{"_id":"cc654665ac9af4fcde9789df2f0fab57","slug":"frad-in-palika-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पालिका ने लगाया 32 लाख का ‘चूना’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पालिका ने लगाया 32 लाख का ‘चूना’
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 23 Jan 2015 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांगरमऊ। नगर पालिका में खर्च किए गए लाखों रुपये के धन की जांच एसडीएम और तहसीलदार न्यायिक ने गुरुवार को शुरू कर दी है। जांच में एक खास अनियमितता सामने आई है। जिसमें समय-समय पर सड़कों पर मात्र चूने के छिड़काव के मद में पालिका प्रशासन ने करीब बत्तीस लाख रुपये की धनराशि खर्च कर डाली है।
नगर पालिका के सुनील कुमार, राशिद, अमरेंद्र अवस्थी, हसीना बानो, इसरार खां, आनंद सिंह अर्कवंशी व अमर सिंह सहित कुल 14 सभासदों ने करीब एक माह पहले प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेज कर पालिका प्रशासन द्वारा सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमितता का आरोप लगाया था। इसी आरोप को संज्ञान में लेकर शासन ने जिलाधिकारी को जांच का निर्देश दिया है।
बुधवार को अचानक एसडीएम सफीपुर शशिकांत प्रसाद और तहसीलदार न्यायिक राजेश कुमार पालिका भवन पहुंचे। जहां ठेके पर तैनात कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जिसमें पता चला कि पालिका प्रशासन संबंधित ठेकेदार को साढ़े सात हजार रुपये प्रति मजदूर के हिसाब से भुगतान कर रहा है, जबकि मजदूरों को मात्र तीन से लेकर साढ़े चार हजार रुपये मजदूरी दी जा रही है।
विज्ञापन
गुरुवार अधिकारी द्वय ने जांच में सड़कों पर चूने के छिड़काव में भारी धनराशि खर्च होना पाया। अभी तक अधिकारियों ने कोई अधिकृत वक्तव्य नहीं जारी किया। इसके बाद भी पालिका सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष 2012-13 मेें चूने के नाम पर 18 लाख 68 हजार, जबकि मौजूदा वर्ष में कुल 14 लाख 69 हजार रुपये खर्च किया जा चुका है। फिलहाल खर्च से संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है।
खर्च नहीं हुआ एक रुपया, दिखा रहे 32 हजार
बांगरमऊ। पालिका भवन में चल रही जांच में सूत्र बताते हैं कि पालिका प्रशासन द्वारा लाश गाड़ी, जेसीबी व लिफ्ट गाड़ी सहित पांच वाहनों की खरीद भी एमए ट्रेडर्स फर्म से की गई है, जबकि टेंडर स्वीकृत खंडेलवाल एंड कंपनी का किया गया है। इसी प्रकार पालिका समाधान दिवसों के नाम पर भी 32 हजार रुपये प्रति माह खर्च दिखाया गया है, जबकि सभासदों के अनुसार समाधान दिवसों पर पालिका द्वारा एक रुपया नहीं खर्च किया गया है।
विज्ञापन
नगर पालिका के सुनील कुमार, राशिद, अमरेंद्र अवस्थी, हसीना बानो, इसरार खां, आनंद सिंह अर्कवंशी व अमर सिंह सहित कुल 14 सभासदों ने करीब एक माह पहले प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेज कर पालिका प्रशासन द्वारा सरकारी धन के दुरुपयोग और अनियमितता का आरोप लगाया था। इसी आरोप को संज्ञान में लेकर शासन ने जिलाधिकारी को जांच का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
बुधवार को अचानक एसडीएम सफीपुर शशिकांत प्रसाद और तहसीलदार न्यायिक राजेश कुमार पालिका भवन पहुंचे। जहां ठेके पर तैनात कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जिसमें पता चला कि पालिका प्रशासन संबंधित ठेकेदार को साढ़े सात हजार रुपये प्रति मजदूर के हिसाब से भुगतान कर रहा है, जबकि मजदूरों को मात्र तीन से लेकर साढ़े चार हजार रुपये मजदूरी दी जा रही है।
विज्ञापन
गुरुवार अधिकारी द्वय ने जांच में सड़कों पर चूने के छिड़काव में भारी धनराशि खर्च होना पाया। अभी तक अधिकारियों ने कोई अधिकृत वक्तव्य नहीं जारी किया। इसके बाद भी पालिका सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष 2012-13 मेें चूने के नाम पर 18 लाख 68 हजार, जबकि मौजूदा वर्ष में कुल 14 लाख 69 हजार रुपये खर्च किया जा चुका है। फिलहाल खर्च से संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है।
खर्च नहीं हुआ एक रुपया, दिखा रहे 32 हजार
बांगरमऊ। पालिका भवन में चल रही जांच में सूत्र बताते हैं कि पालिका प्रशासन द्वारा लाश गाड़ी, जेसीबी व लिफ्ट गाड़ी सहित पांच वाहनों की खरीद भी एमए ट्रेडर्स फर्म से की गई है, जबकि टेंडर स्वीकृत खंडेलवाल एंड कंपनी का किया गया है। इसी प्रकार पालिका समाधान दिवसों के नाम पर भी 32 हजार रुपये प्रति माह खर्च दिखाया गया है, जबकि सभासदों के अनुसार समाधान दिवसों पर पालिका द्वारा एक रुपया नहीं खर्च किया गया है।