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जीएम ने रेलवे ओवरब्रिज का लिया हाल
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:52 AM IST
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आरोबी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित रेलवे ओवर ब्रिज की सड़क उखड़ने और स्लेप टूटने की खबर अमर उजाला में छपने के बाद एनएचएआई के जीएम पी शिवशंकर ने ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने एक सप्ताह में गड्ढ़े भरने और टूटी स्लेप को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ओवर लोडिंग के चलते पुल में टूटफूट हो रही है।
मालूम हो कि करीब साठ करोड़ की लागत से हाईवे पर बना रेलवे ओवर ब्रिज पहली ही बरसात नहीं झेल पाया। पुल में करीब आधा दर्जन स्थानों पर कई फिट गहरे गड्ढ़े हो गए हैं और स्लेप ज्वाइंट भी टूट गए हैं जिससे सरिया निकल आई हैं। सोमवार के अंक में अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से छापा तब एनएचएआई के अधिकारियों की नींद खुली। सोमवार को जीएम पी शिवशंकर, निर्माण इंचार्ज महेश कौशिक टीम के साथ ओवर ब्रिज पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रोजेक्ट मैनेजर ने एक सप्ताह में मरम्मत का काम पूरा करने का निर्देश दिया। हालांकि पुल में हो रही टूटफूट के लिए वह निर्माण में खामी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण वाहनों की ओवर लोडिंग है। बताया कि 10 चक्का ट्रक में 25 टन लादने का परमिट होता है जबकि 35 से 40 टन लादा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दस चक्का ट्रक में इसका वजन तीन एक्सल पर होता है। जबकि 6 चक्का ट्रक में भी दोगुना लोड लादा जा रहा है। बताया कि इससे सड़क पर एक ही स्थान पर दबाव पड़ता है जो सड़क व पुल को क्षतिग्रस्त करता है। निर्माण प्रभारी महेश कौशिक ने बताया कि ओवर लोडिंग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
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फोटो नंबर-20
टोल प्लाजा का हुआ नवीनीकरण
सोहरामऊ। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अब टोल प्लाजा के चलते जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। नवनिर्मित टोल प्लॉजा में लेन की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 हो गई है। गेट कंप्यूटरीकृत कर दिए गए हैं। टोल प्लाजा के जनरल मैनेजर सत्यनारायण ने बताया कि जल्द ही टैग लेन भी चालू कर दी जाएगी। उसके लिए कंप्यूटरीकरण का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा में लेन बढ़ने और कंप्यूटरीकरण होने से जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
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मालूम हो कि करीब साठ करोड़ की लागत से हाईवे पर बना रेलवे ओवर ब्रिज पहली ही बरसात नहीं झेल पाया। पुल में करीब आधा दर्जन स्थानों पर कई फिट गहरे गड्ढ़े हो गए हैं और स्लेप ज्वाइंट भी टूट गए हैं जिससे सरिया निकल आई हैं। सोमवार के अंक में अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से छापा तब एनएचएआई के अधिकारियों की नींद खुली। सोमवार को जीएम पी शिवशंकर, निर्माण इंचार्ज महेश कौशिक टीम के साथ ओवर ब्रिज पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रोजेक्ट मैनेजर ने एक सप्ताह में मरम्मत का काम पूरा करने का निर्देश दिया। हालांकि पुल में हो रही टूटफूट के लिए वह निर्माण में खामी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण वाहनों की ओवर लोडिंग है। बताया कि 10 चक्का ट्रक में 25 टन लादने का परमिट होता है जबकि 35 से 40 टन लादा जा रहा है। उन्होंने बताया कि दस चक्का ट्रक में इसका वजन तीन एक्सल पर होता है। जबकि 6 चक्का ट्रक में भी दोगुना लोड लादा जा रहा है। बताया कि इससे सड़क पर एक ही स्थान पर दबाव पड़ता है जो सड़क व पुल को क्षतिग्रस्त करता है। निर्माण प्रभारी महेश कौशिक ने बताया कि ओवर लोडिंग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
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फोटो नंबर-20
टोल प्लाजा का हुआ नवीनीकरण
सोहरामऊ। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अब टोल प्लाजा के चलते जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। नवनिर्मित टोल प्लॉजा में लेन की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 हो गई है। गेट कंप्यूटरीकृत कर दिए गए हैं। टोल प्लाजा के जनरल मैनेजर सत्यनारायण ने बताया कि जल्द ही टैग लेन भी चालू कर दी जाएगी। उसके लिए कंप्यूटरीकरण का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा में लेन बढ़ने और कंप्यूटरीकरण होने से जाम की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
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