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‘गली की दुकान’ एप से घर बैठे पहुंचेगा सामान
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कलक्ट्रेट में गली की दुकान एप को शुभारंभ करते डीएम,एसपी एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। लॉकडाउन के दौरान लोगों को घर बैठे जरूरत का हर सामान प्राप्त हो सके इसके लिए जिला प्रशासन ने मोबाइल एप तैयार कराया है। नगर मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल के नेतृत्व में एनआईसी प्रभारी एसके निगम ने ‘गली की दुकान’ नाम का एप तैयार किया। शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम रवींद्र कुमार व एसपी विक्रांतवीर ने एप को लांच किया।
डीएम ने बताया कि एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। दुकानदार व आम लोग इसे डाउनलोड कर सकते हैं। एप पर अलग-अलग वर्ग में रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। जिसमें रजिस्ट्रेशन कराने पर जनता (उपभोक्ता) को यूजर आईडी व पासवर्ड मिलेगा। बाद में इसे बदलने की भी सुविधा मिलेगी। दुकानदार (विक्रेता) अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दुकान की लोकेशन फ ीड करके मिलने वाली सामग्री की आंशिक डिटेल के साथ अपना मोबाइल नंबर भी दर्ज करेगा। इसके बाद उसके पास एक पासवर्ड आएगा। जिसका प्रयोग करते हुए वह एप में लॉगिन करके अपना अकाउंट पुष्ट कर सकता है। जनता को भी प्रक्रिया अपनानी होगी।
जनता से सामग्री की ऑनलाइन मांग पर दुकानदार, सूची बनाकर पूरा सामान पूरी तरह स्वच्छता के साथ पैक करके घर पहुंचाएंगे। सामान मिलने, चेक करने व उसकी गुणवत्ता परखने के बाद ग्राहक को नगद भुगतान करना होगा। डीएम ने लोगों से अपील की है कि वह लोकेशन के अनुसार ही अपने पास की दुकानों को ऑर्डर दें ताकि सामान कम से कम समय में उनके घर तक पहुंच सके। एडीएम न्यायिक राकेश कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे।
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एप खोलने पर उपभोक्ताओं को अभी फिलहाल 8 प्रकार के सामान व मूल्य की सूची दिखेगी। इसमें कॉस्मेटिक व दवा आदि के अलावा अन्य खाद्य सामग्री भी मंगाई जा सकेंगी। डीएम ने बताया कि धीरे-धीरे एप पर बाजार में मिलने वाली लगभग सामग्री खरीदी जा सकेगी। बताया कि अगले दो दिन में अभियान चलाकर दुकानदारों से एप डाउनलोड कराया जाएगा।
गली की दुकान एप से ग्राहक को होम डिलीवरी करने वाले दुकानदार को अपने सामान की गुणवत्ता व वजन का ध्यान स्वयं रखना होगा। इसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन सख्त कदम भी उठाएगा। डीएम ने कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। अभी फिलहाल होम डिलीवरी निशुल्क रहेगी। दुकानदारों को ग्राहक द्वारा दिए गए आर्डर की जानकारी मैसेज के माध्यम से भी मिल सकेगी।
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डीएम ने बताया कि एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। दुकानदार व आम लोग इसे डाउनलोड कर सकते हैं। एप पर अलग-अलग वर्ग में रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। जिसमें रजिस्ट्रेशन कराने पर जनता (उपभोक्ता) को यूजर आईडी व पासवर्ड मिलेगा। बाद में इसे बदलने की भी सुविधा मिलेगी। दुकानदार (विक्रेता) अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दुकान की लोकेशन फ ीड करके मिलने वाली सामग्री की आंशिक डिटेल के साथ अपना मोबाइल नंबर भी दर्ज करेगा। इसके बाद उसके पास एक पासवर्ड आएगा। जिसका प्रयोग करते हुए वह एप में लॉगिन करके अपना अकाउंट पुष्ट कर सकता है। जनता को भी प्रक्रिया अपनानी होगी।
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जनता से सामग्री की ऑनलाइन मांग पर दुकानदार, सूची बनाकर पूरा सामान पूरी तरह स्वच्छता के साथ पैक करके घर पहुंचाएंगे। सामान मिलने, चेक करने व उसकी गुणवत्ता परखने के बाद ग्राहक को नगद भुगतान करना होगा। डीएम ने लोगों से अपील की है कि वह लोकेशन के अनुसार ही अपने पास की दुकानों को ऑर्डर दें ताकि सामान कम से कम समय में उनके घर तक पहुंच सके। एडीएम न्यायिक राकेश कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे।
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एप खोलने पर उपभोक्ताओं को अभी फिलहाल 8 प्रकार के सामान व मूल्य की सूची दिखेगी। इसमें कॉस्मेटिक व दवा आदि के अलावा अन्य खाद्य सामग्री भी मंगाई जा सकेंगी। डीएम ने बताया कि धीरे-धीरे एप पर बाजार में मिलने वाली लगभग सामग्री खरीदी जा सकेगी। बताया कि अगले दो दिन में अभियान चलाकर दुकानदारों से एप डाउनलोड कराया जाएगा।
गली की दुकान एप से ग्राहक को होम डिलीवरी करने वाले दुकानदार को अपने सामान की गुणवत्ता व वजन का ध्यान स्वयं रखना होगा। इसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन सख्त कदम भी उठाएगा। डीएम ने कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। अभी फिलहाल होम डिलीवरी निशुल्क रहेगी। दुकानदारों को ग्राहक द्वारा दिए गए आर्डर की जानकारी मैसेज के माध्यम से भी मिल सकेगी।