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Unnao News: बीसी में दोस्तों ने नहीं दिया साथ, अपमान पर डॉक्टर ने खाया जहर
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गंजमुरादाबाद। बीसी में लगाए रुपये मांगने पर अनादर से क्षुब्ध दंत चिकित्सक ने सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया। गंभीर हालत में परिजन सीएचसी लाए, वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि जिन लोगों के साथ बीसी का काम शुरू किया था, उन्होंने साथ नहीं दिया। इससे पैसा लगाने वाले अपमानित करने लगे।
बांगरमऊ के मोहल्ला नौनिहालगंज निवासी दंत चिकित्सक शिवम त्रिपाठी 21 लोगों के साथ मिलकर बीसी चलाते थे। प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये जमा करता था। उसमें लोगों ने लाखों रुपये लगा रखे थे, लेकिन 21 लोगों की टीम में कुछ लोगों ने पैसा लगाना बंद कर दिया। इससे बीसी का काम डगमगाने लगा। पिछले तीन महीने से जिन लोगों ने रुपये लगाए थे, उन्होंने तगादा शुरू कर दिया।
पिछले दिनों एक युवक ने उनके साथ रास्ते में बदसलूकी भी की। शिवम ने अपने पास से और जेवर बेचकर रुपये दिए, लेकिन जब सब खत्म होता देखा तो शनिवार को उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पीआरवी ने जांच की और उन्हें सीएचसी फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अमर उजाला इस वायरल सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं करता है। कोतवाल राजेश पाठक ने बताया कि अभी कोई शिकायत नहीं आई है। सिर्फ जहर खाने का पता चला है। डॉक्टर का इलाज चल रहा है।
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सुसाइड नोट में लिखी गईं बातें
दंत चिकित्सक शिवम त्रिपाठी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह मूलतः चकहनुमान के निवासी हैं। पिता आजाद त्रिपाठी की कोरोना काल में मौत हो गई थी। उनके खोले चिकित्सालय का संचालन कर रहे हैं। बताया कि नगर के ही 21 लोगों की सामूहिक रूप से आपसी बीसी शुरू की थी। बीच में लोगों ने साथ छोड़ दिया, रुपये लगाने वाले पिछले तीन माह से रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे और अपमानित कर रहे थे। जेवर गिरवी रखकर कुछ लोगों का पैसा भी वापस भी किया। अब हिम्मत न होने से यह कदम उठाया है।
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बांगरमऊ के मोहल्ला नौनिहालगंज निवासी दंत चिकित्सक शिवम त्रिपाठी 21 लोगों के साथ मिलकर बीसी चलाते थे। प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये जमा करता था। उसमें लोगों ने लाखों रुपये लगा रखे थे, लेकिन 21 लोगों की टीम में कुछ लोगों ने पैसा लगाना बंद कर दिया। इससे बीसी का काम डगमगाने लगा। पिछले तीन महीने से जिन लोगों ने रुपये लगाए थे, उन्होंने तगादा शुरू कर दिया।
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पिछले दिनों एक युवक ने उनके साथ रास्ते में बदसलूकी भी की। शिवम ने अपने पास से और जेवर बेचकर रुपये दिए, लेकिन जब सब खत्म होता देखा तो शनिवार को उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पीआरवी ने जांच की और उन्हें सीएचसी फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अमर उजाला इस वायरल सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं करता है। कोतवाल राजेश पाठक ने बताया कि अभी कोई शिकायत नहीं आई है। सिर्फ जहर खाने का पता चला है। डॉक्टर का इलाज चल रहा है।
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सुसाइड नोट में लिखी गईं बातें
दंत चिकित्सक शिवम त्रिपाठी ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह मूलतः चकहनुमान के निवासी हैं। पिता आजाद त्रिपाठी की कोरोना काल में मौत हो गई थी। उनके खोले चिकित्सालय का संचालन कर रहे हैं। बताया कि नगर के ही 21 लोगों की सामूहिक रूप से आपसी बीसी शुरू की थी। बीच में लोगों ने साथ छोड़ दिया, रुपये लगाने वाले पिछले तीन माह से रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे और अपमानित कर रहे थे। जेवर गिरवी रखकर कुछ लोगों का पैसा भी वापस भी किया। अब हिम्मत न होने से यह कदम उठाया है।