हाईवे के कट जिंदगी की काट रहे डोर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस को शक है कि शनिवार सुबह अचलगंज थानाक्षेत्र में सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए कानपुर के बैंक मैनेजर, उनकी पत्नी और बहू की मौत की घटना में डंपर के अचानक ब्रेक लगाने के पीछे यहीं डिवाइडर कट ही वजह बना। घटना की जांच करने पहुंचे बीघापुर सीओ आरके चतुर्वेदी ने बताया कि आसपास के लोग सिर्फ इतना ही बता पाए किसी साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में डंपर चालक ने ब्रेक लगाई। लोग यह नहीं देख पाए कि साइकिल सवार डिवाइडर कट से निकल रहा था या सड़क से जा रहा था। उन्होंने यह जरूर माना कि हाईवे पर होटल, ढाबा, पेट्रोलपंप और गांव के लोगों द्वारा शार्टकट के लिए तोड़े गए डिवाइडर लगभग हर दिन किसी न किसी सड़क हादसे की वजह बनते हैं।
इनसेट
महीनों बाद भी एनएचएआई नहीं सुधार पाया व्यवस्था
अप्रैल माह में हाईवे पर जाम की समस्या सीएम कार्यलय तक पहुुंचने के बाद आईजी जोन ए सतीश गणेश ने नवाबगंज पक्षी विहार में पुलिस, प्रशासनिक और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क हादसों और जाम का कारण बने डिवाइडरों की मरम्मत कराने और दोबारा तोड़ने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन तीन महीने बाद भी हालात जस के तस हैं।
इनसेट
पीडी बोले मरम्मत कराई, लोगों फिर तोडे़
एनएसएआई के परियोजना निदेशक पी शिवशंकर ने माना कि लखनऊ से कानपुर के बीच में हाईवे पर बेतहाशा कट हैं। उनका दावा है कि लोगों द्वारा अपनी सुविधा के लिए तोड़े गए डिवाइडरों की मरम्मत तो कराई गई लेकिन बनाने के कुछ दिन बाद ही लोगों ने फिर तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होगें इसे रोक पाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर डिवाइडरों की मरम्मत कराई गई है उन्हें देखवाया जाएगा। रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।ो