फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   flood hit areas

उफान पर गंगा, आबादी में घुसा पानी

Sun, 24 Jul 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Sun, 24 Jul 2016 12:55 AM IST
विज्ञापन
flood hit areas
बाढ़ से प्रभावित - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

पहाड़ी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा तेजी से बढ़ रही है। शनिवार सुबह बैराज के गेट बंद कर दिए जाने से लोगों को जलस्तर घटने की उम्मीद थी। लेकिन इसके बावजूद जलस्तर धीरे-धीरे कर बढ़ता रहा। केंद्रीय जल आयोग गंगाघाट के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 112.140 मीटर रहा। दोपहर 12 बजे 112.160 मीटर पहुंचा और शाम पांच बजे 112.200 मीटर पहुंचा। एसडीएम सदर विनय प्रकाश श्रीवास्तव व तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने शनिवार दोपहर मिश्रा कालोनी बाढ़ केंद्र, कर्बला और हुसैन नगर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लेखपाल को स्थिति पर निगाह रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ राहत केंद्र बना दिए गए है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।

विज्ञापन

करीब डेढ़ सौ घरों की आबादी पानी से घिरी
कटरी किनारे बसे कर्बला और हुसैन नगर के तटीय क्षेत्रों में पानी भर जाने से करीब डेढ़ सौ घरों की आबादी गंगा के पानी से घिर गई है। गलियों में पानी भर गया है। जिससे आवागमन ठप हो गया है। लोग घर के जरूरी कार्य निपटाने के लिए नावों का सहारा ले रहा है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि करीब एक दर्जन परिवार ऐसे है जो घर पर ताला डालकर रिश्तेदारों के यहां चले गए है। यहां बसे लोग छतों पर रात गुजारने को मजबूर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक यदि नरौरा या फि र पहाड़ी क्षेत्रों से और पानी छोड़ा गया तो समस्या बढ़ सकती है।
विज्ञापन


 खतरे के निशान का इंतजार कर रहा प्रशासन
कर्बला और हुसैन नगर में आबादी में घुसे पानी के बारे में जब एसडीएम से पूछा गया तो वह बोले की अभी तो गंगा ने चेतावनी बिंदु क्रास किया है। खतरे के निशान को पार कर जाने दो उसके बाद सोचा जाएगा कि लोगों की क्या करना है। कर्बला और हुसैन नगर में पानी घुस जाने से गलियों में लगे कुछ विद्युत पोल भी गंगा के पानी से घिर गए है। जिनके ऊपर से एलटी लाइन गुजर रही है। लोगों को भय सता रहा है कि कहीं किसी रोज उसमें करंट न उतर आए जिससे बड़ा हादसा हो जाए। लोगों ने बताया कि यदि बिजली विभाग पोल से गुजर रहे तारों के नीचे सेफ्टी जाल बिछा दे तो कम से कम तार टूटने पर पानी में करंट तो नहीं उतरेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed