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पारिवारिक लाभ योजना: 62 फीसदी आवेदन में प्रमाणपत्र फर्जी

Sun, 08 Jan 2017 12:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,उन्नाव
ब्यूरो, अमर उजाला,उन्नाव Updated Sun, 08 Jan 2017 12:26 AM IST
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Family Benefit Plan: 62 percent of fake certificates in application
फर्जी प्रमाणपत्र प्र‌तिकात्मक - फोटो : Getty

पारिवारिक लाभ योजना के साढ़े नौ सौ आवेदनपत्रों में से 62 फीसदी के प्रमाणपत्र फर्जी निकले हैं। आय, जाति आदि प्रमाण-पत्रों की आनलाइन जांच में इसकी जानकारी हुई है। सभी के आय प्रमाणपत्र फर्जी और कई आवेदनपत्रों में तहसीलदार के अलग-अलग हस्ताक्षर मिले हैं। ऐसे में अब आवेदन करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

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मालूम हो कि दो दिसंबर को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में गड़बड़ी मिलने पर डीएम की ओर से 28 आवेदनकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पूर्व मेें डीएम सुरेंद्र सिंह ने सीडीओ संजीव सिंह के साथ समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था। जांच पड़ताल के दौरान पिछले साल 954 आवेदन पत्रों के साथ संलग्न परिवार रजिस्टर की नकल, मृत्यु प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र प्रथम दृष्टया फ र्जी बनाकर संलग्न किए जाने की जानकारी हुई थी। आनलाइन सत्यापन के दौरान 589 आवेदनपत्रों के आय प्रमाणपत्र अमान्य पाए गए।
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जांच में आवेदनपत्र के साथ संलग्न तहसील स्तरीय जांच आख्या भी फ र्जी मिली। आवेदनपत्रों में कई सूचनाएं भ्रामक प्रस्तुत करने की जानकारी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सभी के आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। कई की खाता संख्या अलग और नाम अलग मिले हैं। आवेदनपत्रों में मिलते-जुलते नामों की खाता संख्या डलवाई गई है। परिवार रजिस्टर की नकल, मृत्यु प्रमाणपत्र व सेक्रेटरी के हस्ताक्षर भी गलत मिले हैं।
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विभागीय कर्मचारियों की भी होगी जांच
इस पूरे मामले में विभागीय कर्मचारियों की संलिप्ता का अंदेशा जताया जा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो आय प्रमाणपत्र के लिए तहसील तक आवेदन पहुंचे ही नहीं और आवेदनकर्ताओं ने दलालों के माध्यम से फर्जी हस्ताक्षर व मोहर के जरिए प्रमाणपत्र बनवा लिए।ॉ

इसे लगाकर आवेदन भी कर दिया। आनलाइन जांच के दौरान राजस्व विभाग की साइट पर प्रमाणपत्र जारी करने वाला नंबर फर्जी मिला। पता चला कि आवेदनपत्र तहसील पहुंचे ही नहीं बल्कि बाहर से ही आय प्रमाणपत्र बनाकर जारी भी हो गए।


जांच में शामिल होंगे ये मामले
पूर्व में 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब इसकी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है। विवेचनाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अब जांच में जो मामले प्रकाश में आए हैं, उन्हें भी विवेचना में शामिल कर लें। इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की भी संलिप्ता से इंकार नहीं किया जा सकता। इस मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, उन्नाव।

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