प्रसाद कन्हैयालाल और लखनऊ-कानपुर राजमार्ग स्थित अमर हाईवे पेट्रोल पंप व इंस्पायर फि लिंग स्टेशन की भी जांच की।
अचानक हरकत में आया प्रशासन
अभी तक पेट्रोल पंपों पर चेकिंग के नाम पर जिला प्रशासन उदासीनता बरत रहा था। मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने इस बात को प्रमुखता से उठाया। खबर में अधिकारियों के अब तक चेकिंग न करने और हाईवे के कई पंपों पर चिप लगे होने का जिक्र किया गया था। मंगलवार को खबर छपने ही जिला प्रशासन हरकत में आया और आननफानन में पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की।