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गांधी की खादी पर ढाई लाख की चोट
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Wed, 07 Dec 2016 12:11 AM IST
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बड़ा चौराहा स्थित स्वराज्य खादी भंडार में दोपहर के समय सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
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देश व विदेश में मशहूर ‘गांधी’ की खादी को भी नोट का झटका लगा है। बाजार में छोटे नोट की मारामारी से स्वराज्य खादी भंडार की खादी की बिक्री नवंबर माह में दम तोड़ गई। 27 दिनों में ढाई लाख से अधिक का नुकसान झेल चुके हैं। स्वराज्य आश्रम के कर्मचारी दिसंबर माह में भी लाखों का चूना लगता देख सकते में हैं। क्योंकि वेतन के लाले पड़ गए हैं।
जिले में ‘गांधी’ की खादी आज भी आम से खास के बीच खासा पसंद की जाती है। क्वालिटी के लिए मशहूर स्वराज्य खादी भंडार की जिले में अलग-अलग स्थानों में सात दुकानें हैं। जिनका मानीटरिंग केंद्र बड़ा चौराहा स्थित स्वराज्य खादी भंडार है। बड़े नोट की करेंसी पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक से स्वराज्य खादी भंडार पर क्या असर पड़ा है। इसका हाल जानने के लिए अमर उजाला टीम पहुंची तो कर्मचारी सन्नाटे में बैठे थे। बातचीत का केंद्र केवल नोटबंदी था। यहां मौजूद सोनेलाल कनौजिया से नोटबंदी का असर पूछने पर वह भावुक हो गए और बोले कि पिछले नवंबर माह की अपेक्षा इस नवंबर माह में ढाई लाख से अधिक की बिक्री प्रभावित हुई। नवंबर व दिसंबर माह में खादी के साथ ही गर्म कपड़ों के आईटम सबसे ज्यादा लोगों की पसंद होते हैं, लेकिन नोटबंदी ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालात यह हो गए हैं कि दो-चार हजार की बिक्री भी बड़ी मुश्किल से हो रही है। नोटबंदी की चोट से फिलहाल स्वराज्य खादी भंडार का व्यापार दम तोड़ रहा है। नवंबर माह के झटके को देखते हुए दिसंबर माह की उम्मीदों पर भी पानी फिरना तय है।
नोटबंदी की फेर में फंसा वेतन
नोटबंदी की चोट से बिक्री क्या प्रभावित हुई खादी भंडार के कर्मचारियों का वेतन ही फंस गया। अभी तक कर्मचारियों को हर माह नगद भुगतान मिल जाता था। जबकि अब बैंक अकाउंट में वेतन ग्रांट भेजे जाने के निर्देश जारी हुए हैं। बैंकिंग के फेर में फंसने से कर्मचारियों का एक माह बीत जाने के बाद भी वेतन नसीब नहीं हो सका।
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आंकड़ों में नुकसान
नवंबर 2015 में बिक्री- 6.30 लाख
नवंबर 2016 में बिक्री- 4.63 लाख
फोटो 4 बड़ा चौराहा पर एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम बूथ पर लगी कतार।
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जिले में ‘गांधी’ की खादी आज भी आम से खास के बीच खासा पसंद की जाती है। क्वालिटी के लिए मशहूर स्वराज्य खादी भंडार की जिले में अलग-अलग स्थानों में सात दुकानें हैं। जिनका मानीटरिंग केंद्र बड़ा चौराहा स्थित स्वराज्य खादी भंडार है। बड़े नोट की करेंसी पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक से स्वराज्य खादी भंडार पर क्या असर पड़ा है। इसका हाल जानने के लिए अमर उजाला टीम पहुंची तो कर्मचारी सन्नाटे में बैठे थे। बातचीत का केंद्र केवल नोटबंदी था। यहां मौजूद सोनेलाल कनौजिया से नोटबंदी का असर पूछने पर वह भावुक हो गए और बोले कि पिछले नवंबर माह की अपेक्षा इस नवंबर माह में ढाई लाख से अधिक की बिक्री प्रभावित हुई। नवंबर व दिसंबर माह में खादी के साथ ही गर्म कपड़ों के आईटम सबसे ज्यादा लोगों की पसंद होते हैं, लेकिन नोटबंदी ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालात यह हो गए हैं कि दो-चार हजार की बिक्री भी बड़ी मुश्किल से हो रही है। नोटबंदी की चोट से फिलहाल स्वराज्य खादी भंडार का व्यापार दम तोड़ रहा है। नवंबर माह के झटके को देखते हुए दिसंबर माह की उम्मीदों पर भी पानी फिरना तय है।
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नोटबंदी की फेर में फंसा वेतन
नोटबंदी की चोट से बिक्री क्या प्रभावित हुई खादी भंडार के कर्मचारियों का वेतन ही फंस गया। अभी तक कर्मचारियों को हर माह नगद भुगतान मिल जाता था। जबकि अब बैंक अकाउंट में वेतन ग्रांट भेजे जाने के निर्देश जारी हुए हैं। बैंकिंग के फेर में फंसने से कर्मचारियों का एक माह बीत जाने के बाद भी वेतन नसीब नहीं हो सका।
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आंकड़ों में नुकसान
नवंबर 2015 में बिक्री- 6.30 लाख
नवंबर 2016 में बिक्री- 4.63 लाख
फोटो 4 बड़ा चौराहा पर एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम बूथ पर लगी कतार।